
ख़ुद को तराशने की कोशिश



कोशिशें नाक़ाम होगी, किसी की आँखें में भरे अश्क़
औ रूह में भरे दर्द के समंदर को नापने की।
मैं इसकी नाकाम कोशिश हूँ और मेरी गहराईयाँ
गवाह है इसकी, हिलोरे लेते समंदर ने कहा।
बस मलहम लगाने की कोशिशें काम आती है।
इसलिए मैं अपनी लहरों से ज़ख़्म भरने की
कोशिश में लगा रहता हूँ धरा की।
Positive Psychology-
If someone is in pain. Don’t dig deeper. Let it heal.
Instead of showing sympathy, be empathetic. Put yourself in their shoes as empathy is ability to identify with a person.

मान कर चलो कि ज़िंदगी में अच्छा…
सबसे अच्छा समय
अभी आना बाकी है।
अपने अंदर की रौशनी
कभी मरने न दो।
तुम्हारा अपना सर्वश्रेष्ठ
करना ही काफी है।

सूरज रोज़ निकलता है!
कोशिश मायने रखती है।
परिपूर्ण मत बनो,
वास्तविक बनो।
मान कर चलो कि ज़िंदगी
में अच्छा…
सबसे अच्छा समय
अभी आना बाकी है।
लोगों के चेहरे देखते देखते ज़िंदगी कट गई।
चेहरे पहचानना अभी तक नहीं आया।
मेरी बातें सुन आईना हँसा और बोला –
मैं तो युगों-युगों से यही करता आ रहा हूँ।
पर मेरा भी यही हाल है।
मनचाहा दिखने के लिए,
लोग रोज़ नये-नये चेहरे बदलते रहते हैं।
सौ चेहरे गढ़,
कभी मुखौटे लगा, रिश्वत देते रहते हैं।
पल-पल रंग बदलते रहते हैं।
चेहरे में चेहरा ढूँढने और पहचानने की कोशिश छोड़ो।
अपने दिल की सुनो,
दूसरों को नहीं अपने आप को देखो।
The true mark of maturity is when somebody hurts you and you try to understand their situation instead of trying to hurt them back.
कई तरह के लोगों को देखा है।
कुछ तो खोए रहते हैं अपने आप में, कुछ अपने दर्द में।
पर बीमार अौर खतरनाक वे हैं जिन्हें मजा आता है,
दूसरों को बिन कारण दर्द और तकलीफ पहुंचाने में।
सबसे सही संतुलित कौन है?
ऐसे भी लोगों को देखा है,
जो चोट खा कर भी चोट नहीं करते।
आघात के बदले प्रतिघात नहीं करते।
क्योंकि
वे पहले दूसरे की मनःस्थिति को समझने की कोशिश करते हैं।
प्रश्न बङा कठिन है।
दार्शनिक भी है, तात्त्विक भी है।
पुराना है, शाश्वत-सनातन भी है।
तन अौर आत्मा या कहो रुह और जिस्म !!
इनका रिश्ता है उम्रभर का।
खोज रहें हैं पायें कैसे?
दोनों को एक दूसरे से मिलायें कैसे?
कहतें हैं दोनों साथ हैं।
फिर भी खोज रहें हैं – मैं शरीर हूँ या आत्मा?
चिंतन-मनन से गांठें खोलने की कोशिश में,
अौर उलझने बढ़ जातीं हैं।
मिले उत्तर अौर राहें, तब बताना।
पूरे जीवन साथ-साथ हैं,
पर क्यों मुश्किल है ढूंढ़ पाना ?
प्रकृति हमेशा तालमेल बनाये रखने की कोशिश करती है.
बशर्ते, मानव उसे बर्बाद ना करे!

distinctly two-tone mouse deer that was feared lost to science has been captured on film foraging for food by camera traps set up in a Vietnamese forest. The pictures of the rabbit-sized animal, also known as the silver-backed chevrotain, are the first to be taken in the wild and come nearly 30 years after the last confirmed sighting.
आसमान छूने की चाहत छोड़,
कैद कर लिया है अपने को,
अपनी जिंदगी को,
खुले दरवाजे और शीशे की कुछ अजनबी दीवारों, खिड़कियों में।
जैसे बंद पड़ी किताबें,
कांच की अलमारी से झांकती हैं अपने को महफ़ुज मान,
पन्नों में अपनी दास्तानों को कैद कर।
अब खाली पन्नों पर,
अपने लफ्ज़ों को उतार
रश्म-ए-रिहाई की नाकाम कोशिश कर रहें हैं।
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