
ज़िंदगी एक पहेली

ज़िंदगी एक पहेली
हर हँसी के पीछे छुपी एक ना एक कहानी होती है।
कुछ बेमानी,
कुछ जानी या
अनजानी होती है।
कुछ मोनालिसा सी रहस्यमय पहेली होती है।
कुछ ख़ुशियों भरी और
कुछ के पीछे छुपी आँसुओं की कहानी होती है.
चाहे कहो इसे मनोविज्ञान या विज्ञान में जेलोटोलॉजी
पर यह तय है कि हर हँसी पैग़ाम होती है ख़ुशियों की
अौर गम भुला,
सीखा देती है, जिंदगी में मुस्कुराने की।
टेढी -मेढी बल खाती पगङंङी, ऊँची- नीची राहें ,
कभी फूलों कभी कांटों के बीच,
तीखे मोड़ भरे जीवन का यह सफ़र
मीठे -खट्टे अनुभव, यादों,
के साथ
एक अौर साल गुज़र गया
कब …..कैसे ….पता हीं नहीं चला।
कभी खुशबू, कभी आँसू साथ निभाते रहे।
पहेली सी है यह जिंदगी।
अभिनंदन नये साल का !!!
मगंलमय,
नव वर्ष की शुभकानायें !!!!