जंगल और मानव का अद्भुत रिश्ता

ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के संदर्भ में जानिए जंगल और मानव के सह-अस्तित्व की अद्भुत कहानी। डॉ. रेखा रानी का यह विशेष लेख प्रकृति और मनुष्य के गहरे रिश्ते को दर्शाता है।

Rate this:

📰 यह विशेष लेख प्रतिष्ठित ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित हुआ है 📰

भारत में सदियों से जंगलों और मानवों का अद्भुत रिश्ता:

सहअस्तित्व की मिसाल, ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व

✍️ लेखिका: डॉ. रेखा रानी (Dr. Rekha Rani)

Tadoba Tiger Reserve

ताडोबा रिजर्व की दहलीज़ पर बसे गांव एक ऐसी अनोखी दुनिया हैं, जहां दिन में इंसानों की आवाजाही रहती है और रात में उन्हीं रास्तों पर बाघों व जंगली जीवों के पदचाप सुनाई देते हैं। यह स्थान हमें सिखाता है कि प्रकृति को समझना और उसका सम्मान करना आवश्यक है—क्योंकि जंगल बचेगा, तभी मनुष्य बचेगा।

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में 1955 में स्थापित ताडोबा रिज़र्व लगभग 1727 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यहाँ तेंदुआ, स्लॉथ भालू, जंगली कुत्ता (ढोल), सांभर, नीलगाय तथा असंख्य पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। हालांकि, अधिकांश पर्यटक यहाँ भारत के राष्ट्रीय पशु रॉयल बंगाल टाइगर को देखने आते हैं, जो शक्ति, साहस और भारत की प्राकृतिक समृद्धि का प्रतीक है।

दिलचस्प तथ्य

ताडोबा “लैंड ऑफ़ टाइगर्स” के बाघ इंसानों से डरकर भागते नहीं, बल्कि दिन के समय सड़कों पर टहलते हुए दिखाई देते हैं। यहां मार्च से मई के बीच “बाघ दर्शन” की संभावना सबसे अधिक रहती है। सामान्यतः पार्क अक्टूबर से जून तक खुला तथा मानसून – जुलाई से सितंबर बंद रहता है।

Image 1

बाघों के नाम

एक रोचक विशेषता यह है कि यहाँ के बाघों को जानी-मानी हस्तियों के नाम दिए गए हैं, जैसे—लारा, माधुरी, गब्बर, शिवाजी, अमिताभ, सोनम, मल्लिका आदि。

गांव और बाघ का अद्भुत रिश्ता

ताडोबा के आसपास बसे कोलारा, मोहरली, खुटबांडा जैसे गांव जंगल, जानवर और इंसान के सह-अस्तित्व का अनूठा उदाहरण हैं। स्थानीय लोग जंगली जानवरों की निजता का सम्मान करते हैं और उन्हें उकसाते नहीं। बाघ और अन्य वन्य जीव भी अनावश्यक रूप से इंसानों पर हमला नहीं करते。

Image 2

बाघ : जंगल का देवता

यहां बाघ को केवल एक हिंसक पशु नहीं, बल्कि जंगल का देवता माना जाता है। स्थानीय निवासियों का विश्वास है कि बाघ का दिखना जंगल की अनुमति या चेतावनी का संकेत होता है。

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पक्ष

यह क्षेत्र मूलतः कोलम और गोंड जनजातियों का है। उनके देवता तरु के नाम पर ही ताडोबा का नाम पड़ा। यहां वन्य जीवों के संरक्षक तरु देव का एक मंदिर भी है, जहाँ वर्ष में एक बार मेला लगता है。

महुआ और आस्था

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, महुआ के पेड़ों में “जंगल माता” का वास होता है। महिलाएं महुआ बटोरने से पहले पूजा कर अनुमति लेती हैं। महुआ ग्रामीणों का भोजन, आजीविका और पारंपरिक पेय का स्रोत है。

Image 3

रात्रि की चेतावनियां और लोक-विश्वास

यहाँ मान्यता है कि रात के समय जंगल से आने वाली विचित्र आवाज़ें चेतावनी हैं, इसलिए अँधेरा होने के बाद घर से बाहर निकलना वर्जित माना जाता है। एक किंवदंती के अनुसार, जो जंगल का अपमान करता है, वह रास्ता भटक जाता है और केवल जंगल के देवता से क्षमा माँगने पर ही सही राह पाता है。

