भटका दिया ज़िंदगी ने मुझे

कुछ पलों के लिए लगा,

भटका दिया ज़िंदगी ने मुझे ।

जब दिल की गहराईयों में झाँक

तब समझ आया।

ज़िंदगी ने नहीं,

जिनसे राहें पूछी थीं,

उन लोगों ने भटका दिया था।

ज़िंदगी ने तो भटके राहों पर,

अँधेरे पलों में भी

कई सबक़ सिखा दिये।

वापस सही राहों पर ला दिया।

#YourQuote topic

One of the best thing I did for myself !

I learned to live easiest existence –

With inner peace and harmony for myself.

No one is allowed to destroy our

inner peace, as no one can bring peace to us.

I learned it late, but believe me -it’s better late than never.

Topic by YouQuote – One of the best thing I did for myself !

गुलाब को कमल क्यों बनना?

जब लोग आपको तराशने और अपने साँचे में ढालने लगे।

आपको काट-छाँट औ कतर कर अपने पसंद लायक़ बनाने लगें।

तब बेहतर है संभल जाना।

हर फ़ूल अपनी सुगंध और ख़ूबसूरती ले कर आया है।

क्या कभी गुलाब को कमल बनाने का ख़्याल भी मन में आया है?

फिर अपने को खो कर किसी जैसा,

किसी के पसंद सा क्यों बनाना?

सच तो ये है कि अपने को गवाँ कर नहीं पाया जा सकता किसी को।

सुकून भरा दिल और रूह

सुकून भरा दिल और रूह

चंद बूँदे बरसे आसमान से।

खुला आकाश फुसफुसाया कानों में।

चैन पाने के लिए चंद क़तरे हम भी बरस जाने देते हैं,

कालिमा भरे नभ से, स्वच्छ नभ पाने के लिए।

आज़ाद छोड़ दे एहसासों औ दर्द को

बरस कर बह जाने के लिए।

ग़र पाना है सुकून भरा दिल और रूह।

Psychological fact –

Normal crying is emotional cathartic. It does have a soothing and relaxing effect. When we cry, our heart rate and breathing slow down a little and we start to calm down. We might even experience a mood boost after a good cry. Crying is useful for helping people release and express their suppressed or repressed emotions.

(Dr J Chan, a clinical psychologist at the Hong Kong Psychological Counselling Centre in Mong Kok)

प्यार

ठेस

अपने दर्द औ तकलीफ़ को बहाना ना बनाओ,

दूसरों के ठेस पहुँचाने का।

वरना ना तुम्हारा चोट ठीक होगा ना दर्द जाएगा।

यह अपने घाव को कुरेदते रहने जैसा है।

बाती और चराग

बाती की लौ भभक

कर लहराई।

बेचैन चराग ने पूछा –

क्या फिर हवायें सता रहीं हैं?

लौ बोली जलते चराग से –

हर बार हवाओं

पर ना शक करो।

मैं तप कर रौशनी

बाँटते-बाँटते ख़ाक

हो गईं हूँ।

अब तो सो जाने दे मुझे।

कद्र

कद्र

किसी के लिए सब कुछ

दिल से करो ।

फिर भी तुम्हारे वजूद

का मोल ना हो।

कद्र न हो तुम्हारी।

तब दूरियाँ हीं

समझदारी है।

चाँद

हँस कर चाँद ने कहा –

यूँ गौर से ना देखो मुझे।

ज़िंदगी ऐसी हीं है।

सिर्फ़ मेरा हीं नहीं,

हर किसी का स्याह

समय आता है।

पर सबसे अच्छी बात है,

अपने आप को पूर्ण

करने की कोशिश

में लगे रहना !!

रौशनी!!!

मान कर चलो कि ज़िंदगी में अच्छा…

सबसे अच्छा समय

अभी आना बाकी है।

अपने अंदर की रौशनी

कभी मरने न दो।

तुम्हारा अपना सर्वश्रेष्ठ

करना ही काफी है।