हँसी !! 

हर हँसी के पीछे छुपी एक ना एक कहानी होती है।

कुछ बेमानी,

कुछ जानी या

अनजानी  होती है।

कुछ मोनालिसा सी रहस्यमय पहेली होती है।

कुछ ख़ुशियों भरी और

कुछ के पीछे छुपी आँसुओं की कहानी होती है.

चाहे कहो इसे मनोविज्ञान या विज्ञान में जेलोटोलॉजी

पर यह तय है कि हर हँसी पैग़ाम होती है ख़ुशियों की

अौर गम भुला,

सीखा देती है, जिंदगी में मुस्कुराने की।

 

 

 

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