शिवलिंग और नर्मदा ( कविता ) #SelfDiscovery – poetry

 


Indian Bloggers

 

 

stock-photo-shivling-statue-representing-a-form-of-lord-shiva-in-the-premises-of-naina-devi-temple-200701106

 

एक पत्थर ने पूछा शिवलिंग से।

तुम चिकने हो, सलोने हो इसलिए

पूजे जाते हो?

हमें तो ना कोई पूछता है।

ना ही पूजता है।

शिवलिंग ने कहा- मैं भी तुम जैसा ही था।

नोकदार रुखड़ा, पत्थर का टुकड़ा।

पर मैंने अपने को छोड़ दिया

नदी के प्रवाह में, नियंता के सहारे।

दूसरों को चोट देने के बदले चोटें खाईं।

नर्मदा ने मुझे घिस – माँज कर ऐसा बनाया।

क्या तुम अपने को ऐसे को छोड़ सकोगे?

तब तुम भी शिव बन जाओगे, शिवलिंग कहलाओगे।

(ऐसी मान्यता है कि नर्मदा नदी का हर पाषाण शिवलिंग होता है या उनसे स्वाभाविक और उत्तम शिवलिंग बनते हैं। नर्मदा या रेवा नदी हमारे देश की 7 पवित्र नदियों में से एक है। नर्मदा नदी छत्तीसगढ़ में अमरकंटक मैं विंध्याचल गाड़ी श्रृंखला से निकलती है और आगे जाकर अरब सागर में विलीन हो जाती है। अमरकंटक में माता नर्मदा का मंदिर है । यह ऐसी एकमात्र नदी है जिस की परिक्रमा की जाती है यह उलटी दिशा में यानी पूरब से पश्चिम की ओर बहती है । इसे गंगा नदी से भी ज्यादा पवित्र माना जाता है । मान्यता है कि गंगा हर साल स्वयं गंगा दशहरा के दिन नर्मदा नदी के पास प्ले के लिए पहुंचती है ।यह एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। इस प्राचीन नदी की चर्चा रामायण, महाभारत , पुराणों और कालिदास के साहित्य में भी मिलता है।

हमारा जीवन भी ऐसा हीं है। जीवन के आघात, परेशनियाँ, दुःख-सुख हमें तराशतें हैं, हमें चमक  प्रदान करते हैं ।

Life is a journey of self discovery. Describe your journey till now or a part of your journey which brought to closer to a truth about life or closer to your soul and self-discovery. #SelfDiscovery

 

शब्दार्थ -word meaning

 

नियंता – ईश्वर, भगवान

प्रवाह – धार, बहाव

नर्मदा – नर्मदा नदी

 

 

images from internet.

 

Source: शालिग्राम और नर्मदा ( कविता )

जीवन में रिक्तता का अहसास- एमटी नेस्ट सिंड्रोम, मनोविज्ञन Empty nest syndrome – Psychology

empty-nest

Empty nest syndrome is a feeling of loneliness, depression, sadness, anxiety and grief in parents, when their children leave home for job, further studies or to live on their own.

एमटी नेस्ट सिंड्रोम – बङे होने पर बच्चे नौकरी, अध्ययन या घर बसाने के लिये माता-पिता से अलग हो जाते हैं। जिससे माता-पिता मानसिक तनाव, चिंता, दु: ख और अकेलापन महसूस करते हैं । जैसे पंक्षियों के बच्चे बङे होते हीं घोंसला छोङ कर उङ जातें हैं, वैसे हीं बच्चे बङे होने पर घर छोङ कर वैसे हीं रिक्तता का अहसास माता-पिता को देते हैं। यह सिंड्रोम माता-पिता में अवसाद, उदासी, और दु: ख की भावनाएँ भर देता है।महिलाओं में एमटी नेस्ट सिंड्रोम पुरुषों से अधिक पाया गया हैं.
प्रभाव
1. जीवन के उतर्राध की समस्याँए
2. कुछ खोने की भावना
3. अवसाद और चिंता
4. आत्म पहचान खोने की भावना
5. वैवाहिक जीवन पर कुप्रभाव
6. महिलाओं में आम

सकारात्मक प्रभाव –
बच्चों के ना रहने से पारिवारिक काम के दायित्व अौर उससे संबंधित समस्याअों मे कमी आती है। जिससे माता-पिता को एक दूसरे के साथ जुड़ने के लिए नये अवसर मिलते है। फलतः आपसी संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पङता है।

1. पारिवारिक काम के बोझ में कमी –
2. परिवार संघर्ष में कमी
3. संबंधों में सुधार –

 

समाधान

1. सच्चाई स्विकार करते हुए अपने आप को परिवर्तन के लिए अनुकूल करने का प्रयास करना चाहिये।
2. बड़े फैसले तब तक स्थगित करना चाहिये, जब तक मनःस्थिति अनुकूल ना हो। यह तनाव के स्तर को कम रखेगा। उदाहरण के लिये बच्चों के साथ रहने का निर्णय या बड़ा घर बेच कर छोटे घर में रहने का निर्णय आदि तभी लेना चाहिये, जब मन शांत हो जाये।
3. मित्रों और सहयोगियों से मिलना जुलना व संबंध बनाना चाहिये।
4. एक ऐसी बातों की सूची बनाएँ जो आप कभी करना चाहते थें। अपने
रुचि, शौक अौर शगल को फिर से जीवन में लायें।
5. अपनी हाबी को पुनः जीवित करें। लेखन, चित्रकला, संगीत जो भी चाहें, शौक को आगे बढ़ायें।
6. प्राणायाम, योग, व्यायाम आदि जरुर करें।
7. सकारात्मक दृष्टिकोण अपनायें।

 

सुझाव –

कुछ लोग अतिसंवेदनशील होते हैं। उनके लिये यह समस्या स्वंय सुलझाना सरल नाहीं होता है। ऐसे अभिभावकों को काउन्सिलर की मदद लेनी चाहिये।

 

 

images from internet.

