O MEN PAUSE

देखा है क्या गौर से उसे, महसूस किया है क्या?
वह हर रोज़ बदलती है।
ना यह नज़ाकत, जादू या अदा है उसकी।
यह वह नहीं, हैं उसके हार्मोन।
कभी उसे ख़ूबसूरत, talkative, intuitive
कभी creative, चिड़चिड़ा बनाते।
दर्द-चोट- conflict- aggression से बचती-बचाती,
है ये उसके ज़्यादा responsive दिल-औ-दिमाग़।
मूड on-off, pregnant brain, mommy brain….
पर नहीं उसका क़ाबू।
इतने बदलावों के बाद भी है नाज़ुक, सुकुमार।
ग़र तुमने उसे पढ़ना सीख लिया तो
है खुली किताब वरना पहेली सी।
खुद में ही उलझी, है सरल सर्वोत्तम कृति ख़ुदा की।
जान गए, पहचान गए तो ठीक, वरना है ख़ुदा ही मालिक।
Caution – she is fragile ! handle with care to get the best.

Women goes through adolescence twice,( MEN-O-PAUSE). Primenopause in their 40s is called second adolescence”. It starts around age 43 and reaches its pinnacle by 47/48/52.

गारंटी

कुछ पक्के मकान सैलाबों में डूब जाते है।

दृढ़ निश्चय दुनियादारी में छूट जाते हैं।

गहरे नाते समय के चोट से अक्सर टूट जातें हैं।

पुष्ट तरु झँनझावत से टूट जातें है।

अटल-अचल टाईटैटिक़

तूफ़ानी लहरों में डूब जातें हैं।

कुछ भी गारंटी नहीं इस दुनिया में ।

फिर भी हसरतें-ख्वाहिशें रोज़

जवान होतीं रहतीं है?