रक़्स-ए-जुगनू

देखा है कभी रक़्स-ए-जुगनू ,

अपने आप से इश्क़ करनेवाले,

नृत्य में डूबे जुगनुओं को?

रातों में अपनी रौशनी में महफ़िलें सजाते?

अँधेरे में बिखेरते अपने उजाले से दुनिया को रिझाते?

अपनी रौशनी से दीवाली मनाते?

दिया सा जलाते, बे-रौशन रातों में?

वैसे हीं अपनी रूह को रौशन रखो!

हौसले का एक सितारा दमकने दो।

यह जीवन के हर पल को रौशन करेगा, अंधकार हरेगा।

Interesting Psychological fact- Self-esteem is your overall opinion of yourself. If you have healthy self-esteem, you feel good about yourself and see yourself as deserving. When you have low self-esteem, you put little value on your opinions and ideas.

रेशम सी नाज़ुक

हर रिश्ते के दर्मियान होती है एक डोर।
रेशम सी नाज़ुक विश्वास और भरोसे से बंधी।
राज़, रहस्य, बेवफ़ाई और झूठ आयें बीच में,
तो टूट कर बिखर जाती है।
ग़र बनाने हो या निभाने हों रिश्ते,
एक दूसरे को सब बताओ, सच बताओ।
ग़र सच सहने का ताब ना हो तो मुरझाने दो इन्हें।
रूह की आईनों में देखो, तुम्हें रिश्तों में क्या चाहिए।
वही दो दूसरों को।
वरना ज़िंदगी क़ैद बन जाएगी।

Happy Psychology! Positive Psychology! – Honesty Can Make or Break a Relationship. When you know you can totally trust your mate, it strengthens your love.

क़तरे आँसुओं के

क़तरे आँसुओं के

दर्द , ग़ुस्सा आँसू पीते जाने से

रूह की प्यास मिटती नहीं है।

दर्द नासूर बन टीसने लगता है।

फिर भी अक्सर नज़र आतें हैं

दर्द छुपाते नक़ली मुस्कान भरे चेहरे,

मुस्कुराती आखें और आँखों में छुपे

झिलमिलाते क़तरे आँसुओं के।

Psychological fact – Denial is best known defense mechanisms, used when people are unable to face reality or admit an obvious truth to protect their ego.

ज़ख़्म भरने की कोशिश

कोशिशें नाक़ाम होगी, किसी की आँखें में भरे अश्क़

औ रूह में भरे दर्द के समंदर को नापने की।

मैं इसकी नाकाम कोशिश हूँ और मेरी गहराईयाँ

गवाह है इसकी, हिलोरे लेते समंदर ने कहा।

बस मलहम लगाने की कोशिशें काम आती है।

इसलिए मैं अपनी लहरों से ज़ख़्म भरने की

कोशिश में लगा रहता हूँ धरा की।

Positive Psychology-

If someone is in pain. Don’t dig deeper. Let it heal.
Instead of showing sympathy, be empathetic. Put yourself in their shoes as empathy is ability to identify with a person.

लक्ष्य

कहते हैं ग़र अफ़सानों को अंजाम तक मौन रख कर ले जाये तो कोशिशें कामयाब होतीं है। ना राज़ खोलें ज़बान से, ना नज़रों से। तो नज़रें नहीं लगेंगी। लक्ष्य पाना है, तो बातों को अपनों से और ग़ैरों से राज़ बना सीने में छुपा रखना हीं मुनासिब है।

Psychology Fact- Research Reveals That Announcing Your Goals Makes You Less Likely to Achieve Them

खामोशी

ख़ामोशी की क़दर करने वाले लोग,

हर लम्हें जीते हैं।

सही वक़्त मिले, दिल मिलें।

गुलिस्ताँ में गुलाब से लगाने वाले

अपने जैसे लोग मिलें।

दिल की बातें दिलों तक जाए।

तब कम बोलने वाले भी क्या ख़ूब बोलते हैं।

Psychological Fact- Quiet people are actually very talkative around the right people.

ठेस

अपने दर्द औ तकलीफ़ को बहाना ना बनाओ,

दूसरों के ठेस पहुँचाने का।

वरना ना तुम्हारा चोट ठीक होगा ना दर्द जाएगा।

यह अपने घाव को कुरेदते रहने जैसा है।

फ़िक्र

फ़िक्र में डूबे हुए क्यों हैं हम?

अपने वजूद की अहमियत छोड़?

फ़िक्र में डूबे दिलो-दिमाग़

और भटकते ख़्वाब

सुकून कैसे पहुँचाएगें?

क्यों गँवानी आधी ज़िंदगी

फ़िक्र के अंधेरे में?

जहाँ ना पता चले

रौशनी और बहार

कब आए कब गये?

Psychological fact

Overthinking is caused by a single emotion: fear. When you focus on all the negative things that might happen,

ज़िंदगी के रंग -231

ज़िंदगी के जंग में,

जब हम अपना सम्मान करना,

अपने लिए खड़े होना

सीखने लगते है।

तब कई लोग हम से

दूर हो जातें है।

वे साथ नहीं छोड़ते

क्योंकि वे कभी

साथ थे हीं नहीं।

बस दिखने लगती है

सब की फ़ितरत।

जो अपने हैं,

वो तो हमेशा

साथ खड़े मिलेंगे।

Why We Love Narcissists – Have you ever wondered why selfish, arrogant, and entitled individuals are so charming? These narcissistic people have parasitic effects on others/ society. Narcissists manipulate credit and blame in their favor.
Research by January 15, 2014

ज़िंदगी के रंग – 229

ख़ुशियों के खोज़ में

गुज़रती जा रही है ज़िंदगी।

कितनी गुजारी यादों में

कितनी कल्पना में ?

है क्या हिसाब?

ग़र आधी ज़िंदगी गुज़ारी

अतीत के साये में

और भविष्य की सोंच में।

फिर कैसे मिलेगी ख़ुशियाँ ?

और कहते है –

चार दिनों की है ज़िंदगी,

चार दिनों की है चाँदनी ।

Wandering mind not a happy mind ( A research result)

Harvard psychologists Matthew A. Killingsworth and Daniel T. Gilbert used a special “track your happiness” iPhone app to gather research. The results: We spend at least half our time thinking about something other than our immediate surroundings, and most of this daydreaming doesn’t make us happy.

About 47% of waking hours spent thinking about what isn’t going on.

https://news.harvard.edu/gazette/story/2010/11/wandering-mind-not-a-happy-mind/