एक दिन ऊपर वाले ने कहा –
हर दिन कुछ ना कुछ
नये की कामना हैं तुम्हें.
कभी नया भगवान भी तो
आजमा कर देखो.
बहुत कुछ नया मिल जायेगा.
गीता और रामायण के बाद
आजकल कुरआन और बाइबल
पढ़ने लगी हूँ……
Source: गीता , कुरआन , बाइबल -कविता
एक दिन ऊपर वाले ने कहा –
हर दिन कुछ ना कुछ
नये की कामना हैं तुम्हें.
कभी नया भगवान भी तो
आजमा कर देखो.
बहुत कुछ नया मिल जायेगा.
गीता और रामायण के बाद
आजकल कुरआन और बाइबल
पढ़ने लगी हूँ……
Source: गीता , कुरआन , बाइबल -कविता
The divine, eternal, and spiritual love – Krishna went to Radha to bid his farewell before leaving Vrindavan. They spent a few minutes without a word. They knew each other’s feelings. Words had little meaning to convey their love.
कान्हा ने राधा से पूछा, कहाँ है तु खोई-खोई?
क्यों तु लग रही है रोई-रोई ?
राधा ने कहा —
कुछ रिश्ते भावनाअों -एहसासों मे ङूबे होते हैं।
इसलिए निर्दोष होते हैं …
सुंदर होते हैं……
मैंने जितना तुम्हें खोजा,
जितना अधिक जाना,
उतना अौर पाना चाहा, पर पाया नहीं !
कान्हा ने कहा – इसलिये क्योकिं,
अपने दिल में तो तुने झाँका हीं नहीं……
हर मंदिर में तु ही तो होती है मेरे साथ।
राधा-कृष्ण के आध्यात्मिक रिश्ता अौर अलौकिक प्रेम की अनेकों कहानियाँ है। वृंदावन छोङने से पहले कान्हा, राधा से मिले। पर दोनों कुछ नहीं बोल रहे थे, बस चुप थे। पर मौन की भी अपनी एक भाषा होती है।
मंदिर के सामने बच्चे खेल रहे थे,
मस्जिद के सामने लङने लगे।
चर्च के सामने झगङने लगे।
पर लोग हैरान थे, मुद्दा मंदिर, मस्जिद, चर्च नहीं
एक नन्ही सी, हवा में लहराती पतंग क्यों है ? ??
कुछ हँस कर, कुछ रो कर झेलते हैं।
दुःख सहने का अपना- अपना तरीका होता है।
क्या अच्छा हो, गर आँखों में आँसू पर होंठों पर मुस्कान हो।
Image from internet.
मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 5
नवरात्रि की अष्टमी तिथि ,
प्रौढ़ होते, धनवान दम्पति ,
अपनी दरिद्र काम वालियों
की पुत्रियों के चरण
अपने कर कमलों से
प्यार से प्रक्षालन कर रहे थे.
अचरज से कोई पूछ बैठा ,
यह क्या कर रहें हैं आप दोनों ?
अश्रुपूर्ण नत नयनों से कहा –
“काश, हमारी भी प्यारी संतान होती.”
सब कुछ है हमारे पास ,
बस एक यही कमी है ,
एक ठंडी आह के साथ कहा –
प्रायश्चित कर रहें है ,
आती हुई लक्ष्मी को
गर्भ से ही वापस लौटाने का.
Source: कन्या पूजन ( कविता )
Image – Sundarban temple,
by Rekha Sahay.
मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 3
उसके पति ने कहा ,
सजावट की तरह रहो ,
कौन तुम्हें मदद करेगा ?
यह पुरुषों की दुनियाँ हैं.
सब के सब , कभी न कभी
ऐसे रिश्ते बनाते हैं.
अगर तुमने मेरी जिंदगी मॆं
ज्यादा टाँग अडाई ,
तब सब से कह दूँगा –
यह औरत पागल हैं.
उसने नज़रें उठाई और कहा-
सब के सब तुम्हारे जैसे नहीँ हैं.
तुम्हारे ये तरीके और हथियार पुराने हो गये ,
मुझ पर काम नहीँ करते.
हाँ , जो तुम जैसे हैं ,
वहीं तुम्हारा साथ देते हैं.
मैं नारी हूँ, रानी हूँ, शक्ति हूँ।
इसलिये शर्मिंदा होने का समय तुम्हारा हैं.
मेरा नहीँ.
आज़ के आधुनिक समय में अभी भी कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं , जो नारी को समानता का दर्ज़ा देने में विश्वाश नही रखते.
Source: तरीके और हथियार ( कविता )
Where there is pain, the cure will come.
~ Rumi
जब छोटी थी, बङे-बङे सपने देखा करती,
अब पहले की छोटी-छोटी बातें याद आती हैं।
खुशियों अौ गम के खेल में यह समझ आया,
ये सब आती -जाती रहती है
अौर
कोई ना कोई सबक दे कर जाती हैं।
खिला खिला गुलमोहर तपिश में मोहरें लूटाता रहा…..
पूरा चाँद, रात भर जल कर चाँदनी बाँटता रहा.
ना पेड़ों ने कहीँ अपना नाम लिखा ना शुभ्र गगन में चाँद ने.
और हम है घरों – कब्रों पर अपना नाम लिखते रहते है.

Images from internet.
दिल से निकली बाते ही
अक्सर दिल को छू पाती है.
पुराने लोगों से मिलो ….बाते करो …
तो पुराने दिन याद आते है .
Image from internet.
कुछ ख्वाहिशें बेलगाम उडती,
बिखरती रहती है हवा के झोंकों सी.
सभी अरमानों को पूरा करना मुशकिल है,
और बंधनों में बाँधना भी मुश्किल है.
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