जिंदगी के रंग 14 – कविता

if you experience the love, you have to touch the spirit, not the body.
~ Rumi

 

            भूलने की कुछ आदत सी हो गई है………..

जिंदगी की जद्दोजहद में।

डर लगता है कभी,

अपने आप को हीं न भूल जाऊँ।

अगर कभी तुम्हें भूल गई तो,

शिकवे गिले न करना

               बस धीरे से याद दिला देना  !!!!!!!!!

जिंदगी के रंग 13 – कविता

 

My heart is so small, it’s almost invisible. How can You place such big sorrows in it? “Look,” He answered, “your eyes are even smaller, yet they behold the world.
~ Rumi

 

हँसने की चाह ने कितना रुलाया है।

अौरो को खुश करने की कोशिश में

अपने -आप को खोया है।

अब अपने-आप को पाना  है।

      सब  खो कर भी…….

क्यों जिंदगी ने हसँने की,

कोशिश में अक्सर  रुलाया है??

 

नाम में क्या रखा है ? What is in a name?

जब, मेरी बेटी छोटी थी। तब मैं उसके साथ अक्सर एक खेल खेला करती थी ।

उसे अलग अलग नाम से बुलाती थी और फिर उससे उसका नाम पूछती थी।

उसे इस खेल में बङा मजा आता था। उसके चेहरे पर बिखरी उसकी खुशी और

खिलखिला कर नए -नए नाम बताने का खेल मुझे बड़ा अच्छा लगता था 

 यह खेल बहुत बार उल्टा भी चलता  था।  यह  मैं अक्सर तब करती थी,

जब मेरे पास बहुत काम होता था। जब मैं बहुत व्यस्त होती थी और वह

मुझे कुछ ना कुछ बोल कर परेशान करती रहती थी। मतलब यह कि  मैं

तब  उसे व्यस्त रखने के लिए  ऐसा करती थी।

 शायद, दुनिया में हर व्यक्ति के लिए  अपना नाम ही सबसे प्यारा शब्द  होता है।

पर  लड़कियों के  नाम शादी के बाद  बदल जाते हैं। लड़कियां अपने नाम या सरनेम के

साथ हीं  जिंदगी क्यों नहीं चला सकती हैं?

धोखा और फरेब-कविता Deception- poetry

Kerala mangoes arrive early this year – growers expect them to be ready by the second week of March. ( News; indianexpress, Mon, Feb 13, 2017)

Research reveals that global warming is compelling birds into early migration. Migrating birds are arriving at their breeding grounds earlier as global temperatures rise.

धोखा और फरेब हमने किस- किस को सिखा दिया है?

प्राकृति को देखकर

 लगता है क्या कभी हम भी ऐसे थे

पवित्र- पावन, सच्चे?

अब तो करवटें बदलते मौसम ने भी

रंग दिखाना शुरु कर दिया  है

समय से पहले  प्रवासी पंछी उड़कर आने जाने लगे हैं

फल – फूल भी मौसम से पहले खिलने फलने लगे हैं

क्या हमसे यह धोखा फरेब मौसम ने भी सीख लिया है?

Image courtesy Chandni  Sahay.

मौसम के साथ उङते प्रवासी परिंदे- कविता Migratory birds – Poem

Research reveals that global warming is compelling birds into early migration. Migrating birds are arriving at their breeding grounds earlier as global temperatures rise.

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मौसम के साथ उङते रंग- बिरंगे परिंदे,
कुदरत के जादुई रंगों के साथ,

जहाँ का मौसम माकूल – माफिक हो 

वहीं चल देते हैं। 

हमारी तरह बंधनों से बंधे नहीं हैं। 

ये बंधनों से ऊपर, घुमक्कड़  बंजारों से।

थके,-हारे, हजारों मीलों से उङ कर आते हैं।

हम आशियाना  अौर समाज के बंधन से बंधे लोग

इन की प्राकृतिक जीवन को समझे बिना।

नैसर्गिक सृष्टि के नियम से छेङ-छाङ कर,

इन्हें तकलीफ पहुँचाते हैं। 

शब्दार्थ- Word meaning

घुमक्कड़, बंजारा – gypsy

माकूल,  माफिक – suitable

कुदरत,सृष्टि – nature,

सृष्टि – Creation

नैसर्गिक – Natural

प्रवासी – Migratory

Image from internet.

Images courtesy  Chandni Sahay.

रेत के कण ( कविता ) #LessonOfLife


Indian Bloggers

क्या रेत के कणों को देख कर क्या

यह समझ आता है कि कभी ये

किसी पर्वत की चोटी पर तने अकडे

महा भीमकाय चट्टान होंगे
या कभी

किसी विशाल चट्टान को देख कर मन

में यह ख्याल आता है कि समय की

मार इसे चूर-चूर कर रेत बना देगी?

नहीं न?

इतना अहंकार भी किस काम का?

