
चाँद ने सूरज को आवाज़ दे कर कहा –
ज़िंदगी की राहों में कुछ पाना,
कुछ खोना लगा रहता है।
कम ज़्यादा होना लगा रहता है।
भला या बुरा किया किसी के साथ,
उसका जवाब मिलता रहता है।
आवाज़ की गूंजें लौट कर है आती रहतीं हैं।
सागर और ब्रह्मांड का यह है फ़लसफ़ा।

चाँद ने सूरज को आवाज़ दे कर कहा –
ज़िंदगी की राहों में कुछ पाना,
कुछ खोना लगा रहता है।
कम ज़्यादा होना लगा रहता है।
भला या बुरा किया किसी के साथ,
उसका जवाब मिलता रहता है।
आवाज़ की गूंजें लौट कर है आती रहतीं हैं।
सागर और ब्रह्मांड का यह है फ़लसफ़ा।

चराग़-ए-रहगुज़र रौशन करता है।
मुसाफिर की अँधेरी राहों को।
जब दिल में चराग़ जल उठते हैं,
रौशन करते हैं रूह की राहें को।
अर्थ –
चराग़-ए-रहगुज़र – lamp on the way

कुछ लोग बिन आईना जीते हैं ज़िंदगी।
वे भूल जातें है, ख़ुद एक आईना है ज़िंदगी।
और जब अचानक उन्हें हीं उनका चेहरा
दिखाती है आईना-ई-ज़िंदगी।
तब नहीं पाते अपने आप को पहचान,
या अपना भूला चेहरा ना चाहतें हैं पहचानना?
धूमिल, दाग़दार, मलिन अक्स।
आईना नहीं बोलता झूठ, जानते हैं सभी शख़्स

सारे सच लोग झूठ बताते चले गये।
सारी ज़िंदगी छले जाते रहे।
कई धोखे भरे रिश्ते निभाते चले गये।
शायद हुआ ऊपर वाले के सब्र का अंत।
हाथ पकड़ ले चला राह-ए-बसंत।
एक नई दुनिया, नई दिशा में।
बोला, पहचान बना जी अपने में।
तलाश अपने आप को, अपने आप में।
ग़र चाहिए ख़ुशियाँ और सुकून का साया।
जाग, छोड़ जग की मोह-माया।
मैं हूँ हमेशा साथ तेरे, कर बंदगी।
ख़ुशगवारी से जी भर, जी ले ज़िंदगी।

आईने ने पूछा –
क्यों लिए फिरती हो मुझे साथ?
मैंने कहा –
यक़ीं है, कड़वे लोगों को बेहतरीन
ज़वाब दे ऊपरवाला थामे रहेगा मेरा हाथ।
पर भूल से भी अहंकार में ना डूब जाऊँ,
आईने में खुद को देख नज़रें झुकाऊँ,
इस कोशिश में कि मैं ख़ुद आईना बन जाऊँ।
अपने से अपनी होड़ लगाऊँ।
Interesting fact –
Stay true to yourself. As what brings
you a sense of happiness, purpose
and meaning in life is important.

सागर के इश्क़ में नदियाँ छोड़ आईं
पहाड़ों, हिम और हिमनदों को।
बहती नदियों को बस मालूम है इतना,
उनकी मंज़िल है,
साग़र के आग़ोश में।
क्या पता है इन्हें इनकी मंज़िल ….
…..सागर खारा मिलेगा?

मौन रह कर
माफ़ कर देना,
मौन रह कर
जीवन पथ पर बढ़ जाना
सबके बस की बात नहीं।
यह होता है तब
ऊपरवाले पर भरोसा हो जब।
अलफ़ाज़ बेमानी हो जाते हैं तब।
छुआ-छूत और जात की बात,
हमबिस्तर की रात नहीं रहती याद।
ब्लड की बोतल हो जाती है पाक।
आर्गन डोनेशन लेने में
नहीं रहती कोई बात।
बस विवाह, इश्क़ और पानी पात्र में
आड़े आती है जात।
News- Tank Cleaned With Cow Urine
In Karnataka After Dalit Woman
Drinks Water. There are several tanks
in the village with written messages that
everyone can drink water from there.



सूखते गुलाबों में भी अक्सर
जानी पहचानी ख़ुशबू मिलती है।
पुरानी किताबों में भी अक्सर
अजीब से ख़ुशबू मिलती है।
पुरानी किताबों में मिले सूखे गुलाब,
की मिलाजुली ख़ुशबू
ले जाती हैं यादों के भँवर में।
बीते दिनों के समुंदर में।
#TopicByYourQuote

कुछ लोग दिखतें हैं हमेशा ख़ुश।
ज़रूरी नहीं वो हों भी ख़ुश।
दरअसल वो सीख लेते है रहना ख़ुश।
वरना किसे ज़िंदगी रुलाती नहीं?
कुछ धोखे, कुछ अपने सताते नहीं?
जिये हँस कर या रो कर,
यह अपनी फ़ितरत है।
सुख-दुख के लम्हे आते हैं और
गुज़र जाते हैं।
तमाम उम्र यूँ हीं ख़ुशी की तलाश में
गुज़र जाती है।
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