
टपकते कतरे


मेरी एक कहानी “कर्ण” प्रतिष्ठित हिंदी साहित्यिक पत्रिका प्रतिज्ञान में प्रकाशित हुई है।
यह कहानी मेरे हृदय के बहुत निकट है — महाभारत के कर्ण के अंतर्मन, उसकी उदारता और मौन गौरव को शब्द देने का मेरा एक छोटा-सा प्रयास है।
इस रचना का इस पत्रिका में स्थान पाना मेरे लिए हर्ष और प्रेरणा दोनों है।
कहानी की लिंक नीचे दी गई है।
I’m delighted to share that my story “Karn” has been published in a renowned Hindi Literary Magazine- Pratigyan.
This story, close to my heart,explores the depth and silent strength of Karna — one of the most inspiring figures from the Mahabharata.
It’s a small but meaningful milestone in my writing journey, and I’m happy to share this joy with all of you.
The link to the magazine and the story is also given below.
https://www.amazon.in/kindle/redeem/?t=GS942YX8XTCRWAU


स्वामी विवेकानन्द
एक छोटे बच्चे ने स्कूल से आ कर अपनी माँ को एक कागज दिया। उसने कहा, “माँ, मेरे शिक्षक ने यह लेटर दिया है और कहा, इसे सिर्फ़ तुम पढ़ोगी। माँ, इसमें क्या लिखा है?” माँ ने ऊँची आवाज़ में पढ़ा- “आपका बेटा एक जीनियस है। यह स्कूल उसके लिए बहुत छोटा है और उसके लायक़ प्रशिक्षित और अच्छे शिक्षक हमारे पास नहीं हैं। कृपया आप उसे स्वयं पढ़ाएं।” बच्चे की माँ ने यही किया। आगे चल कर वह सदी का सबसे महान वैज्ञानिक बन गया। जिसने अनेक महत्वपूर्ण खोज किये।
मां की मृत्यु के कई सालों बाद, उस महान वैज्ञानिक को अपनी माँ के काग़ज़ों में अपने शिक्षक का लिखा वही पुराना पत्र मिला, जिसे उसके शिक्षक ने सिर्फ़ उसकी माँ को देने कहा था। उस वैज्ञानिक ने उसे खोला और पढ़ने लगा। पत्र में लिखा था – “आपका बेटा मानसिक रूप से कमजोर है। हम उसे अब अपने स्कूल में नहीं आने दे सकते। उसे स्कूल से निकाला जा रहा है।” यह थॉमस एडिसन के बचपन की सच्ची कहानी है। शिक्षक के नोट को पढ़ने के बाद एडिसन ने अपनी डायरी में लिखा: “थॉमस एडिसन एक मानसिक रूप से कमजोर बच्चा था जिसकी माँ ने उसे सदी के जीनियस में बदल दिया।” वाणी वह हथियार है और जो नष्ट या निर्माण, उत्थान या पतन कर सकती है।

ख्वाहिश है अगली बार,
उम्र तुम्हारी लंबी हो यार।
तुम समझो, क्या होती है यादें
तुम जानो, क्या होता है तोड़ना वादें।
बस इतनी सी है मेरी बिखरी जहानी।
मेरी गुमशुदा ज़िंदगी की कहानी।
अर्थ- जहानीः worldly, relating to the world
बँटवारा हो तब
ख़ुशियाँ तुम रख लो,
ग़म मेरे पास रहने दो।
अपने हिस्से की ख़ुशियाँ हम
ख़ुद रचेंगे, ख़ुद कमाएँगे।
अभी थोड़ी ख़ुशियाँ दे दो मुझे भी।
दुनिया को तुमसे मिले विरासत दिखाने के लिए।
चेहरे पर मुस्कान की मास्क लगा दुनिया
के सामने जाने के लिए।
बस इतनी सी है, तेरी मेरी कहानी।

topic by – yourQuote
ऑलिव रीडले जो कछुओं की एक दुर्लभ प्रजाति है। समुद्र तटों पर अंडे देने काफी कम नज़र आने लगे थे। लौक-ङॉउन में ये काफी संख्या में देखे गये। अवसर मिलते हीं प्रकृती ने अपनी खूबसूरती, शक्ति अौर संतुलन को वापस पा लिया।
हर हँसी के पीछे छुपी एक ना एक कहानी होती है।
कुछ बेमानी,
कुछ जानी या
अनजानी होती है।
कुछ मोनालिसा सी रहस्यमय पहेली होती है।
कुछ ख़ुशियों भरी और
कुछ के पीछे छुपी आँसुओं की कहानी होती है.
चाहे कहो इसे मनोविज्ञान या विज्ञान में जेलोटोलॉजी
पर यह तय है कि हर हँसी पैग़ाम होती है ख़ुशियों की
अौर गम भुला,
सीखा देती है, जिंदगी में मुस्कुराने की।
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