
शुभ योग दिवस! Happy international Yoga Day2026



यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।।
(जीवन में आने वाली विपरीत परिस्थितियों में हौसला दिलानेवाला श्रीमद्भगवद्गीता श्लोक)
भगवान श्रीकृष्ण ने संसार को गीता के ज्ञान रूप में अपनी विशेष कृपा प्रदान की है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गीता जयंती मनाई जाती है.
Gita Mahotsav is an event centred around the Bhagavad Gita, celebrated on the Shukla Ekadashi, the 11th day of Margashirsha the waxing moon of the (Agrahayan) month of the Hindu calendar. It is believed the Bhagavad Gita was revealed to Arjunaby Krishna in the battlefield of Kurukshetra.
‘तू करता वही है , जो तू चाहता है ,
होता वही है जो मै चाहता हूँ।
तू वही कर ,जो मै चाहता हूँ ,
फिर होगा वही ,जो तू चाहता है। ‘
-श्रीमद्भागवत गीता
Happy Birthday lord Krishna!

क्यों आज़ लोग खुश और संतुष्ट नहीं?
क्यों लोग स्वयं को नहीं, दूसरों को देख रहें हैं?
आध्यात्मिक-मानसिक प्रगति से दूर,
भाग रहें हैं भौतिक प्रगति की ओर।
पर है स्वयं के गोली-बारी, हिंसा से लहू-लुहान।
गीता ने सदियों पहले बताया,
जो तुम्हारे पास है उसमें संतुष्ट, ख़ुश रहना सीखो,
क्योंकि ख्वाहिशें तो अनंत हैं।
सन्तुष्टः सततं योगी यतात्मा दृढनिश्चयः।
मय्यर्पितमनोबुद्धिर्यो मद्भक्तः स मे प्रियः।।12.14।।
अर्थ- संयतात्मा दृढ़निश्चयी योगी सदा सन्तुष्ट है।
जो अपने मन और बुद्धि को मुझमें अर्पण किये हुए है?
वह मुझे प्रिय है। (भगवद् गीता अध्याय 12 श्लोक 14)

Salman Rushdie Stabbed In Neck At New York Event, Taken To Hospital. https://www.ndtv.com/world-news/author-salman-rushdie-attacked-on-stage-at-an-event-in-new-york-news-agency-pti-3249899/amp/1
तन थके तो आराम चाहिए।
मन थके तो सुकून चाहिए।
“जो होगा अच्छा होगा”
मन के सुकून और शांति के लिए,
यह विश्वास क़ायम रखना है ज़रूरी।
कोशिश से बना सकते है यह यक़ीन।
गीता में छुपा है यह जीवन सार –
जो हुआ अच्छा हुआ।
जो हो रहा है वह अच्छा है।
जो होगा वह भी अच्छा होगा।

महाभारत युद्ध के समय
श्री कृष्ण उपदेश देते है।
कर्म-धर्म के सच्चे ज्ञान की,
जब अर्जुन अपनों से युद्ध करने
से हिचकिचाता हैं तब।
क्या महाभारत और गीता
नहीं है, हम सब के अंदर।
मानसिक द्वन्द के समय
हमारा दिल कृष्ण बन
समझाता है,
दिमाग़ अर्जुन बन
दुविधा में घिर जाता है।
शुभ गीता जयंती!!
Happy Geeta Jayanti !!!
मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती मनाई जाती है। इस दिन मोक्षदा एकादशी भी कहते है। इस बार गीता जयंती 14 दिसंबर को मनाई जा रही है। मान्यता है गीता ग्रंथ का प्रादुर्भाव मार्गशीर्ष मास में शुक्लपक्ष की एकादशी को हुआ था।
यह पोस्ट भारतीय योग संस्थान द्वारा आयोजित शिविर के लिए लिखा गया है।
दो विचार, दो अलग युग में जिसके अर्थ समान हैं। Two thoughts of two different eras with similar meaning.
– Shams Tabriz ( Rumi’s spiritual Instructor)
रूमी की पंक्तियों आपको क्या कहतीं हैं? ज़रूर बतायें. आप सबों के विचार मेरे लिए बेहद मायने रखते हैं.
रूमी को मैंने कुछ साल पहले मायूसी के पलों में, गहराई से पढ़ना शुरू किया था. अब गीता, कबीर, रूमी, नानक और ढेरों संतों की बातों और विचारों में समानता पाया. इनकी पंक्तियाँ मुझे गहरा सुकून देतीं हैं.
जीवन के बाद के जीवन, को जानने की लालसा इतनी प्रबल है कि ,
मन व आत्मा को हमेशा खींचता है अपनी ओर.
जीवन के अंत से ङरे बिना।
उसमें अब एक लालसा और जुड़ गई है – किसी से मुलाक़ात की.
मिलेंगे फिर वहाँ, जहाँ एक और जहाँ… दुनिया हैं.
भीड़ और परखने वाली नज़रों से दूर…. सही ग़लत से दूर .
What did Rumi mean when he said:
Out beyond ideas of wrongdoing
and rightdoing there is a field.
I’ll meet you there.
When the soul lies down in that grass
the world is too full to talk about.

Rumi ❤️
एक दिन ऊपर वाले ने कहा –
हर दिन कुछ ना कुछ
नये की कामना हैं तुम्हें.
कभी नया भगवान भी तो
आजमा कर देखो.
बहुत कुछ नया मिल जायेगा.
गीता और रामायण के बाद
आजकल कुरआन और बाइबल
पढ़ने लगी हूँ……
Source: गीता , कुरआन , बाइबल -कविता
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