दर्द औ दहशत

कितने मगरूर, कितने क्रूर थे वे?
कौन सा लावा था दिल में उबलता?
जो नज़र ना आई असहाय मासूमों की
ख़ौफ़ और दर्द से लरजता चेहरा? जो चले गए,
दुनिया की महफ़िल से छोड़ खिलौना,
उनसे ज़्यादा दर्द औ दहशत में डूबे होंग़े वे,
जिन्होंने अपनी आँखों से देखा दर्दनाक मंजर।

अमेरिका के टेक्सास में एक स्कूल में भीषण गोलीबारी की घटना सामने आई है. इस हमले में 19 बच्चों की मौत हो गई है और कई घायल बताए जा रहे हैं. दो टीचर को भी मौत के घाट उतार दिया गया है. टेक्सास के राज्यपाल ने ये जानकारी दी है. पिछले दिनों भी अमेरिकी में ऐसी ही भीषण गोलीबारी देखने को मिल चुकी है.

Nineteen young children and two adults have died in a shooting at a primary school in south Texas. https://www.bbc.com/news/world-us-canada-61573377.amp

ज़िंदगी ने चुना है!

ज़िंदगी वह गुरु है

जो पर्चे शागिर्दों को देख कर नहीं बनाती है।

बल्कि वह अच्छे शागिर्दों को

कठिनतम इम्तहानों के लिए चुनती हैं।

और यह सिखाती है कि

इस दुनिया में जीवट हीं टिकते हैं –

“सरवाईवल औफ़ द फ़िटेस्ट”।

इसलिए अगर लगे ज़िंदगी कठिनाइयों भरी है।

इसका मायने है, ज़िंदगी ने चुना है तुम्हें,

ख़ास मक़सदों के लिए।

ऋषिकेश की मेरी यात्रा

हिमालय के प्रवेश द्वार – ऋषिकेश की मेरी यह यात्रा बेहद ख़ुशनुमा रही। यहाँ हिमालय की शिखरों से नीचे ऊतर समतल धरा पर शीतल गंगा कलकल- छलछल बहती अद्भुत सम्मोहक लगती है। गंगा के एक ओर के घाटों पर खड़े हो कर दूसरी ओर के किनारे की छटा निराली दिखती है। दूर नज़र आते हैं – परमार्थ निकेतन, राम झूला, सीता झूला, गंगा आरती तथा गंगा तट पर शिव मूर्ति।शाम में होने वाली गंगा आरती की छटा भी निराली और मनमोहक होती है। लोग आस्था के साथ पत्ते के बने दोने में पुष्पों के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर गंगा को समर्पित कर प्रवाहित करते है। नदियों को देवतुल्य मान अद्भुत आस्थामय सम्मान देने की यह परंपरा शायद हीं विश्व में कहीं और नज़र आती है। यहाँ की स्वच्छ पुण्य सलिल गंगा को देख कर ख़्याल आता है – “काश गंगा इतनी हीं स्वच्छता से देश के हर क्षेत्र में बहे।”

ड्रीम कैचर Dream Catcher

हिमालय के प्रवेश द्वार – ऋषिकेश की मेरी यह यात्रा कई मायनों में बेहद ख़ुशनुमा रही। इस बार ऋषिकेश मैं अपनी वर्षों पुरानी बचपन की सहेली मोनी से मिलने गई। जब मैं बद्रीनाथ में थी, तभी मेरी तस्वीर और विडीओ देख कर उस ने मुझे मिलने के लिए आमंत्रित किया। ऋषिकेश जा कर उसके साथ वहाँ घूमना और गंगा आरती देखना बड़ा सुखद लगा। लबालब छलकती, उफनती गंगा की कलकल-छलछल बहती धारा अद्भुत सुकून देती है। गंगा तट पर बैठ कर हम दोनों ने काफ़ी वक्त गुज़ारा। गंगा का किनारा और पुराने दोस्त का साथ, अद्भुत संगम सा एहसास था। मेरी मित्र ने ऋषिकेश के बाज़ार में घूमते समय ड्रीम कैचर के बारे में बताया। मैंने वहाँ से ड्रीम कैचर ख़रीदे।

