जान पर खेल कर जाना कहाँ है? बाहर का-रोना क्यों? बाहर कारोना है। कोरोना से जान बचाना है , क्योंकि जान है तो जहान है! तुम्हारी ज़िंदगी तुम्हारी है ज़िम्मेदारी. कुछ क-रोना ना करो, बस घर में रहो.

जान पर खेल कर जाना कहाँ है? बाहर का-रोना क्यों? बाहर कारोना है। कोरोना से जान बचाना है , क्योंकि जान है तो जहान है! तुम्हारी ज़िंदगी तुम्हारी है ज़िम्मेदारी. कुछ क-रोना ना करो, बस घर में रहो.


❤️❤️– Rumi
Look up,
laugh loud,
talk big
, keep the color in your cheek
and the fire in your eye,
adorn your person,
your beauty and your animal spirits.

William Hazlitt
Thomas Edison
Everything can be taken from a man but one thing:
the last of human freedoms –
to choose one’s attitude in any given set of circumstances,
to choose one’s own way.
Viktor E. Frankl
satyameva jayate nānṛtaṃ satyena panthā vitato devayānaḥ।
Truth alone triumphs, not falsehood.
Through Truth lies Devayâna- the path of gods.
असत्य नहीं, सत्य हमेशा विजयी होता है।
सत्य देवताओं तक जाने का मार्ग है।

Source – Mundaka, III. i. 6
udhdaredātmanātmānam।
Save yourself by yourself.
स्वंय से अपनी रक्षा स्वंय करो।

Swami Vivekananda
अहले सुबह नींद खुली मीठी, गूँजती आवाज़ों से.
देखा बाहर परिंदों की सभा है.
शोर मचाते-बतियाते किसी गम्भीर मुद्दे पर, सभी चिंतित थे
– इन इंसानों को हुआ क्या है?
बड़े शांत हैं? नज़र भी नहीं आते?
कहीं यह तूफ़ान के पहले की शांति तो नहीं?
हाल में पिंजरे से आज़ाद हुए हरियल मिट्ठु तोते ने कहा –
ये सब अपने बनाए कंकरीट के पिंजरों में क़ैद है.
शायद हमारी बद्दुआओं का असर है.
ātmānaṃ satataṃ rakṣet।
One must save oneself under any circumstances.
हर परिस्थति में अपनी, स्वंय की सुरक्षा जरुर करें।
Source – Swami Vivekananda in a letter to Sj. Balaram Bose (5th January 1890)
image courtesy- Chandni Sahay.
जागता रहा चाँद सारी रात साथ हमारे.
पूछा हमने – सोने क्यों नहीं जाते?
कहा उसने- जल्दी हीं ढल जाऊँगा.
अभी तो साथ निभाने दो.
फिर सवाल किया चाँद ने –
क्या तपते, रौशन सूरज के साथ ऐसे नज़रें मिला सकोगी?
अपने दर्द-ए-दिल औ राज बाँट सकोगी?
आधा चाँद ने अपनी आधी औ तिरछी मुस्कान के साथ
शीतल चाँदनी छिटका कर कहा -फ़िक्र ना करो,
रात के हमराही हैं हमदोनों.
कितनों के….कितनी हीं जागती रातों का राज़दार हूँ मैं.
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