मैं से मुक्त

कमी

ख़ुद को बक्श दे

सांचो में ढलना

पितृपक्ष

कहते हैं, अंगूठे से पितृ-तीर्थ अर्पित जल
पितरों को तृप्ति और शांति देगा,
नैऋत्य कोण व पीपल तले, तैलदीप
उनका मार्ग प्रकाशित-प्रशस्त करेगा।

यह उन पहुँचा या नहीं,
यह बताने वाला कोई नहीं,
पर यह अद्भुत, ख़ूबसूरत परंपरा आध्यात्म,
विज्ञान या मनोविज्ञान जो भी है,
रूह और दिल को सुकून ज़रूर देती है।
ॐ पितृदेवाय नमः!!

“गुल्लक कहानियों की” मेरी नई बाल कथा किताब पार्थ प्रकाशन द्वारा

बचपन केवल उम्र का एक पड़ाव नहीं,
यह कल्पनाओं, सीखने, समझने, जिज्ञासाओं, सपनों और अनगिनत छोटी-छोटी खुशियों की दुनिया है।

इसी खूबसूरत दुनिया को शब्दों, बाल-मनोविज्ञान, कल्पना और थोड़े-से जादू के साथ पिरोती मेरी नई बाल-पुस्तक जल्द ही पार्थ प्रकाशन से प्रकाशित होने जा रही है।

यह पुस्तक मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि बच्चों के लिए लिखना मुझे बेहद पसंद है। यह किताब बच्चों के लिए कहानियों का संग्रह भर नहीं, बल्कि उनके मन की उस मासूम दुनिया तक पहुँचने का एक छोटा-सा प्रयास है—जहाँ हर कहानी कुछ कहती है, कुछ सिखाती है और कल्पना के नए दरवाज़े खोलती है।

इन कहानियों में है—
बचपन की मासूमियत
कल्पना की उड़ान

मनोविज्ञान की सहज समझ
जीवन के छोटे-छोटे मूल्य
और थोड़ा-सा जादू…

मेरे लिए यह पुस्तक सिर्फ एक प्रकाशन नहीं, बल्कि मेरे मन के बेहद करीब एक रचनात्मक सफ़र है।

सुनहरा अवसर!

सभी कवियों और रचनाकारों के लिए सुनहरा अवसर! डॉ. रेखा रानी सहाय की आगामी पुस्तक “कतरा-कतरा ज़िंदगी का” में अपनी उत्कृष्ट कविता निःशुल्क प्रकाशित करवाएं। अपने शब्दों को दें एक नया और प्रतिष्ठित मंच।

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सुनहरा अवसर - कतरा-कतरा ज़िंदगी का

📢 सुनहरा अवसर!

सभी रचनाकारों और कवियों के लिए…

हर इंसान के दिल में एक कोना ऐसा होता है, जहाँ कुछ यादें, कुछ जज़्बात और कुछ अनकही कहानियाँ छिप कर रहती हैं। हम उन्हीं एहसासों को एक किताब में पिरोने जा रहे हैं।

हमारी आगामी पुस्तक

“कतरा-कतरा ज़िंदगी का”

में अपनी कविता प्रकाशित करवाएं!

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“अपनी कलम उठाईए… अपने दिल के अनछुए कोनों को पन्नों पर उतरने दीजिए…” 🖋️❤️

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🗓️ अंतिम तिथि:
30 अक्टूबर!

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मगरपट्टा सिटी भजन संध्या

गणपति उत्सव के पावन अवसर पर हमारी सीनियर सिटीजन महिला समूह द्वारा प्रस्तुत एक सुमधुर भजन संध्या। इस विशेष प्रस्तुति में मराठी, संस्कृत, हिंदी और तमिल भाषाओं में गाए गए भजनों का आनंद लें।

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🌸 गणपति उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌸

इस भजन संध्या में हमारी महिला समूह ने दर्शकों के समक्ष मराठी, संस्कृत, हिंदी, और तमिल— चार भाषाओं में भजन प्रस्तुत किया ।

🙏 विशेष मार्गदर्शन: इस समूह में हमारी गुरु Kalyani Gurumurthy जी का विशेष मार्गदर्शन और आशीर्वाद हमें प्राप्त है।

🎤 इस प्रस्तुति में भाग लिया था

1. Aparna Mahesh
2. Chandraprabha Kaushal
3. Chithra Jaggar
4. Chithra Jayashilan
5. Jaishri Zanwar
6. Lakshmi Moni
7. Prema Thakur
8. Rajalakshmi Raman
9. Rajalakshmi Rangarajan
10. Shyamala Shrinivas
11. Sonia Sidhwani
12. Sonal Arora
13. Veena murthy
14. Shanta ji

15. Rekha Sahay

🎵 वाद्ययंत्र संगत (Accompanists)

🎹 Harmonium: Shishir ji
🪘 Dholki: Vignesh
🥁 Mridangam: Ramakrishnan ji

आफ़ताब

भरम

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है, जो हमें तब तक सबक सिखाती है जब तक हम ‘भरम’ से बाहर निकलकर असल ‘इल्म’ (ज्ञान) नहीं सीख लेते। डॉ. रेखा रानी की एक बेहद गहरी और प्रेरणादायक कविता।

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Bharam - Dr Rekha Rani Poetry

भरम

जिंदगी गुरु बन, तब तक सबक दोहराती रही,
हमें तराशने और खोने-पाने के
भरम से निकालने के लिए,
जब तक इल्म सीख न लिया।

~ Dr. Rekha Rani ♥️