इम्तहान

 

जिंदगी के सफर में

सारे इम्तहान हमारे हीं हिस्से क्यों?

नतीज़े आये  ना आये ,

 अगला पर्चा शुरु हो जाता है

पत्थर

 

हम गलते-पीघलते नहीं ,
इसलिये 
पत्थर या पाषण कहते हो,
पर खास बात हैं कि
हम पल-पल बदलते नहीं।
अौर तो अौर, हम से
लगी ठोकरें क्या
तुम्हें कम सबक सिखाती हैं??

 

आईना

 

आईना भी इस नासमझी पर

खुद से माफी नहीं मागँने देता।

कि खुद को दर्द क्यों पहुँचाना?

जमाना बैठा है इस काम के लिये।

संगत का असर

 

कहते हैं जैसा साथ, वैसी बात

संगत का असर पङता है,

पर

ना फूल को आया चुभना

ना काटों को आया महकना।

फूलों की कीमत

 

मिट्टी में दबे बीज को हीं

मालूम होता है,

शाखों पर खिले फूलों की

क्या कीमत चुकाई है उसने……….

मौन अौर समय

सुनाने वालों की बातें

सुन कर

मौन को बोलने दो।

क्योंकि सही जवाब तो

समय देता है।

एक टुकड़ा जिंदगी का 

News -At least70 kids died.

At least70 kids have died over the course of 5 days at the Baba Raghav Das Medical College hospital in Gorakhpur, Uttar Pradesh. Authorities have launched an inquiry into the causes of the oxygen disruption but denied reports that it had caused the deaths at the state-run hospital.

​कभी पढ़ा सैकडों लीटर खून बर्बाद हो गया ,

अब बिना हवा -आक्सीजन बच्चे …..

ना जिम्मेदारी है , न जीवन का मोल.

पर बेजान घरों  और कब्रों 

पर नाम लिख दावेदारी दिखाने में 

हम कमी नहीं करते।

एक टुकड़ा जिंदगी का ,

ये बच्चे

कितने अनमोल है ,

उनसे पूछो, जिनके मासूम 

बिना साँस लिये चले गये……


जिंदगी के रंग 24 – जंग

 

जंग अक्सर अपनों अौर करीबियों से लङी जाती हैं

महाभारत की कहानी में सुना था,

यही सच भी है……….

अब जिंदगी  के चक्रव्यूह से  जाना भी है ।

 

सफर-ए- जिंदगी

 

सफर-ए- जिंदगी ,

कितनी भी

खूबसूरत क्यों ना हो…

अपनी कीमत

कभी ना कभी

वसूल हीं लेती है………

दर्द

 

सबसे गहरा दर्द तब महसूस होता है,

अपने आप को नकार कर

हर किसी को खुश रखने

की चाहत में हार जाअो।