Stay happy, healthy and safe-150

#CoronaLockdownDay – 150

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Once you start making the effort to

“wake yourself up”

– that is, be more mindful in your activities

– you suddenly start appreciating life.

 

 

 

— Robert Biswas-Diener, Positive Psychologist

Stay happy, healthy and safe-146

#CoronaLockdownDay – 146

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A joyful life is an individual creation

that cannot be copied from a recipe.

 

According to Csikszentmihalyi, people are at their optimal level of happiness when they are in a state of “flow.” This is a state complete immersion – mentally, physically, and emotionally.

During flow, people are so engrossed in their activities, they fail to notice even hunger and time. People in flow are less concerned with external rewards; they do the activity out of sheer pleasure.

— Mihaly Csikszentmihalyi,Positive Psychologist, Father of “Flow

Image- Aneesh

प्लेटोनिक प्रेम

यह प्राचीन, दार्शनिक व्याख्या है। जो सिर्फ गैर-प्लेटोनिक प्रेम को जानते हैं, उन्हें त्रासदी पर बात करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस तरह के प्रेम में किसी प्रकार की त्रासदी का स्थान नहीं हो सकता। – लियो टॉल्स्टॉय।

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प्लेटोनिक संबंध या प्रेम दो लोगों के बीच एक विशेष भावनात्मक और आध्यात्मिक संबंध है, जो सामान्य हितों, मिलते-जुलते विचारों,  आध्यात्मिक संबंध, और प्रशंसा  हैं। अधिकांश दोस्ती व्यक्तिगत रुप से या कार्यस्थान से शुरू होतें हैं।

इसका नाम ग्रीक दार्शनिक प्लेटो के नाम पर रखा गया है, हालांकि उन्हों ने कभी भी इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया।  प्लेटोनिक प्रेम निकटता से हुए आत्मियता, लगाव  अौर  आकर्षण  है। इसमें शारीरिक लगाव या आकर्षण से ज्यादा ज्ञान और सच्चे सौंदर्य के साथ जुड़ाव होता हैं।

 

 

Platonic Relationships / love

This is the ancient, philosophical interpretation And those who only know the non-platonic love have no need to talk of tragedy. In such love there can be no sort of tragedy. ― Leo Tolstoy,

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Platonic love is a special emotional and spiritual relationship between two people who love and admire one another because of common interests, a spiritual connection, and similar worldviews. It does not involve any type of sexual involvement. Most friendships begin as either personal or professional.

It is named after Greek philosopher Plato, though the philosopher never used the term himself. Platonic love as devised by Plato concerns rising through levels of closeness to wisdom and true beauty from carnal attraction to individual bodies to attraction to souls, and eventually, union with the truth.

 

 

 

Courtesy – https://www.psychologytoday.com/intl/blog/the-empowerment-diary/201802/the-secret-platonic-relationships

संगीत सुने अौर खुश रहें

अपने मनोवैज्ञानिक चिकित्सक स्वंय बने – संगीत खुशी को बढ़ा कर आपके तनाव व चिंता को कम कर सकता है।
Be your own therapist -music can boost happiness and reduce anxiety.

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क्या आप जानते हैं गीत, संगीत सुनना हमारे लिए अच्छा है. विभिन्न शोधों और अध्ययन से यह पता चला है खुशियों भरा संगीत हमारा मूड अच्छा करता है. इससे हमारी बेचैनी और तनाव में कमी आती है. इससे एंटीबॉडी का स्तर यानी रोगों के खिलाफ लड़ने की हमारी शारीरिक क्षमता में भी सुधार आता है और पीड़ा या दर्द के अनुभूति में कमी आती है. मनपसंद और मधुर गानों के सुनने से मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन का बहाव होता है. न्यूरोलॉजिकल अध्ययन बताते हैं खुशगवार संगीत हमारे मस्तिष्क के ऐसे केंद्रों को सक्रिय करता है जिससे डोपामिन रिलीज होता है. यही कारण है कि लोरी , भजन,  कीर्तन का प्रभाव सकारात्मक होता है. 

मुस्कुराते रहें !

खुशियों का मनोविज्ञान, अपने मनोवैज्ञानिक चिकित्सक स्वंय बने। Be your own therapist -Keep Smiling! It can trick your brain into happiness and boost your health.

