परिवर्तन स्वीकार करें। Don’t resist the changes

दो विचार, दो अलग युग में जिसके अर्थ समान हैं। Two thoughts of two different eras with similar meaning.

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परिवर्तन संसार का नियम है।।

Change is the law of the universe.

गीता, THE GEETA

 

 

 

परिवर्तन स्वीकार करें

जीवन की धारा के साथ चलें, विपरीत नहीं।

 आपको लगता है , जीवन में गलत हो रहा है ?

लेकिन आप कैसे जानते हैं, आपके लिये सही क्या है?

Instead of resisting to changes, surrender.

Let life be with you, not against you.

If you think ‘My life will be upside down’ don’t worry.

How do you know down is not better than upside?

 

– Shams Tabriz ( Rumi’s spiritual Instructor)

सूरज ङूबने के बाद

सूरज ङूबने के बाद

क्षितिज़ के ईशान कोण पर

दमकता है एक सितारा…..

शाम का सितारा !

रौशन क़ुतबी सितारा

 ध्रुव तारा…

सूरज डूब जाए तब भी,

अटल और दिव्यमान रहने का देता हुआ संदेश.

Stay Happy, healthy and safe -38

शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् ।।
śarīramādyaṃ khalu dharmasādhanam

शरीर ही सभी धर्मों (कर्तव्यों) को पूरा करने का साधन है। अर्थात शरीर को सेहतमंद बनाए रखना जरूरी है। इसी के होने से सभी का होना है अत: शरीर की रक्षा और उसे निरोगी रखना मनुष्य का सर्वप्रथम कर्तव्य है। पहला सुख निरोगी काया।

Body is instrument for all (good) deeds.

So its our most important duty to protect it

and keep it healthy.

~उपनिषद