हम सभी के पास
अपनी -अपनी कहानियाँ हैं…..
हम सब किसी ना किसी दौर से गुजरें हैं।
प्यार, नफरत, पसंद, नापसंद,
पछतावा दर्द , दुःख, खुशी……
जो शायद दूसरे ना समझें।
यह सब तो जीवन के रंग हैं।
जो हमें तोङने के लिये नहीं
जोङने के लिये होते हैं।
हम सभी के पास
अपनी -अपनी कहानियाँ हैं…..
हम सब किसी ना किसी दौर से गुजरें हैं।
प्यार, नफरत, पसंद, नापसंद,
पछतावा दर्द , दुःख, खुशी……
जो शायद दूसरे ना समझें।
यह सब तो जीवन के रंग हैं।
जो हमें तोङने के लिये नहीं
जोङने के लिये होते हैं।
इन दुनियावी रंगों , इत्रों, खुशबू, सुगंध से परे
कोई अौर भी राग-रंग, महक है ,
जो दिल और आत्मा को रंगती हैं
जीवन यात्रा में।
यह खुशबू हमें ले कर चलती रहती है,
प्यार भरे जीवन के अनन्त पथ पर।
जीवन की परिभाषा
और जीवन मेंअपनी परिभाषा
ढूँढते ढूँढते कई परिभाषाएँ बनी,
बनती गई…… और कई मिटी भी ……
पर यात्रा जारी हैँ
किसी शाश्वत और सम्पूर्ण
परिभाषा की खोज में …….
तराशे हुए शब्दों में जीवन की कहानी
कविता-नज़म बन जाती है।
अौर फिर लय में बँध संगीत बनती है।
दिल की पीड़ा
तरंगों-लहरों के साथ बहती
ना जाने कितने दिलों को
छूने लगती है।
शीतल हवा का झोंका बहता चला गया।
पेङो फूलों को सहलाता सभी को गले लगाता ……
हँस कर जंगल के फूलों ने कहा –
वाह !! क्या आजाद….खुशमिजाज….. जिंदगी है तुम्हारी।
पवन ने मुस्कुरा कर कहा –
क्या कभी हमें दरख्तों-ङालों, खिङकियों-दरवाज़ों पर सर पटकते….
गुस्से मे तुफान बनते नहीं देता है?
हम सब एक सा जीवन जीते हैं।
गुस्सा- गुबार, हँसना-रोना , सुख-दुख,आशा-निराशा
यह सब तो हम सब के
रोज़ के जीवन का हिस्सा है!!!
कभी लगता है हम शब्दों से परे हैं।
हम मौन में जीते हैं।
पर फिर लगता है,
कुछ कानों तक
हवा में घुली चीखें भी नहीं पँहुचती
फिर मौन की आवाज़
सुनने का अवकाश किसे है????
हमारे अंदर भी क्या बदलते मौसम हैं ?
क्या कभी बसंत अौर कभी पतझङ होते हैं ?
कभी कभी सुनाई देती है गिरते पत्तों की उदास सरसराहट
या शरद की हिम शीतल खामोशियाँ
अौर कभी बसंत के खिलते फूलों की खुशबू….
ऋतुअों अौर मन का यह रहस्य
बङा अबूझ है………
The
One
that
truly
loves
you
will
set
you
free.
Rumi ❤
Curvy Cupid smile of your lips
may straighten up many problems of your life……..
होठों पर छाई तीरछी
मुस्कान भरी रेखा
जीवन की ना जाने
कितनी कठिनाइयों – परेशानियों
को सुलझा कर
सीधा कर सकती हैं।
सम्बन्धों को बनाये रखना ,
ईमानदारी से रिश्ते निभाये रखना ,
जीवन जीने की कला है।
वरना …..
टूटते रिश्ते , बिखरते लोगों को देखा है ,
आसमान के आँसुओं को ओस बन कर टपकते देखा है ।
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