ज़िंदगी के रंग -172

अगर आप किसी बात से परेशान हैं,

मतलब आप खुद को कुछ बताने की

कोशिश कर रहे हैं।

अपनी बातें सुनिए ,

अपने दिल की बातें सुनिये.

वह कितना कुछ कहता है.

सब अनसुना कर दुनिया की सुनते रहते हैं

और फिर कहते हैं- ज़िंदगी में बड़ा तनाव है.

17 thoughts on “ज़िंदगी के रंग -172

    1. मैंने तुम्हारा blog पढ़ना चाहा पर यह जवाब आया –
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  1. बिल्कुल सही रेखा जी । यही बात कहता हुआ मुकेश जी का अमर गीत है न :

    दिल जो भी कहेगा, मानेंगे, दुनिया में हमारा दिल ही तो है
    हर हाल में जिसने साथ दिया वो एक बेचारा दिल ही तो है

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    1. बहुत सटीक गीत !
      हम दिल और दिमाग़ के बीच अक्सर उलझ जाते हैं. इस गाने की पंक्तियों भी दिल की बातों का साथ दे रहीं हैं.
      आभार जितेंद्र जी .

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