तने रहो, खड़े रहो पर विनम्रता से।

क्योंकि यही जीवन चक्र है।

जो कभी शीर्ष पर ले जाता है और

अगले पल धूल-धूसरित कर देता है।

शब्दार्थ- Word meaning

रेत -Sand

कण-Particles

पर्वत की चोटी – the top of the mountain

भीमकाय चट्टान – giant rock

चूर-चूर – Shattered

अहंकार – narcissism , Ego, high-and-mighty

विनम्रता- politeness, humbleness

जीवन चक्र- Life Cycle

शीर्ष – Top

What is the best lesson that life has taught you so far? #LessonOfLife

Source: रेत के कण ( कविता )

जो गिनती में नहीं हैं-कविता

Pune civic polls: At 56, she waits to walk with pride, sporting blue ink on finger
Namira Shaikh, along with 43 other sex workers, will receive their voter identity cards on January 25, National Voters’ Day. ( News -The Indian Express ,PUNENewsLine Tuesday January  24, 2017)


IndiChange - Harnessing the collective power of blogging to fight evil.

उनका क्या जो गिनती में नहीं  हैं,

पुत्री, पत्नी या वधु नहीं मात्र नगरवधु है।

पण्यै: क्रोता स्त्री ( रुपया देकर आत्मतुष्टि के लिए खरीदी गई नारी),

वेश्या, गणिका, वारवधू, लोकांगना, नर्तकी कह

शतकों से प्रेयशी – रक्षिता बन ,

मन बहलाती रही।

उस का  प्रवेश निषिद्ध क्यों सभ्य समाज में ?

जीवन-मृत्यु में उसकी गिनती  हीं नहीं।

चलो, उन्हें गिनने का, ऊपर   उठाने का विचार तो आया।

शब्दार्थ – word meaning

वेश्या, गणिका, वारवधू, लोकांगना,रक्षिता,नगरवधू, पण्यै: क्रोता स्त्री- रुपया देकर आत्मतुष्टि के लिए खरीदी गई नारी -Prostitute.

शतकों –  Centuries.

प्रवेश निषिद्ध -No entery.

सभ्य समाज -Civilised society.

Image courtesy – internet.

ऐसा क्यों?  (जिंदगी के रंग 12 -कविता) 

ऐसा क्योंहोता है?

एक आवाज़ आई –
यह तो मौका है लोगों को पहचानने का.

साथ तो वही देगा ,

जो खुद सच्चा  हो.

जिन्हों ने  खुद गलतियाँ की है

वे  तो हमेशा गलत तरफ़ ही खड़े मिलेंगे ना ?

कितने लोग साथ है यह मत देखो.

कौन  है यह देखो.

क्योंकि वही  अपने है.

वही सच्चे है…..

धुंध- जिंदगी के रंग- 11(कविता) A Tributes -poetry

Etah road accident: School bus collides with truck killing over 20 school kids, dozens injured.( 19th January, 2017)

palash

राह चलते-चलते ,

सामने धुंध छा गया।

धुंधली राह में ङगर खो गया।

हँसते- खिलखिलाते नन्हें-मुन्ने भी

खो गये कोहरे की चादर में।

रह गये बिखरे नन्हें जूते, किताबें, स्कूल बैग…….

जाते हुए शिशिर अौर

आते हुए वसन्त ने पलाशों को खिला दिया।

जैसे ‘जंगल में आग’ लगा दिया।

पर ये फूल से नन्हें-मुन्ने  समय से पहले मुरझा क्यों गये?

आग बनने से पहले, राख में खो गये।

रह गये ‘टेसू के आग’ से टीस दिलों में………

शब्दार्थ- Word meaning

जंगल की आग,टेसू, पलाश – flower known as flame-of-the-forest, bastard teak.

शिशिर -Winter Season

वसन्त – Spring Season

टीस – twinge, suffering, pain, misery, ache.

Images from Internet.

  सपने – कविता #Dream – Poetry


Indian Bloggers


सपने तो सपने है

        कभी हँसाते , रूलाते , डराते , जगाते,

              जाने अनजाने सपने .

                     फ़िर भी  सपने तो सपने है.

                           पर बेहद अपने है.

                                   हाँ , कभी कभी देर से सही 

                                           पूरे होते हुए भी देखा है इन्हे .

क्या आप विश्वास करेंगे ?

          कभी किसी ने

               अपने मौत की ख़बर और वजह 

                    मुझे सपने में जो बताई 

                         आँसू भरी आँखों से !

                                 कुछ दिनो बाद  उसे सच होते सुना……..

(यह मेरे जीवन की एक सच्ची  घटना है. बड़ी जद्दोजहद और सोंच विचार  के बाद कविता का रुप दे सकी हूँ. )

IndiSpire topic –

Have you ever seen an interesting or strange dream? Have any of such dreams come true? Do you try to figure out the meaning of your dreams?