चिराग की फितरत

जिस राह पर हर बार  मुझे

अपना कोई छलता रहा ।

फिर भी ना जाने क्यों मैं

उसी राह ही चलता रहा।

सोंचा इस बार….

रौशनी नहीं धुआँ दूँगा।

लेकिन चिराग था फितरत से,

जलता रहा..

  जलता रहा……

 

Anonymius

इम्तहान

 

जिंदगी के सफर में

सारे इम्तहान हमारे हीं हिस्से क्यों?

नतीज़े आये  ना आये ,

 अगला पर्चा शुरु हो जाता है

Yesterday and Today

 

Yesterday I was clever,

so I wanted to change the world.

Today I am wise,

so I am changing myself.

 

~~ Rumi

Moon and the night.

The

   moons

        stays

                bright,

                      when it

                                  doesn’t

                                              avoid

                                                     the night.

 ~ Rumi

आईना

 

आईना भी इस नासमझी पर

खुद से माफी नहीं मागँने देता।

कि खुद को दर्द क्यों पहुँचाना?

जमाना बैठा है इस काम के लिये।

संगत का असर

 

कहते हैं जैसा साथ, वैसी बात

संगत का असर पङता है,

पर

ना फूल को आया चुभना

ना काटों को आया महकना।

Mirror

 

If you  are

irritated by every rub,

how will your

mirror be polished?

~ Rumi

फूलों की कीमत

 

मिट्टी में दबे बीज को हीं

मालूम होता है,

शाखों पर खिले फूलों की

क्या कीमत चुकाई है उसने……….

Poetry

Poetry is a political act

because it involves

telling the truth.

~June Jordan

मौन अौर समय

सुनाने वालों की बातें

सुन कर

मौन को बोलने दो।

क्योंकि सही जवाब तो

समय देता है।