गुरु

ज़िंदगी में ज़ख़्म

लगते रहेंगे।

उन्हें भूल जाओ

तो कोई बात नहीं।

पर सबक़ ना भूलना।

ग़र भूल गए तो

ज़िंदगी गुरु बन

फिर-फिर सिखाएगी।