ज़िंदगी के रंग -226

जब छोटे थे दौड़ते,

गिरते और उठ जाते।

चोट पर खुद हीं

मलहम लगाते थे।

आज़ भी ज़िंदगी की

दौड़ में वही कर रहें हैं।

4 thoughts on “ज़िंदगी के रंग -226

  1. ड्राइव
    बचपन से रहा है
    वही
    अपने पास
    टास्क
    वो आत्मा
    आवाज का पालन करने के लिए

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