Stay happy, healthy and safe – 67
सूफी परंपरा में ईश्वर को हमेशा प्रेमी के रूप में देखा गया है. उसका दरवाजा केवल उन लोगों के लिए ही खुलता है, जो अपने-आप को उसके प्रेम में खो चुके होते हैं.
सूफी परंपरा में ईश्वर को हमेशा प्रेमी के रूप में देखा गया है. उसका दरवाजा केवल उन लोगों के लिए ही खुलता है, जो अपने-आप को उसके प्रेम में खो चुके होते हैं.
इसे इबादत कहें या डूबना?
ज़र्रे – ज़र्रे को रौशन कर
क्लांत आतिश-ए-आफ़ताब,
अपनी सुनहरी, पिघलती, बहती,
रौशन आग के साथ डूब कर
सितारों और चिराग़ों को रौशन होने का मौका दे जाता है.

अर्थ:
आफ़ताब-सूरज
आतिश – आग
इबादत-पूजा
क्लांत –थका हुआ

Menstrual Hygiene Day (MHD, MH Day in short) is an annual awareness day on May 28 to highlight the importance of good menstrual hygiene management (MHM). It was initiated by the German-based NGO WASH Unitedin 2014 and aims to benefit women and girls worldwide. The 28th was selected to acknowledge that 28 days is the average length of the menstrual cycle.

Courtesy – Wikipedia
प्रश्न बङा कठिन है।
दार्शनिक भी है, तात्त्विक भी है।
पुराना है, शाश्वत-सनातन भी है।
तन अौर आत्मा या कहो रुह और जिस्म !!
इनका रिश्ता है उम्रभर का।
खोज रहें हैं पायें कैसे?
दोनों को एक दूसरे से मिलायें कैसे?
कहतें हैं दोनों साथ हैं।
फिर भी खोज रहें हैं – मैं शरीर हूँ या आत्मा?
चिंतन-मनन से गांठें खोलने की कोशिश में,
अौर उलझने बढ़ जातीं हैं।
मिले उत्तर अौर राहें, तब बताना।
पूरे जीवन साथ-साथ हैं,
पर क्यों मुश्किल है ढूंढ़ पाना ?

The adventure of life is to learn.
The purpose of life is to grow.
The nature of life is to change.
The challenge of life is to overcome.
The essence of life is to care.
The opportunity of life is to serve.
The secret of life is to dare.
The spice of life is to befriend.
The beauty of life is to give.
William Arthur Ward
बात बड़ी महत्वपूर्ण है। दुनिया है तो बीमारियां होंगी ही और वायरस भी होंगे । पहले भी चीन से कुछ इंफेक्शन फैले हैं – 2002 में सार्स, h7 n9 आदि। पर कोरोना या कोविड-19 सबसे भयंकर है। यदि चमगादड़ों की समस्या इतनी गंभीर थी कि 2005 से उस पर शोध चल रहे थे। इसके लिए बैटवुमैन जैसे शब्द चर्चे में थे। तब क्या समय रहते चेतावनी और रोकथाम या अन्य देशों से मदद लेने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए था? शायद लाखों लोगों की जानें बच जातीं।

China’s bat woman warns coronavirus is just the tip of the iceberg
कलम थामे
लिखती उंगलियाँ आगे बढ़ती जातीं हैं।
तब एक जीवंत रचना उभरती हैं।
ये उंगलियाँ संदेश हैं –
जिंदगी आगे बढ़ते जाने का नाम है।
आधे पर रुक कर,
पंक्तियोँ…लाइनों को अधूरा छोङ कर,
लिखे अक्षरों को आँसूअों से धुँधला कर,
सृजनशीलता…रचनात्मकता का अस्तित्व संभव नहीं।
यही पंक्तियाँ… कहानियाँ… कविताएँ,
पन्नों पर उतर,
आगे बढ़नें की राहें बन जातीं हैं।
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