दोस्ती

बोतल से प्यार कर

महफ़ूज़ रहती है सूरा।

शराबी से आशिक़ी कर,

लगे नशेमन का कलंक।

हिना डाल पर हरी,

पाषाण की दोस्ती से बदल जाए रंग।

कमल का प्यार पानी संग

खिल जाए उसका रूप रंग।

लोहा का प्यार पानी से।

टूटे खा कर जंग।

कुछ लगाव अज़ीम रिश्ते हैं बनाते।

कुछ दोस्ती लगाते है कलंक।

शुभ गणेश चतुर्थी ! Happy Ganesh Chaturthi !

ना तो हम किसी से बंधे हैं ना कोई हमसे।

फिर भी पाने-खोने, जैसी मृगतृष्णा क्यों?

ना किसी के साथ आए ना साथ जाना।

फिर भी अपना-पराया के

सराब / मरीचिका में भटकते हैं क्यों ?

माया-मोह में उलझी यह दुनिया

है कोई जादू, भ्रम या नशा शराब का?

माया मोहिनी, जैसे मीठी खांर
सदगुरु की कृपा भैयी, नाटेर करती भांर।

– कबीर

कबीर कहते है की समस्त माया और भ्रम चीनी के मिठास की तरह आकर्षक होती है।प्रभु की कृपा है की उसने मुझे बरबाद होने से बचा लिया।

Kabir says illusions are attractive like sweet sugar I am blessed by the God, otherwise it would have ruined me.

जिस्म

जिस्म तो पेड़, पहाड़

औरत, पुरुष सभी के होते है।

ना जाने यह जुनून, यह सौंदर्य-बोध कब बना,

जिसमें नारी और पुरुष सिर्फ़

जिस्म सौंदर्य से मापे जाने लग़े।

आज के सौंदर्यशास्त्र में किसी को चाहिए,

जीरो फ़िगर, किसी को चाहिए मसलस।

लीपोसक्शन या मिले सिन्थेटिक सिंथोल से।

सेहत का जो भी हो।

हुस्न, जिस्म से आगे भी होता है,

यह ख़्याल क्यों नहीं आता ज़ेहन में?

Synthol is a substance used by body builders as a temporary implant which is injected deeply into the muscle. The enlargement effects are immediate. Synthol is used to enlarge their volume (for example triceps, biceps, deltoids, muscles of the calf). The side effects of synthol are manifold and they can also cause a damage of nerves.

छल

दर्द और छल बदल देता है आदतें।

धोखा खाए लोग किसी पर

भरोसा करने से डरने लगते है।

दूसरों के छल झेल कर भी जो निश्छल रहे,

वे वह रौशनी हैं जो दमकते रहते हैं

बिना हार माने।

Psychological fact-

long-term effects of being cheated on –

It may take a long time to heal. It can cause

chronic anxiety, post-traumatic stress, depression,

and mistrust for a long time after the event.

ना तौल इंसा को!

नाप-तौल के रिश्ते निभाने वालों

हाथ में लिए तराज़ू,

ना तौल इंसाँ को।

ना भूल,

आकार, रूप, रंग हैसियत नहीं,

हुनर, स्वभाव और गुण काम आते हैं।

जैसे छोटे से छोटे भी अनमोल होते है

हीरा-स्वर्ण-जवाहरात ।

एहसास !

दिल में दबा दर्द मुस्कुराहटों की ओट में पनाह लेता है।

मुस्कुराहटें आँखों के आँसुओं के नमी

के पीछे लुका-छिपी करती है।

क्यों एहसासों को छुपाने का चलन ज़माना सिखाता है?

दिल पर बोझ बढ़ाना सिखाता है?

वही आँखें, वही मुस्कान जो राज़दार बनती हैं,

वही दर्द-ए-दिल राज़ खोल देतीं हैं।

नासूर नहीं इलाज-ए-दर्द चाहिए।

Psychological Fact – Don’t Bury Your Feelings. Being in touch with your feelings will make you a better person, as well as a better parent and partner. Being true to your emotions can make you feel better about yourself.

हम सबसे ज़्यादा अपने हैं !

करो इश्क़ हर साँसों से,

साँसे ज़िंदगी…ताक़त है हमारी।

किसी और के फ़िक्र में ना टूटने दो दिल,

दिल अपना है।

चोट ना लगने दो अपने अंतरात्मा को।

रूह तुम्हारी है,

किसी भीड़ में ना गुम होने दो अपने आप को,

जब टूटने लगो ज़िंदगी में, ठहर कर,

एक गहरी साँस लो और आइने

में निहारो अपने आप को।

याद रखो, हम सबसे ज़्यादा अपने हैं।

कर्म

जब हौसला अफजाई कम

और व्यंग बाण ज़्यादा हो जायें,

मायने बुलंदियाँ क़रीब हैं।

लोगों की निगाहे उठने लगें,

पैर नीचे खिंचने वाले बढ़ जायें,

मायने आसमाँ क़रीब है।

जब दोस्तों से दुश्मन ज़्यादा हो जायें।

लोगों की निगाहों में चढ़ने लगो।

मायने फ़लक के सितारे क़रीब हैं।

बस सब्र रखो, क्योंकि हर किसी के,

कर्म का नतीजा ज़रूर सामने आता है।

मैंने अक्सर देखा है !

होते हैं कुछ लोग

ख़ुशगवार-सुकुमार दिखते पीपल से।

दीवारों-छतों-घरों पर बिन बताए,

बिना अनुमति ऊग आये पीपल से।

नाज़ुक पत्तियों और हरीतिमा भरा पीपल।

समय दिखाता है,

इनके असली रंग।

गहरी जड़ें कैसे आहिस्ते-आहिस्ते गलातीं है,

उन्ही दरों-दीवारों को टूटने-बिखरने तक,

जहाँ मिला आश्रय उन्हें।