जिंदगी के रंग – 30

समझौता, भोलापन, भरोसा हँस पङे।

बोले हमारे साथ रहने वाले का यही हश्र होता है

पर एक बात है!

हम जिंदगी का आईना अौर दुनिया की असलियत जरुर दिखा देतें हैं।

बराबरी की बात

आईने में  अपने प्रतिद्वंद्वी व मित्र को देखा।

जीवन की स्पर्धा, प्रतिस्पर्धा , मुक़ाबला

किसी और से नहीं अपने आप से हो,

तब बात बराबरी की है।

वर्ना क्या पता प्रतियोगी या हम,

कौन ज्यादा सक्षम है?

जीवन अौर मृत्यु

जिंदगी का अंत तो वही है,

सबसे बङा शाश्वत सत्य —

जीवन अौर फिर मृत्यु…

विचार अपने-अपने हैं,

इसे हँस कर बिताअो या रो कर………

  आँसू बहाना है या पद चिंह छोङ जाना है …

Journey of the self

“Yoga is the journey of

the self,

through the self

and to the self

~~  The Bhagavat Gita”

लोग

 

लोगों को पढ़ते- पढ़ते

यह समझ आया

कुछ लोग बदलते नहीं हैं
बस
बेपर्द हो जाते हैं……..

Great spirits

“Great spirits have always encountered violent opposition from mediocre minds.

The mediocre mind is incapable of understanding

the man who refuses to bow blindly to conventional

prejudices and chooses instead to express

his opinions courageously and honestly.”

~~ Albert Einstein

जीवन में अर्थ

 

जीवन में अर्थ खोजते-खोजते समय निकल गया।

अर्थ समझ आया, तब जीवन निकल चुका था।

अक्स सी सच्चाई

 

 

काश कुछ लोगों से जिन्दगी की होड़ में इतनी जफ़ा ना होती,

काश उनमे अक्स सी सच्चाई और परछांई सी वफ़ा भी होती |

 

Courtsy blogger –

TrueWonderer

ठोकर

वक्त ने गुजरते-गुजरते

पलट कर पूछा –

जब भी होते हो खुश या दुखी ,

कहते हो – यह वक्त गुजर जायेगा।

फिर मेरे गुजरने पर याद क्यों करते हो?

हमने कहा, क्योंकि

तुम्हारी ठोकरों ने  हमें तराशा है………………

जिंदगी के रंग – 29

प्रश्न करते -करते जिंदगी से,

थक कर जब उत्तर की आस छोङ दी…..

तब  वह जवाब अपने आप देने लगी।

दूसरों को देखना छोङ, खुद को देखो…..

मुक्त कर दो अपने आप को –

गलती, प्यार, गुस्सा विश्वासघात, हार-जीत से………….