गौर करें

गौरी लंकेश को समर्पित -Tribute to Journalist Gauri Lankesh

NEWS – Gauri Lankesh: Indian journalist shot dead in Bangalore

FREEDOM OF SPEECH AND EXPRESSION – Article 19

 

गौर करें 

इतना साहसी  ( कायर)…

इतना शक्तिशाली ( कमजोर)…..

वह कौन है?

जिसे  नियमों -कानूनों का

भय नहीं ? 

 पर भय है एक महिला के कलम से ।

क्या  महिलायें कमजोर हैं ?

या गलत लोगों में कमजोर होने का भय पैदा कर सकती हैं?  

Yog Nidra – Highly Effective Relaxation Technique 

Yoga nidra –     or yogic sleep is a state of consciousness between waking and sleeping  like the “going-to-sleep” or subconcious  stage. It is  good for  relaxation from   mental and physical exhaustion and  provides  deep relaxation and refreshment, 10 to 45 minutes practice gives amazing  result.  It is believed that Lord Rama and Arjuna had won their sleep with the practice of  Yoga nidra.

Benefits to Yoga nidra  –

To calm  mental agony

To handle the mental stress  caused by examination / job / disease etc

To form good  habits

To get rid of bad habits

Tiredness

to reduce  Stress and  anxiety

To control mind and senses ( also for  meditation)

To  increase  concentration power

Excellent for insomnia, depression and other psychological disorders

The method of  Yoga nidra is available  on the Internet and YouTube.   It is  convenient – to play   audio Yoga nidra  app  on   your mobile phone  and practice it,according to your convenience. Use   ear plugs. There are many paid and   free apps   available .  It is very soothing।

 

Thanks to

Yog nidra App  Art of living 

(Special thanks to blogger buddy Shaloo)

 

Yoga nidra  Art of living.

Yoga nidra Wikipedia.

 

योग निद्रा

योग निद्रा या आध्यात्मिक नींद जागने अौर सोने के बीच की,  ध्यान अौर विश्राम   की  स्थिती है । यह 10 से 45 मिनट  के अभ्यास   से  हीं अद्भुत  अहसास देती हैं।  यह मानसिक अौर शारीरिक थकान से निकाल कर  गहन विश्राम और ताजगी देती है । यह किसी उम्र के लोग कर सकते हैं।  मान्यता है कि  भगवान राम अौर अर्जुन ने अपनी निंद्रा को इस विधी से जीत लिया था।   इसके अनेक लाभ हैं –

मानसिक परेशानी की अवस्था में

परीक्षा/ नौकरी/ रोग  से होनेवाले मानसिक दवाब नियंत्रित करने के लिये

अच्छे काम या आदतें बनाना

बुरी आदतें  छोङना

थकान दूर कर दिन भर तरोताजा रहना

तनाव व अवसाद  दूर करना

मन व इन्द्रियों को नियंत्रित करना

एकाग्रता के लिये

बीमारियों में लाभ

अनिद्रा, अवसाद और अन्य मनोवैज्ञानिक बीमारियों में फायदा के लिये

इस की सरल विधी बहुत जगहों पर उपलब्ध है, विशेष कर इंटरनेट  व यूट्यूब पर । पर सबसे उपयुक्त अौर सुविधाजनक है-  अपने मोबाईल पर इंटरनेट  से हिंदी या अँग्रजी में  योग निद्रा ऑडियो ङाउनलोङ कर लेना   अौर अपने सुविधानुसार किसी भी समय  इयर   प्लग की सहायता से सुन कर अभ्यास करना। इसके अनेक   मुफ्त ऐप   भी उपल्बध है।  रात  में सोने के समय योग निद्रा अद्भुत शांती अौर लाभ देती है।

Yog nidra app – Art of living  सधन्यवाद 

(Special thanks to blogger buddy Shaloo)

 

योग निंद्रा की विधी  सधन्यवाद Art of living.

योग निंद्रा की विधी  सधन्यवाद Wikipedia.

 

 

Your love….

Charge me
with your glance..!!
So my eyes can shine
With your love…..

❤ Rumi

अपनी नजरों से मुझ में उर्जा भर दो…!!

ताकि मेरी आँखों में

तुम्हारे प्यार की चमक आ जाये…

❤ रुमी

Happy teacher’s  Day

Every single day

all of you teach

me  something

   new  and valuable  !

 Happy teacher’s  Day….

​समय  की  खुशबू – कविता 

 

समय  खुशबू  की तरह उड़

  गुजरता जाता  है . .

समय की खुशबू में डूब 

खट्टी मीठी यादें  

सूखे गुलाब  से 

किताब के पन्नों में दबे  रह जाते है .

और 

कभी खजाने और कभी टीस बन

अपनी खुशबू बिखेर जाते है……….

It is not Meditation

 

 

माला तो कर में फिरे, जीभ फिरे मुख माहि |

मनुआ तो चहुं दिश फिरे, यह तो सुमिरन नाहि ||

 

The  rotating  rosary by the hand,

(or) the tongue twisting in the mouth,

With the mind wandering everywhere,

this isn’t meditation (Oh uncouth!).

 

~~ Kabir

 

क्या फिर कृष्ण ने जन्म लिया है?

NEWS-

61 MORE KIDS DIE IN LAST 72 HOURS AT GORAKHPUR HOSPITAL

Farrukhabad: 49 infants die in UP hospital

गोरखपुर में 72 घंटे में 46 बच्चों की मौत

अब फर्रुखाबाद में 49 बच्चों की मौत

हर रोज नन्हें बच्चों के मृत्यु की खबरें
दहशत पैदा कर रहीं हैं ।
कौन सी आसुरी वृत्ति इनके मौत का कारण है?

 द्वापर युग में
मथुरा राज कंस ने आकाशवाणी सुनी – 
देवकी का आठवाँ बालक उनका वध करेगा। 

कुपित क्रूर कंस ने
देवकी के समस्त संतानों को मार ङाला।
आठवीं कन्या को मारना चाहा ,

तब वह
काली रुपा आसमान में जा कर बोल पङी —
“तुझे मारने वाला तो जन्म ले चुका है।”

मृत्यु भय  ग्रस्त कंस ने सभी
नवजात शिशुओं को मरवाना शुरु कर दिया।

क्या आज फिर उसी कुकाण्ङ की पुनरावृत्ति हो रही है?

बढ़ते पाप – अनाचार के नाश अौर
धर्म की स्थापना के लिये, 
मस्तक पर मोर मुकुट
वक्षस्थल पर कौस्तुभ मणि धारण करने वाले विष्णुवतार
 कृष्ण ने क्या फिर कहीं जन्म लिया है? 

यह ताङंव रुकेगा क्या?

सूरज धुल कर चाँद

 

कशमकश में दिवस बीत गया….

सूरज धुल कर चाँद हो गया।

तब

आसमान के झिलमिलाते सितारों ने कहा –

हौसला रखो अौर आसमान चुमने की कोशिश करो।

क्योकिं अगर

उतना ऊपर ना भी पहुँच सके,

तब भी हम सितारों तक 

 तो जरुर पहुँच जाअोगे!!!

Symphony of Stars

 

I am a drunkard

from another kind of tavern.

I dance to a silent tune.

I am the symphony of stars

❤ ~Rumi