Search of beauty – Poetry

Search a beautiful heart,

not a beautiful face.

Beautiful things are

not always good,

but

good things are always beautiful.

 

 

 

Image from internet.

 

ईश्वर की खोज में 2 -कविता In search of GOD-Poem

religion 1

मैं

इंसानियत में बसता हूं

और लोग मुझे मजहबों में ढूंढते हैं।

Image courtesy internet.

 

 

 

वृंदावन की वृध्द विधवायेँ – कविता  Widows of Vrindavan 

( मान्यता हैं कि वृंदावन , वाराणसी आदि में शरीर त्यागने से मोक्ष के प्राप्त होती हैं. इसलिये प्रायः इन स्थानों पर विधवायें आ कर सात्विक जीवन बसर करती हैं अौर अपने मृत्यु का इंतजार करती हैं। यहाँ इन्हें अनेकों बंधनों के बीच जीवन व्यतीत करना पड़ता हैं। इस वर्ष (2016) पहली बार होली खेलने के लिये कुछ मंदिरों ने अपने द्वार इन विधवाओं के लिये खोल दिये. )

वृंदावन और कान्हा की मुरली
सब जानते हैं।
वृंदावन की होली
सब जानते हैं।
पर वहाँ कृष्ण को याद करती
सफेदी में लिपटी विधवाओ की टोली
किसने देखी हैं ?
आज़ जब पहली बार
उन्हों ने खेली फूलों की होली।
सफेदी सज गई गुलाबो की लाली से
कहीँ बज उठी कान्हा की मुरली
उनकी उदास साँसो से।

widows of vrindavan

Source: वृंदावन की वृध्द विधवाये ( कविता )

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अनजानी राहें – कविता Untraveled Routes -Poem

Some beautiful paths can’t be discovered without getting lost.

 

कभी-कभी  राहों मे,

खो जाना भी अच्छा है,

कुछ सुंदर नये रास्तों को पाने के लिए ।

खोये  बिना कुछ पाया नहीं  जा सकता।

अपने आप को भी भूल जाना

कभी-कभी अच्छा है

बहुत कुछ नया पाने के लिए।

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ख्वाबों ख्यालों ख्वाहिशों भरी जिंदगी -कविता

I have a thousand desires, all desires worth dying for………..

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले…

  MIRZA GHALIB

 

ख्वाबों ख्यालों ख्वाहिशों  से

बहुत आगे आ चुकी है जिंदगी।

गुनगुनाती सुबहें अौर शाम की

बस कुछ खुमारी बची है।

जिंदगी की जिम्मरदारियों ने,

वक्त के साथ क्या-क्या  बदल दिया?

अब तो अपने आप से बातें करने के लिए भी,

वक्त से इजाजत लेनी पड़ती है।

पर अभी भी  नही बदलीं हैं,

तो हसरतें अौर हज़ारों ख्वाहिशें…………..

 

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फ़ीनिक्स या मायापंछी ? -कविता Phoenix-poetry

In Greek mythology, phoenix   is a long-lived bird that is cyclically regenerated or reborn. Associated with the Sun, a phoenix obtains new life by arising from the ashes . may symbolize renewal

फ़ीनिक्स एक बेहद रंगीन पक्षी  होता है । जिस की चर्चा प्राचीन मिथकों व दंतकथाओं में पाया जाता है।  माना जाता है कि  वह मर कर भी राख से पुनः जी उठता है।

phoenix  1.jpg

एक लड़की भीगी आंखों वाली।

उसकी भीगी आंखें जैसे,

अोस भरी भीगी रातें हो।

थोड़ी   जिद्दी, थोङी हैरान-परेशान,

माया पंछी की तरह मायावी।

लड़ती झगड़ती दुनिया की अनुचित बातों से,

फिनिक्स

की तरह हर बार फिर से उठ जाती

पता नहीं कहां से वह शक्ति लाती

कितनी बार  राख से पुनर्जन्म लेने की काबलियत है उसकी?

हर बार, हर बार………..पर  कितनी बार……..?

कौन जाने कितनी बार??????????

