डर

सब खो दिया।

अब क्यों डरें?

कुछ और अब

ना चाहिए।

वरना फिर डरना

सीख जाएँगें।

4 thoughts on “डर

  1. डर
    उपहार है
    प्रकृति
    वह मदद कर सकती है
    अनावश्यक नहीं
    कदम उठाने की हिम्मत करने के लिए

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