मकतब-ए-ज़िंदगी ने सिखाया,

मुस्कुरा-मुस्कुरा कर

लोगों को ना कर इतना बर्दाश्त

कि वे हद से गुज़र जाएँ।

सितम सहन इतना ना कर,

कि लोग सीमा तोड़ जाए।

कि ख़ुद वे बर्दाश्त-ए-काबिल ना रह जायें।

Positive Psychology-

If someone is crossing your boundaries,

take action. At the same time, Be careful

with how much you tolerate. You are

teaching them how to treat you.

मकतब

मकतब-ए-ज़िंदगी ने सिखाया,

मुस्कुरा-मुस्कुरा कर

लोगों को ना कर इतना बर्दाश्त

कि वे हद से गुज़र जाएँ।

सितम सहन इतना ना कर,

कि लोग सीमा तोड़ जाए।

कि ख़ुद वे बर्दाश्त-ए-काबिल ना रह जायें।

Positive Psychology-

If someone is crossing your boundaries,

take action. At the same time, Be careful

with how much you tolerate. You are

teaching them how to treat you.

वजूद-ए-ज़फ़र

अधूरी कहानियों,नज़्मों..कविताओं को

मिल जाए अल्फ़ाज़, लय….तुकांत।

पूरी हो जायेंगी उनकी अधूरी वृतांत।

लिखने वाले की पूरी होगी

आरज़ू-ए-सफ़र,

शब्दों अल्फ़ाज़ों में ढूँढते

अपने वजूद-ए-ज़फ़र।

अर्थ: ज़फ़र – विजय, जीत,