लहरों की छाप

सीखना हो तो इनसे सीखो.

पानी हो या हवा ,

लहरों में कैसे ढलतीं हैं?

हर जगह अपनी पहचान छोड़ जातीं हैं.

सागर तट के बालू हों या

मरुस्थल के रेत.

अपने क्षणभंगुर जीवन में भी

ये अपनी लहरों की छाप

छोड़ जातें हैं.

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