 

 

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जिंदगी के रंग 13 – कविता

 

My heart is so small, it’s almost invisible. How can You place such big sorrows in it? “Look,” He answered, “your eyes are even smaller, yet they behold the world.
~ Rumi

 

हँसने की चाह ने कितना रुलाया है।

अौरो को खुश करने की कोशिश में

अपने -आप को खोया है।

अब अपने-आप को पाना  है।

      सब  खो कर भी…….

क्यों जिंदगी ने हसँने की,

कोशिश में अक्सर  रुलाया है??

 

धोखा और फरेब-कविता Deception- poetry

Kerala mangoes arrive early this year – growers expect them to be ready by the second week of March. ( News; indianexpress, Mon, Feb 13, 2017)

Research reveals that global warming is compelling birds into early migration. Migrating birds are arriving at their breeding grounds earlier as global temperatures rise.

धोखा और फरेब हमने किस- किस को सिखा दिया है?

प्राकृति को देखकर

 लगता है क्या कभी हम भी ऐसे थे

पवित्र- पावन, सच्चे?

अब तो करवटें बदलते मौसम ने भी

रंग दिखाना शुरु कर दिया  है

समय से पहले  प्रवासी पंछी उड़कर आने जाने लगे हैं

फल – फूल भी मौसम से पहले खिलने फलने लगे हैं

क्या हमसे यह धोखा फरेब मौसम ने भी सीख लिया है?

Image courtesy Chandni  Sahay.

जो गिनती में नहीं हैं-कविता

Pune civic polls: At 56, she waits to walk with pride, sporting blue ink on finger
Namira Shaikh, along with 43 other sex workers, will receive their voter identity cards on January 25, National Voters’ Day. ( News -The Indian Express ,PUNENewsLine Tuesday January  24, 2017)


IndiChange - Harnessing the collective power of blogging to fight evil.

उनका क्या जो गिनती में नहीं  हैं,

पुत्री, पत्नी या वधु नहीं मात्र नगरवधु है।

पण्यै: क्रोता स्त्री ( रुपया देकर आत्मतुष्टि के लिए खरीदी गई नारी),

वेश्या, गणिका, वारवधू, लोकांगना, नर्तकी कह

शतकों से प्रेयशी – रक्षिता बन ,

मन बहलाती रही।

उस का  प्रवेश निषिद्ध क्यों सभ्य समाज में ?

जीवन-मृत्यु में उसकी गिनती  हीं नहीं।

चलो, उन्हें गिनने का, ऊपर   उठाने का विचार तो आया।

शब्दार्थ – word meaning

वेश्या, गणिका, वारवधू, लोकांगना,रक्षिता,नगरवधू, पण्यै: क्रोता स्त्री- रुपया देकर आत्मतुष्टि के लिए खरीदी गई नारी -Prostitute.

शतकों –  Centuries.

प्रवेश निषिद्ध -No entery.

सभ्य समाज -Civilised society.

Image courtesy – internet.

धुंध- जिंदगी के रंग- 11(कविता) A Tributes -poetry

Etah road accident: School bus collides with truck killing over 20 school kids, dozens injured.( 19th January, 2017)

palash

राह चलते-चलते ,

सामने धुंध छा गया।

धुंधली राह में ङगर खो गया।

हँसते- खिलखिलाते नन्हें-मुन्ने भी

खो गये कोहरे की चादर में।

रह गये बिखरे नन्हें जूते, किताबें, स्कूल बैग…….

जाते हुए शिशिर अौर

आते हुए वसन्त ने पलाशों को खिला दिया।

जैसे ‘जंगल में आग’ लगा दिया।

पर ये फूल से नन्हें-मुन्ने  समय से पहले मुरझा क्यों गये?

आग बनने से पहले, राख में खो गये।

रह गये ‘टेसू के आग’ से टीस दिलों में………

शब्दार्थ- Word meaning

जंगल की आग,टेसू, पलाश – flower known as flame-of-the-forest, bastard teak.

शिशिर -Winter Season

वसन्त – Spring Season

टीस – twinge, suffering, pain, misery, ache.

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