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हम खुशियाँ नहीं खरीद सकते है। लेकिन एक मुस्कुराहट से मस्तिष्क में रासायनिक संतुलन  पैदा कर सकते हैं।  मनोवैज्ञानिकों अौर न्यूरोलॉजिस्टों के खोज बताते हैं – जब आप मुस्कुराते हैं, तब मस्तिष्क की एक रासायनिक प्रतिक्रिया डोपामाइन और सेरोटोनिन सहित कुछ हार्मोनों को छोड़ती है।सेरोटोनिन अौर डोपामाइन खुशी की हमारी भावनाओं को बढ़ाता है।

 हर बार जब आप मुस्कुराते हैं, तब दिमाग में एक  फील गुड  एहसास होता हैं। मुस्कुराहट  तंत्रिका संदेश को सक्रिय करता है। जो आपको स्वस्थ्य  और प्रसन्नचित बनाता है। हैपी हारमोन या  फील-गुड न्यूरोट्रांसमीटर- डोपामाइन, एंडोर्फिन और सेरोटोनिन- सभी तब रिलीज़ होते हैं, जब आपके चेहरे पर एक मुस्कान आती है। साथ-साथ यह चेहरे पर चमक लाता है । यह न केवल आपके शरीर को आराम देता है, बल्कि यह आपके हृदय गति और रक्तचाप को भी कम करता है।

दुर्भाग्य की बात है कि  कई स्थितियों मे चिकित्सकों को  एंटीडिप्रेसेंट दवा से डोपामाइन और सेरोटोनिन को बढ़ाकर चिकित्सा  करना पङता हैं। आप मुस्कुरा कर बङे आराम से हैपी हारमोन या  फील-गुड न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को स्वाभाविक रूप से बढ़ा सकते हैं। 

Interesting fact – Happy Sun !!!

Ô, Sunlight! The most precious gold to be found on Earth.” ― Roman Payne

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People who spend more time in the sun

are likely to be happier and happy people

are more likely to fall in love because

their happiness is infectious. 

 

Courtesy-https://www.psychologized.org/100-amazing-psychology-facts/

प्लेसीबो इफेक्ट

अपने मन का खुद इलाज संभव है, बस सकारात्मक सोच की जरुरत है।

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प्लेसीबो इफेक्ट ऐसी चिकित्सा को कहते हैं जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नही है। ऐसी चिकित्सा पद्धति या तो प्रभावहीन होती है, या काफी सुधार दिखता है। उसका कारण साकारात्मा मानसिक स्थिति होती है। प्लेसीबो के उपयोग से अक्सर लाभ होता दिखता है। जिसे प्लेसीबो इफेक्ट या प्लेसीबो रिस्पॉन्स कहते हैं। प्लेसीबो इफेक्ट के पीछे कई अन्य साकारात्मा मानसिक ‘प्रभाव’ होते हैं जो लाभ पैदा करते हैं। इस विषय पर अनेकों मनोवैज्ञानिक शोध चल रहें है।

इसे एक नकली उपचार भी कह सकते हैं। एक निष्क्रिय पदार्थ जैसे कि चीनी या जल दवा के तौर पर देने पर कभी-कभी, कुछ हालातों में रोगी की स्थिति में सुधार होती हैं क्योंकि व्यक्ति को यह उम्मीद होती है कि यह असल दवा है जो मददगार होगी। पर यह हर हालात में काम नहीं करती। कुछ स्थितियों में प्लेसीबो प्रभाव एक शक्तिशाली तरीका साबित हो रहा है।। एक व्यक्ति जितना अधिक विश्वास करता है कि वे एक उपचार से लाभान्वित होने जा रहे हैं, उतनी अधिक संभावना है कि वे लाभ का अनुभव करेंगे।

 

 

 

 

 

 

 

What is Placebo Effect

Treating yourself with your mind is possible, but there is more to it than positive thinking.

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Placebo effect: Also called the placebo response. A remarkable phenomenon in which a placebo — a fake treatment, an inactive substance like sugar, distilled water, or saline solution — can sometimes improve a patient’s condition simply because the person has the expectation that it will be helpful. Expectation to plays a potent role in the placebo effect. The more a person believes they are going to benefit from a treatment, the more likely it is that they will experience a benefit.

To separate out this power of positive thinking and some other variables from a drug’s true medical benefits, companies seeking governmental approval of a new treatment often use placebo-controlled drug studies. If patients on the new drug fare significantly better than those taking placebo, the study helps support the conclusion that the medicine is effective. The power of positive thinking is not a new subject.Research is ongoing as to why some people experience changes even when they are only receiving a placebo.

 

courtesy- https://www.medicinenet.com/script/main/art.asp?articlekey=31481