
चढ़ते सूरज के कई हैं उपासक,
पर वह है डूबता अकेला।
जलते शोले सा तपता आफ़ताब हर रोज़ डूबता है
फिर लौट आने को।
इक रोज़ आफ़ताब से पूछा –
रोज़ डूबते हो ,
फिर अगले रोज़
क्यों निकल आते हो?
कहा आफ़ताब ने –
इस इंतज़ार में,
कभी तो कोई डूबने से
बचाने आएगा।

चढ़ते सूरज के कई हैं उपासक,
पर वह है डूबता अकेला।
जलते शोले सा तपता आफ़ताब हर रोज़ डूबता है
फिर लौट आने को।
इक रोज़ आफ़ताब से पूछा –
रोज़ डूबते हो ,
फिर अगले रोज़
क्यों निकल आते हो?
कहा आफ़ताब ने –
इस इंतज़ार में,
कभी तो कोई डूबने से
बचाने आएगा।

ज़िंदगी के रंग – 225
ज़माने की राहें रौशन करते वक्त,
ग़र कोई आपकी सादगी भरी बातों के
मायने निकले।
समझ लीजिए
सामने वाले ने मन बना रखा है
आपकी बातों को नकारने का।
ना ज़ाया कीजिए वक्त अपना।
बेहिचक, बेझिझक बढ़ जायें
अपनी राहों पर।
लोगों को अक्सर देखा है,
चिराग़ों को बुझा,
हवा के झोंकों पर तोहमत लगाते।

अभी तक लगता था
मर रहीं हैं नदियाँ,
गल रहें हैं ग्लेशियर,
धुँधले हो रहे हैं अंतरिक्ष,
कूड़ेदान बन रहे है सागर,
धरा और पर्वत…..
इंसानों की मलिनता से।
अब समझ आया
कई देश भी मर रहे हैं।
फ़र्क़ पड़ता है,
और दर्द होता है,
सिर्फ़ भुक्तभोगियों को।
बाक़ी सब जटिल जीवन के
जद्दोजहद में उलझे है।
विश्व राजनीति की पहेली है अबूझ।




Eternal Shine !!
यह खबर पढ़ कर सभी पक्षियों को बड़ी हैरानी हुई. इंसानों ने रवायत, नियमों को अपने आप पर लागू होते देख बोल पड़े खग – बड़े विचित्र हैं ये ! बिना हमारी कामना जाने हमें क़ैद में रख कर मन बहलाना तो इनका पुराना शग़ल था. पर ये नहीं मालूम था अपने यहाँ के रीत और कुरीति हम पर भी थोप रहें हैं. नर-नारी, नर-मादा के मूल्यों में भी श्रेष्ठता, उच्चता-निम्नता का खेल? इनसे ज़्यादा समझदार तो हम हैं. खुले आसमान में खुला और बंधनविहीन जीवन जीतें हैं.

Where the mind is without fear
and the head is held high,
where knowledge is free.
Where the world has not been broken up into fragments by narrow domestic walls.
Where words come out from the depth of truth,
where tireless striving stretches its arms toward perfection.
Where the clear stream of reason has not lost it’s way
into the dreary desert sand of dead habit.
Where the mind is led forward by thee
into ever widening thought and action.
In to that heaven of freedom, my father,
LET MY COUNTRY AWAKE!

―
अकेलापन और एकांत में अंतर है. अकेलापन उबाता है. जब कि एकांत आत्मनिरीक्षण के अवसर देता है।ज़िंदगी में ज़्यादा मूल्यवान है, मन की शांति और दिल में सहानुभूति.

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