जिंदगी के हसीन पलों को
कितनी भी बार कहो – थम जा !!
पर यह कब रुकता है?
पर दर्द भरे पलों का
बुलाअो या ना बुलाअो,
लगता है यह खिंचता हीं चला जा रहा है………
पता नहीं समय का खेल है या मन का?
पर इतना तो तय है –
वक्त बदलता रहता है………….
यह काल चक्र चलता रहता है।
जैसा भी समय हो, बीत हीं जाता है ……….
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