फूलों की कीमत

 

मिट्टी में दबे बीज को हीं

मालूम होता है,

शाखों पर खिले फूलों की

क्या कीमत चुकाई है उसने……….

मौन अौर समय

सुनाने वालों की बातें

सुन कर

मौन को बोलने दो।

क्योंकि सही जवाब तो

समय देता है।

एक टुकड़ा जिंदगी का 

News -At least70 kids died.

At least70 kids have died over the course of 5 days at the Baba Raghav Das Medical College hospital in Gorakhpur, Uttar Pradesh. Authorities have launched an inquiry into the causes of the oxygen disruption but denied reports that it had caused the deaths at the state-run hospital.

​कभी पढ़ा सैकडों लीटर खून बर्बाद हो गया ,

अब बिना हवा -आक्सीजन बच्चे …..

ना जिम्मेदारी है , न जीवन का मोल.

पर बेजान घरों  और कब्रों 

पर नाम लिख दावेदारी दिखाने में 

हम कमी नहीं करते।

एक टुकड़ा जिंदगी का ,

ये बच्चे

कितने अनमोल है ,

उनसे पूछो, जिनके मासूम 

बिना साँस लिये चले गये……


जिंदगी के रंग 24 – जंग

 

जंग अक्सर अपनों अौर करीबियों से लङी जाती हैं

महाभारत की कहानी में सुना था,

यही सच भी है……….

अब जिंदगी  के चक्रव्यूह से  जाना भी है ।

 

सफर-ए- जिंदगी

 

सफर-ए- जिंदगी ,

कितनी भी

खूबसूरत क्यों ना हो…

अपनी कीमत

कभी ना कभी

वसूल हीं लेती है………

चेहरे पर स्टैम्प क्यों ?? Stamped faces

News

Bhopal – Faces of the children were reportedly stamped by the jail authorities in a bid to distinguish them from the children of the women inmates.

भोपाल सेंट्रल जेल में बंद अपने पिता से मुलाकात करने गए दो बच्चों के चेहरे पर मुहर लगाए  गये।

 

क्या हम मशीन बन गये है ?

और काग़ज़ समझ रखा है ,

इन मासूम नाजुक चेहरों को ?

जो हथेली पर लगने वाले स्टैम्प

 इनके गालों पर लगा दिया ?

त्योहार के दिन जेल में अपनों

से मिलने जाने की यह क्रूर सजा क्यों ?

शायद लोगों में मानवता …..बची ही नहीँ

 या यह शक्ति – ओहदे  का मद है ?

या मजाक करने का पीड़ादायक तरीका ??

क्या उनके बच्चों के साथ

 ऐसा किया जाना पसंद  आयेगा उन्हे ?

 

 

जिंदगी

लगता है जिंदगी कुछ खफा है
छोङिये कौन सी यह पहली द़फा है?

गुलजार

जिंदगी के रंग -23

अहले सुबह जिंदगी आई कुछ मसले व परेशानियाँ ले कर ।
शाम ढले चौखट पर खङी थी मुस्कुराती
अौर पूछ बैठी –
दर्द हुआ क्या?
चोट

लगी क्या?

जवाब दिया – 

बिना कसूर के मिली सजा,
दर्द तो बङा देती है
पर, तुझसे क्या शिकायत ऐ जिंदगी ???
तु तो रंग दिखा रही है…..
सबक अौ तजुर्बे सीखा रही है।

दिल से 

दिल से निकली बाते ही

अक्सर दिल को छू पाती है.

पुराने लोगों से मिलो ….बाते करो …

तो पुराने दिन याद आते है .

Image from internet.

जिंदगी के रंग-16 कविता

 

जिंदगी इम्तिहान लेती है,

पर सबक भी देती है।

अगर

सही सबक लिया जाए।

जितना ज्यादा दर्द जिंदगी देती है

उतना ही, दर्द को

समझने की समझ भी देती है।

गर

ठीक से पढ़ें जिंदगी के पन्नों को……..

 

 

 

image from internet.