अंधारी नदी: जीवन रेखा

ताडोबा के बीचोबीच बहने वाली अंधारी नदी, वैनगंगा बेसिन की एक सहायक नदी है। यह न केवल वन्य जीवों के लिए जल का मुख्य स्रोत व प्राकृतिक सुंदरता का आधार है。

जंगल के संसाधन व संघर्ष

आसपास के ग्रामीणों को जंगल से लकड़ी, महुआ, शहद, तेंदूपत्ता और अनेक औषधीय पौधे प्राप्त होते हैं। जंगल और गाँव के बीच एक अदृश्य सीमा है। पीढ़ियों से लोग सह-अस्तित्व व अद्भुत संतुलन में जीवन जी रहे हैं, हालांकि कभी-कभी फसलों के नुकसान, मवेशियों पर हमले जैसी परिस्थितियाँ भी उत्पन्न होती हैं।

Image 4

ताडोबा की महिला गाइड को राष्ट्रीय सम्मान

ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व की शहनाज सुलेमान बैग, पहली महिला गाइड को “बेस्ट वाइल्डलाइफ गाइड” के लिए Billy Arjan Singh Award 2025 से सम्मानित किया गया है। ताडोबा सिखाता है कि भारत की प्रकृति केवल संरक्षित क्षेत्रों तक सीमित नहीं, बल्कि वहाँ भी जीवित है जहाँ लोग जंगल के साथ तालमेल बनाकर जीते हैं।

यह लेख मूल रूप से अमर उजाला पर प्रकाशित हुआ है। डॉ. रेखा रानी जी के इस विस्तृत और अद्भुत लेख को पूरा पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें:


📰 पूरा लेख अमर उजाला पर पढ़ें

The great Indian Hornbill

The great Indian hornbill

 

 

Stay happy, healthy and safe-123

#LockDownDay-123

Rate this:

Love is born into every human being;

it calls back the halves of

our original nature together;

it tries to make

one out of two and heal

the wound of human nature.

 

 

–Plato

Stay happy, healthy and safe – 42

To me, Nature is a place where you retreat

whenever you feel exhausted or sad.

I’m more happy when I’m surrounded by

the sound of birds than the sound of people.

– Keanu Reeves

फूलों की कीमत

 

मिट्टी में दबे बीज को हीं

मालूम होता है,

शाखों पर खिले फूलों की

क्या कीमत चुकाई है उसने……….

Like a prayer

I have come to drag you,

out of yourself and take you into my heart.

I have come to bring out the beauty you never knew you had,

and lift you like a prayer to the sky…….

 Rumi

धोखा -कविता Trust

It takes years to build up trust, only seconds to destroy it. But betrayal has its positive side too.

“Out of suffering have emerged the strongest souls; the most massive characters are seared with scars.”
― Kahlil Gibran

 

 किसी ने धोखा क्या दिया ,

आंखे खुल गई।

                                गैरों अौर अपनों की पहचान मिल गई।

आँखों में धूल  झोंकी ,

     दुनिया और बेहतर नजर आने लगी………..

 

Image from internet.

Wings – Quote

You were born with potential.
You were born with goodness and trust.
You were born with ideals and dreams. You were born with greatness.
You were born with wings.
You are not meant for crawling, so don’t.
You have wings.
Learn to use them and fly.

~ Rumi

 

 

Image courtesy Chandni .

वसंत बहार – कविता Spring- poetry

“Faith is the bird that feels the light and sings when the dawn is still dark.”
― Rabindranath Tagore

सारे पत्ते पीले पङ,

झङ गये,  मृत सूना सा,

खङा रह गया पेङ।

पतझङ ने ङरा दिया।

ऐसे हीं हम दुखों से ,

ङर जाते हैं।

यह तो खुशियों के आने से पहले की तैयारी है।

पतझङ के बाद  फूलों से भरे वसंत  बहार जैसा।

Image courtesy internet.

Earth Day

Earth Day—April 22—marks the anniversary

of the birth of the modern environmental

movement in 1970.   Earth Day 2017’s

Campaign is Environmental & Climate Literacy.

पृथ्वी दिवस एक वार्षिक आयोजन है, जिसे 22 अप्रैल को

दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए  आयोजित किया

जाता है। इस साल पृथ्वी दिवस ( 2017) का अभियान

पर्यावरण और जलवायु साक्षरता है।