कहते है अपनों से हुए जंग हार जाना चाहिये,
पर बार-बार हारते हुए,
सामने वालो को भूल का एहसास ना दिलाने
अौर बस ढोते रहने से,
रिश्तों मे जो जंग लग जाती है
उसका क्या?
कहते है अपनों से हुए जंग हार जाना चाहिये,
पर बार-बार हारते हुए,
सामने वालो को भूल का एहसास ना दिलाने
अौर बस ढोते रहने से,
रिश्तों मे जो जंग लग जाती है
उसका क्या?
किसी का दर्दे हाल जानना है ,
तब
पास जाअो, करीब से देखो।
दूर से तो सब कुछ
सुहाना हीं सुहाना दिखता है।
Goodbyes are only
for those who love
with their eyes.
Because…
for those who love
with their heart
and soul there is
no such thing as separation……..
~Rumi
पलट कर देखा, लगा काश…..
बीता समय लौट आये।
जिंदगी ने हँस कर कहा –
यह लिखना -मिटाना
फिर कुछ नया लिखना……..
यह तुम्हारी फितरत होगी,
हमारी नही।
हम तुम्हारी तरह लेखक या कवि नहीं हैं।
दूसरा मौका हम नहीं देते!!!!!
जिस राह पर हर बार मुझे
अपना कोई छलता रहा ।
फिर भी ना जाने क्यों मैं
उसी राह ही चलता रहा।
सोंचा इस बार….
रौशनी नहीं धुआँ दूँगा।
लेकिन चिराग था फितरत से,
जलता रहा..
जलता रहा……
Anonymius
जिंदगी के सफर में
सारे इम्तहान हमारे हीं हिस्से क्यों?
नतीज़े आये ना आये ,
अगला पर्चा शुरु हो जाता है
हम गलते-पीघलते नहीं ,
इसलिये
पत्थर या पाषण कहते हो,
पर खास बात हैं कि
हम पल-पल बदलते नहीं।
अौर तो अौर, हम से
लगी ठोकरें क्या
तुम्हें कम सबक सिखाती हैं??
कहते हैं जैसा साथ, वैसी बात
संगत का असर पङता है,
पर
ना फूल को आया चुभना
ना काटों को आया महकना।
सुनाने वालों की बातें
सुन कर
मौन को बोलने दो।
क्योंकि सही जवाब तो
समय देता है।
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