Curvy Cupid smile of your lips
may straighten up many problems of your life……..
होठों पर छाई तीरछी
मुस्कान भरी रेखा
जीवन की ना जाने
कितनी कठिनाइयों – परेशानियों
को सुलझा कर
सीधा कर सकती हैं।
Curvy Cupid smile of your lips
may straighten up many problems of your life……..
होठों पर छाई तीरछी
मुस्कान भरी रेखा
जीवन की ना जाने
कितनी कठिनाइयों – परेशानियों
को सुलझा कर
सीधा कर सकती हैं।
अपने विचारों को
पढ़ने अौर पकङने के जुनून अौर जोश ने
मनन करना सीखा दिया।
मन के विचारों
को पन्नों पर
शब्द जाल बना कर, ऊतारना सीखा दिया।
हम समझते हैं कि
हम सब समझते हैं।
पर ऊपर बैठ,
जो अपनी ऊँगलीं के धागे से
हम सबों को नचा रहा है कठपुतली सा।
उसे हम कैसे भूल जाते हैं?
इस जीवन यात्रा में…..
एक बात तो बङे अच्छे से समझ आ गई,
अपनी लङाई खुद ही लङनी होती है।
इसमें
शायद ही कोई साथ देता है,
क्योंकि
लोग अपनी लङाईयों अौर उलझनों में उलझने होते हैं।
तीन वर्ष की कन्या को देवी बनाते हैं
नवरात्रि में कन्या पूजन करते हैं।
पर उसकी पहचान इस बड़ी दुनिया में खो क्यों जाती है।
वह मातृत्व, गृहणी …. के दायित्व में हीं क्यो भाती है?
क्या यह संभव नहीं कि
उसे खुला आसमान दें , उङान भरने के लिये
ताकि वह अपने जीवन पर गर्व कर सके?
कालरात्रि सा सघन अँधेरा ,
आता है जीवन में हर रोज़ .
पर
आकाश के एक एक कर
बूझते सितारे,
करते है सूरज
औ भोर की
किरणों का आगाज …..
बस याद रखना है –
हर रात की होती है
सुहानी भोर !!!
लब ना खोलूँ,
अगर ऐतबार हो।
गर ना हो ऐतबार तो ……….
नाहक लबों को क्यों खोलूँ ?
समझौता, भोलापन, भरोसा हँस पङे।
बोले हमारे साथ रहने वाले का यही हश्र होता है
पर एक बात है!
हम जिंदगी का आईना अौर दुनिया की असलियत जरुर दिखा देतें हैं।
आईने में अपने प्रतिद्वंद्वी व मित्र को देखा।
जीवन की स्पर्धा, प्रतिस्पर्धा , मुक़ाबला
किसी और से नहीं अपने आप से हो,
तब बात बराबरी की है।
वर्ना क्या पता प्रतियोगी या हम,
कौन ज्यादा सक्षम है?
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