Stay happy, healthy and safe. -196

धीराःशोकं तरिष्यन्ति लभन्ते सिद्धिमुत्तमं | धीरैः संप्राप्ते लक्ष्मी: धैर्यं सर्वत्र साधनम् ||

अर्थ – बहादुर और ऊर्जावान व्यक्ति शोक रूपी सागर को तैर कर सफलता और धन सम्पत्ति पा लेते हैं | इसी लिये कहा गया है कि धैर्य हर परिस्थिति या विपरीत परिस्थितियों पर सफलता पाने का सर्वोत्तम उपाय है |

Brave and energetic people are able to fathom the ocean of sorrows and achieve success in their endeavors and become rich, It is true that patience and courage are the best means of achieving success in every field during adversity.

एक टुकड़ा चाँद का !

एक टुकड़ा चाँद का ,

खुली खिड़की के अंदर आ गया.

बड़े गौर से देखता रहा ,

थोड़ा मुस्कुराया फिर बोला –

बाहर आओ.

असल दुनिया में!

टूटना या खंडित होना बुरा नहीं होता.

उसे पकड़े रहने की कोशिश ग़लत होती है.

आगे बढ़ते रहने के लिए,

कुछ छोड़ना सीखना ज़रूरी है,

मेरी तरह!

देखो मुझे,

खंडित होना और पूरा होना ही मेरा जीवन है,

मेरी नियति है.

फिर भी मुस्कुराता हूँ.

सितारों के साथ  टिमटिमाता हूँ।

चाँदनी, शीतलता और सौंदर्य फैलाता हूँ.

Stay happy, healthy and safe – 191

The purpose of life, therefore, is the realizing of that prophecy; the unveiling of the immortal man; the birth of the spiritual from the psychical, whereby we enter our divine inheritance and come to inhabit Eternity. This is, indeed, salvation, the purpose of all true religion, in all times. Patanjali.


Patañjali, The Yoga Sutras of Patanjali

प्रकृति के नियम

जब फूल ना खिले।

फल ना हो।

फसल ना बढ़े।

तब मिट्टी, बीज, पानी को ठीक करते हैं,

जिसमें ये बढ़ते है।

या मौसम की कमियों की बातें करते है.

इंसानों अौर बच्चों के मामलों में,

ठीक विपरीत क्यों?

उन पर प्रकृति के ये नियम क्यों नहीं लागू होते?

 

 

 

 

गिरे-बिखरे कुछ लम्हे!

टूट कर गिरे-बिखरे कुछ लम्हे थे,

नज़रों के सामने।

जैसे हवा के झोंके से धरा पर बिखर अाईं,

फूलों की पंखुड़ियों।

कुछ भूले-बिसरे नज़ारें और कुछ यादें ,

जैसे कल की बातें हो।

आज सारे पल,

 अौर  सारी बीतीं घड़ियाँ पुरानी अौर अनजानी लगीं।

ऐसा दस्तूर क्यों बनाया है ऊपर वाले ने?