
शुभ योग दिवस! Happy international Yoga Day2026

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तेजी से फैलते शहरीकरण के बीच पुणे के मगरपट्टा सिटी में स्थित ‘अदिति गार्डन’ जैव विविधता, हरियाली और मानसिक सुकून का एक अद्भुत केंद्र है। डॉ. रेखा रानी का यह विशेष लेख आधुनिक टाउनशिप में प्रकृति के सुंदर तालमेल और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को दर्शाता है।

फोटो : Niranjan Namjoshi
लेखक: डॉ. रेखा रानी (Dr. Rekha Rani) |
प्रकाशित: अमर उजाला, 17 जून 2026
तेजी से फैलते शहरीकरण के बीच अक्सर हरियाली कहीं खो जाती है। पुणे भी तेजी से विकसित होता एक स्मार्ट शहर है, जहां हर तरफ़ कंस्ट्रक्शन कार्य नज़र आते हैं। ऐसे वातावरण में मगरपट्टा सिटी का “अदिति गार्डन” हरियाली और सुकून देता है। पुणे का मगरपट्टा सिटी लगभग 450 एकड़ में फैला एक आधुनिक और हाईटेक टाउनशिप है, जिसका निर्माण लगभग 25 वर्ष पहले हुआ। इसकी विशेषता यह है कि प्रकृति संरक्षण के लिए लगभग 30 प्रतिशत हरित क्षेत्र सुरक्षित रखा गया है। जब अधिकांश शहरों में हरियाली कम होती जा रही है, तब मगरपट्टा में प्रकृति को विशेष महत्व दिया गया है।
मगरपट्टा सिटी के बीचों-बीच लगभग 25 एकड़ भूमि पर बना “अदिति गार्डन” जैव विविधता का सुंदर उदाहरण है। यहां पुराने वृक्षों को संरक्षित करने के साथ कई प्रकार के नए वृक्ष और बाँस के झुरमुट लगाए गए हैं। गार्डन में नीम, बरगद, पीपल, गुलमोहर,灵活 रेन ट्री, अशोक, कनेर, अमलतास, नागलिंगम, कदंब, जामुन, गुड़हल और बोगनवेलिया जैसे अनेक वृक्ष और पौधे दिखाई देते हैं। जिनमें कई वृक्ष आयुर्वेदिक महत्व के हैं।
यहां विभिन्न प्रकार के पक्षी भी नज़र आते हैं, जिनमें तोता, बुलबुल, सनबर्ड, किंगफिशर, कोयल, इंडियन रॉबिन, गौरैया, ब्लैक ड्रॉन्गो और ग्रे हॉर्नबिल प्रमुख हैं। जलाशय के आसपास इंडियन पॉन्ड हेरोन, लिटिल एग्रेट और व्हाइट-ब्रेस्टेड Waterhen जैसे जल पक्षी भी देखे जा सकते हैं।

सफेद-गुलाबी कमल के फूलों से भरा सुंदर ‘लोटस पॉन्ड’
फोटो : Niranjan Namjoshi
फूलों के आसपास उड़ती रंग-बिरंगी तितलियां इस गार्डन की सुंदरता बढ़ाती हैं। यहां प्लेन टाइगर, लाइम बटरफ्लाई, ब्लू टाइगर और ग्रास येलो जैसी तितलियां दिखाई देती हैं। जलाशय के आसपास ड्रैगनफ्लाई, मधुमक्खियां, लेडीबग, प्रेइंग मैन्टिस और अन्य छोटे कीट-पतंगे भी देखे जा सकते हैं
“बरसात की शामों में जुगनू वातावरण को और आकर्षक बना देते हैं। रात के समय गार्डन की लाइट्स के आसपास कई प्रकार के मौथ दिखाई देते हैं, जिनमें लेपर्ड मौथ, टाइगर मौथ और एटलस मौथ प्रमुख हैं। कनेर के वृक्षों के कारण यहां दुर्लभ “ओलिएंडर हॉक मौथ” भी देखने को मिलते है।”
गार्डन के विशाल हरे-भरे मैदान लोगों को आकर्षित करते हैं। यहां सुबह और शाम लोग जॉगिंग, वॉक, योग और मेडिटेशन करते दिखाई देते हैं। गार्डन के मध्य में तिरंगे वाला गोलाकार चबूतरा इसकी सुंदरता बढ़ाता है। यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोग आते हैं। अदिति गार्डन में ओपन जिम में साइकलिंग मशीन, क्रॉस ट्रेनर और अन्य फिटनेस उपकरण उपलब्ध हैं। अदिति गार्डन में एक छोटा लेकिन सुंदर गणपति मंदिर भी स्थित है, जहां सुबह-शाम पूजा होती है।

गार्डन के मध्य में स्थित राष्ट्रगौरव का प्रतीक गोलाकार चबूतरा
फोटो : Niranjan Namjoshi
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अदिति गार्डन का शांत वातावरण और शुद्ध हवा तन और मन दोनों को सुकून पहुंचाती हैं। यह स्थान शहरी जीवन के बीच किसी वन व प्राकृतिक आरोग्यशाला जैसा अनुभव देता है। इस उद्यान की एक विशेषता इसकी साफ-सफाई और सुनियोजित रखरखाव भी है। यहाँ पेड़-पौधों और घास की नियमित कटाई-छंटाई की जाती है।
“अदिति गार्डन यह संदेश देता है कि आधुनिक शहरी जीवन के बीच भी प्रकृति और हरियाली को सहेजकर रखा जा सकता है।”
— डॉ. रेखा रानी




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