एक बात अब समझ आई, चीन की दीवार जिसने भी बनाई थी. बड़ी समझदारी का काम किया था. दीवारें काफ़ी जगहों से टूट-फूट रहीं हैं. सभी को मिल कर बनाना होगा, शायद पहले से भी मज़बूत, पहले से भी ऊँची.

एक बात अब समझ आई, चीन की दीवार जिसने भी बनाई थी. बड़ी समझदारी का काम किया था. दीवारें काफ़ी जगहों से टूट-फूट रहीं हैं. सभी को मिल कर बनाना होगा, शायद पहले से भी मज़बूत, पहले से भी ऊँची.

The greatest gift you can give your family and the world is a healthy you.

Joyce Meyer
Our greatest happiness does not depend
on the condition of life
in which chance has placed us,
but is always the result of a good conscience,
good health, occupation, and freedom in all just pursuits.
I swear, since seeing Your face,
the whole world is fraud and fantasy
The garden is bewildered as to what is leaf or blossom.
The distracted birds
can’t distinguish the birdseed from the snare.
A house of love with no limits,
a presence more beautiful than venus or the moon,
a beauty whose image fills the mirror of the heart.

Rumi, The Divani Shamsi Tabriz XV
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
oṃ sarve bhavantu sukhinaḥ
sarve santu nirāmayāḥ
sarve bhadrāṇi paśyantu mā kaścidduḥ khabhāgbhaveta।
oṃ śāntiḥ śāntiḥ śāntiḥ॥
सभी सुखी हो,
सभी रोगमुक्त रहें,
सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।
ॐ शांति शांति शांति॥
May all sentient beings be at peace,
may no one suffer from illness,
May all see what is auspicious, may no one suffer.
Om peace, peace, peace.

चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी पहली तिथि से हिन्दू नववर्ष या नव संवत्सर 2077 और चैत्र नवरात्रि शुरू हो गया है। दुर्गा मंत्रों को बेहद पावन और शक्तिशाली माना जाता है. ये इक्षित फल प्रदान करते हैं. आज के कठिन घड़ी में सभी के लिए सौभाग्य और आरोग्य की मंगल कामना.
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
भावार्थ : हे देवी मुझे सौभाग्य और आरोग्य दो। परम सुख दो, रूप दो, जय दो, यश दो और काम क्रोध आदि शत्रुओं का नाश करो।

Durga Mantra is considered most effective and secret Mantra and has power to fulfill all suitable desires.
ज़िंदगी के अनुभव, दुःख-सुख,
पीड़ा, ख़ुशियाँ व्यर्थ नहीं जातीं हैं.
देखा है हमने.
हाथ के क़लम से कुछ ना भी लिखना हो सफ़ेद काग़ज़ पर.
तब भी,
कभी कभी अनमने हो यूँ हीं पन्ने पर क़लम घसीटते,
बेआकार, बेमतलब सी लकीरें बदल जाती हैं
मन के अंदर से बह निकली स्याही की बूँदों में,
भाव अलंकारों से जड़ी कविता बन.
जिसमें अपना हीं प्रतिबिंब,
अपनी हीं परछाईं झिलमिलाती है.
आज सुबह बॉलकोनी में बैठ कर चिड़ियों की मीठा कलरव सुनाई दिया
आस-पास शोर कोलाहल नहीं.
यह खो जाता था हर दिन हम सब के बनाए शोर में.
आसमान कुछ ज़्यादा नील लगा .
धुआँ-धूल के मटमैलापन से मुक्त .
हवा- फ़िज़ा हल्की और सुहावनी लगी. पेट्रोल-डीज़ल के गंध से आजाद.
दुनिया बड़ी बदली-बदली सहज-सुहावनी, स्वाभाविक लगी.
बड़ी तेज़ी से तरक़्क़ी करने और आगे बढ़ने का बड़ा मोल चुका रहें हैं हम सब,
यह समझ आया.

गुलाबी डूबती शाम.
थोड़ी गरमाहट लिए हवा में
सागर के खारेपन की ख़ुशबू.
सुनहरे पलों की ….
यादों की आती-जाती लहरें.
नीले, उफनते सागर का किनारा.
ललाट पर उभर आए नमकीन पसीने की बूँदें.
आँखों से रिस आए खारे आँसू और
चेहरे पर सर पटकती लहरों के नमकीन छींटे.
सब नमकीन क्यों?
पहले जब हम यहाँ साथ आए थे.
तब हो ऐसा नहीं लगा था .
क्या दिल ग़मगिन होने पर सब
नमकीन…..खारा सा लगता है?
आँखें ख़्वाब, औ सपने बुनतीं हैं,
हम सब बुनते रहते हैं,
ख़ुशियों भरी ज़िंदगी के अरमान।
हमारी तरह हीं बुनकर पंछी तिनके बुन आशियाना बना,
अपना शहर बसा लेता है.
बहती बयार और समय इन्हें बिखेर देते हैं,
यह बताने के लिये कि…
नश्वर है जीवन यह।
मुसाफिर की तरह चलो।
यहाँ सिर्फ रह जाते हैं शब्द अौर विचार।
वे कभी मृत नहीं होते।
जैसे एक बुनकर – कबीर के बुने जीवन के अनश्वर गूढ़ संदेश।

बुनकर पंछी- Weaver Bird.
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