समझौता, भोलापन, भरोसा हँस पङे।
बोले हमारे साथ रहने वाले का यही हश्र होता है
पर एक बात है!
हम जिंदगी का आईना अौर दुनिया की असलियत जरुर दिखा देतें हैं।
समझौता, भोलापन, भरोसा हँस पङे।
बोले हमारे साथ रहने वाले का यही हश्र होता है
पर एक बात है!
हम जिंदगी का आईना अौर दुनिया की असलियत जरुर दिखा देतें हैं।
काश कुछ लोगों से जिन्दगी की होड़ में इतनी जफ़ा ना होती,
काश उनमे अक्स सी सच्चाई और परछांई सी वफ़ा भी होती |
Courtsy blogger –
प्रश्न करते -करते जिंदगी से,
थक कर जब उत्तर की आस छोङ दी…..
तब वह जवाब अपने आप देने लगी।
दूसरों को देखना छोङ, खुद को देखो…..
मुक्त कर दो अपने आप को –
गलती, प्यार, गुस्सा विश्वासघात, हार-जीत से………….
बेचैन लहरें किनारे पर सर पटकती,
कह रहीं हैं – ये सफेद झाग, ये खूबसूरत बुलबुले
बस कुछ पल के लिये हैं।
जिंदगी की तरह……
बीत रहे वक्त अौ लम्हे को…..
जी लो जी भर के।
Goodbyes are only
for those who love
with their eyes.
Because…
for those who love
with their heart
and soul there is
no such thing as separation……..
~Rumi
IndiSpire – Ideas for Edition 185
Do you have that one person who was once your best companion but now a complete stranger? What changed?
जिंदगी के सफर में जब भी रिश्तों की
कश्ती ङूबती है
कभी माँझी, कभी मौसम अौर
कभी नदी के भँवर ………. बदनाम होते हैं।
पर जब नाव का छुपा सुराख़ ही उसे
ङूबाने लगे ,
तब वफा – वेवफा, टूटना – छूटना,
अपना -पराया क्या मतलब रखतें हैं?
धोखा… अविश्वास का सुराख़…..
किसी को मार ङालने
के लिये अकेले हीं काफी है।
यह
रिश्तों को जीने नहीं देता………
पलट कर देखा, लगा काश…..
बीता समय लौट आये।
जिंदगी ने हँस कर कहा –
यह लिखना -मिटाना
फिर कुछ नया लिखना……..
यह तुम्हारी फितरत होगी,
हमारी नही।
हम तुम्हारी तरह लेखक या कवि नहीं हैं।
दूसरा मौका हम नहीं देते!!!!!
अहले सुबह जिंदगी आई कुछ मसले व परेशानियाँ ले कर ।
शाम ढले चौखट पर खङी थी मुस्कुराती
अौर पूछ बैठी –
दर्द हुआ क्या?
चोट
लगी क्या?
जवाब दिया –
बिना कसूर के मिली सजा,
दर्द तो बङा देती है
पर, तुझसे क्या शिकायत ऐ जिंदगी ???
तु तो रंग दिखा रही है…..
सबक अौ तजुर्बे सीखा रही है।
अपने लिखे शब्दों को वाह वाही
देने वालों को देख कर समझ आया –
ये भी जिंदगी के उस दौर से गुजरे है।
जहाँ यह रंग दिखाती है।
रंगीन रंगों ने सिखाया,
रंगे जिंदगी !!!!
खूबसूरत तस्वीर तभी बनती हैं,
जब मिलते- बिखरते हैं कुछ रंग।
अौर यही कहानी है तस्वीरे जिंदगी की ……….
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