ड्रीम कैचर – मान्यता है कि ड्रीम कैचर की शुरुआत नेटिव अमेरिका से हुई हैं। किवदंति है कि असिबिकाशी नामक एक महिला ने अपने जादू से बच्चों को बुरे सपनों, बीमारियों और काले जादू से बचाने के लिए उनके बिस्तर के ऊपर ड्रीम कैचर टांगते की शुरुआत की थी। फेंगशुई में ड्रीम कैचर महत्वपूर्ण है। ठीक वैसे, जैसे हम तोरन या वंदनवार को टाँगना शुभ मानते है। खूबसूरत और रंगीन ड्रीम कैचर रसोई में, बुरी नज़र से बचाव के लिए घर के द्वार पर, सकारात्मक ऊर्जा और सुखद यात्रा के लिए शयन कक्ष की खिड़कियों पर लटकाए जाते है। आध्यात्मिक और ब्रह्मांड की सात्विक ऊर्जाएं पाने के लिए ड्रीम कैचर पर ध्यान केंद्रित करना भी अच्छा माना जाता है।

बद्रीनाथ दर्शन Badrinat temple Darshan

मै मंगलवार 10 मई को बदरीनाथ दर्शन करने गई थी। । यह भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र प्राचीन मंदिर है जिसका निर्माण ७वीं-९वीं सदी में हुई थी। यह मन्दिर हिमालय के ऊँचे शिखरों के बीच गढ़वाल में, समुद्र तल से ३,१३३ मीटर (१०,२७९ फ़ीट) की ऊँचाई पर स्थित है। बद्रीनारायण मन्दिर भारतीय राज्य उत्तराखण्ड के चमोली जनपद में अलकनन्दा नदी के तट पर स्थित एक हिन्दू मन्दिरहै। यह हिंदू देवता विष्णु को समर्पित मंदिर है और यह स्थान इस धर्म में वर्णित सर्वाधिक पवित्र स्थानों, चार धामों, में से एक है ।

देहरादून से बद्रीनाथ तक यह यात्रा मैंने लगभग 1घंटे में हेलिकॉप्टर से तय किया। हेलिकॉप्टर से नीचे देखने पर पर्वतों और वादियों के अद्भुत और मनमोहक नज़ारे दिख रहे थे। यात्रा के दौरान बारिश होने लगी और चारो ओर धुँध चा गया। यह एक रोमांचक और ख़ूबसूरत यात्रा थी। यहाँ मंदिर में दर्शन का बेहतरीन इंतज़ाम था। यहाँ पुलिसकर्मीयों ने दर्शन में बहुत सहयोग किया।ये सभी दर्शनार्थियों की हर तरह से सहायता करतें है। यहाँ के लोकल गाईड और ड्राइवर श्री सत्यम राणा ने भी हमारी सहायता की।

ऑटो पाइलट मोड, Autopilot mode – Positive Psychology

तन के ताक़त से मज़बूत है मन।
बस चाहिए अदम्य इच्छा शक्ति और आत्म नियंत्रण।
ज़िंदगी सफ़र है बिखरने-सिमटने, ख़ुशियों-मुश्किलों की।
आइये, चलते है सफ़र-ए-ज़िंदगी।
सभी को अदा करना है रोल अपना ।
उम्र भर सफ़र में तन्हा हों या हो कारवाँ।
अपने आप पर भरोसा बनाए रखिये।
ज़िंदगी आप की है, संयम और जज़्बा बनाए रखिए।
राह-ए- सफ़र में धूप हो के छाँव,
लुत्फ़ उठाईये, सफ़रनामा बेहतरीन बनाए रखिए।

Sometimes we live on an autopilot mode to avoid some issues/problems of life. it feels like someone else is driving your life, not you.

Autopilot is an automatic, fast, and unconscious way of thinking. Living on autopilot means leaning towards the most comfortable thinking mode. Sometimes Our brain developes an unconscious decision-making system so we can take care of routine tasks, but it’s not a good practice. Actually Living on autopilot disengages us from our present and our future.

Signs of Autopilot mode– Live in a fixed routine, avoid trying new things. absent minded behaviour, want to stay in comfortable human autopilot state of habitual activities, failures of awareness, live in comfort zone.

Tips to get you started – Come out of fixed routine, practice mindfulness, come out of your comfort zone, try to train the Brain to take Better Decisions.

यूज़ एंड थ्रो

कुछ लोगों को दूसरों को

इस्तेमाल करने की आदत होती है।

अगर ना करने दिया

तो नाराज़ हो जातें हैं।

पर समझा करो यार –

हर कोई यूज़ एंड थ्रो नहीं होता।

रुख़्सत

विदा करने की हो न हो चाहत।

पर रुख़्सत करना पड़ता है।

चाहे गुज़रे किन्ही हालातों से।

चाहे कैफ़ियत कई हो दिल में।

पर आनेवाले को जाने देना पड़ता है।

दुनिया की है यह रीत।