2 Year Anniversary with Word Press मेरी खुबसूरत ब्लॉग दुनिया -कविता

 

 

मेरी ब्लॉग की दुनिया

बडी खुबसूरत , सकरात्मक

और रंगो से भरी हैं.

देश – दुनिया , रंग, जात , धर्म

की सीमा से आजाद.

ना बंधन ना विवाद.

सिर्फ मित्रों की टोली

और ज्ञान -विज्ञान

मन की बातें ,

दिल की पीडा.

जो चाहे उडेल दो.

संगी -साथी बाँट लेंगे.

मेरे ब्लॉग की दुनिया बड़ी खूबसूरत हैं.

खेल – खेल कर स्वस्थ रहें -मनोविज्ञन Psychology-Sports and Physical Activity Reduces Stress

पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब।
खेलोगे कूदोगे होगे खराब।

बचपन में यह जुमला अक्सर सुनने के लिये मिलता था। क्या आप विश्वास करेगें, आज यह बात विपरीत होती जा रही है। आज लोग खेल मे भाग लेते हुए तनाव के स्तर को कम करने और अच्छा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्राप्त रखने की बातें कर रहें हैं।

मेडिकल शोधकर्ताओं, डॉक्टरों अौर अमेरिकन एसोसिएशन आफ एंजाईटी एंङ ङिप्रेशन के अनुसार, खेल और नियमित व्यायाम से हम अपनी चिंताओं और अवसाद को नियंत्रित कर अपने दिमाग को राहत पहुँचा सकते हैं।साथ हीं फील गुड एहसास प्राप्त कर सकते हैं। वास्तव में यह सच्चाई भी है कि खेल , व्यायाम तथा योग तनाव से राहत प्रदान करते हैं। ये शारीरिक गतिविधियाँ तनाव कम करते हैं।

तनाव

सामान्य तनाव जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है।पर सामान्य से अधिक तनाव या चिंता गंभीर मानसिक समस्या है। सर्वेक्षणों के अनुसार अमेरिका में हर दस वयस्क में सात गंभीर दैनिक तनाव या चिंता के शिकार होते हैं।

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन ने 2007 – 2008 में एक सर्वेक्षण किया। इसमें पाया गया, लोगों को तनाव के कारण तथा उससे होने वाले शारीरिक और भावनात्मक तनाव में पिछले एक साल में वृद्धि हुई है।

एक ऑनलाइन सर्वेक्षण के अनुसार 14 प्रतिशत, लोग तनाव से निपटने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करते हैं। 18 प्रतिशत दोस्तों या परिवार से बात करते हैं,। सोकर 17 प्रतिशत लोग तनाव कम करने की कोशिश करते हैं।फिल्में या टीवी देख कर14 प्रतिशत, 13 प्रतिशत संगीत सुन कर अौर खाना या मनपसंद भोजन से 14 प्रतिशत लोग तनाव कम करने की कोशिश करते हैं।

तनाव का प्रबंधन कैसे करें – मानसिक स्वास्थ्य

खेल और नियमित व्यायाम शारीरिक और मानसिक तनाव से राहत देता है। साथ हीं नींद को बढ़ती हैं।

* जीवन में बादलाव जरुरी है –
मनोरंजन, खेल, शरीरिक गतिविधियाँ , योग आदि उपलब्धि की भावना और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। साथ हीं जीवन में परिवर्तन लाते रहते हैं। जो मन में जमे तनाव को पिघलाता हैं।

* एंडोर्फिन – फील गुड मस्तिष्क रसायन
खेल, नियमित व्यायाम अौर शारीरिक गतिविधियाँ, हमारे शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर या मस्तिष्क रसायन एंडोर्फिन शरीर के उत्पादन को उत्तेजित करते हैं। एंडोर्फिन हमारे मूड में सकारात्मक परिवर्तन के लिए जिम्मेदार है। एंडोर्फिन के स्तर में वृद्धि से “फील गुड” भावना आती है, दर्द कम होता है और तनाव और अवसाद में कमी आती है। खिलाङी इसे परम उत्साह की स्थिती या रनरस हाई (runner’s high) कहतें हैं।

* समाजीकरण, लोगों से मिलना -जुलना
समाजीकरण किसी भी तनाव प्रबंधन दिनचर्या का एक जरूरी हिस्सा है। लोगों से मिलने -जुलने, टीम में खेलने अौर भाग लेने से हमारे शरीर में ऑक्सीटोसिन हार्मोन का स्त्राव बढ़ाता है। ऑक्सीटोसिन हार्मोन हमें तनावरहित कर चिंता स्तर को कम करता है।

* आत्म सम्मान
क्या आप जानते हैं, आत्म सम्मान की भावना और आत्म प्रभावकारिता की भावना हमारे तनाव के स्तर को कम कर सकते हैं ? जिसे आप खेलकूद से प्राप्त कर सकतें हैं। यह आप की सुस्ती, उदासीनता, आत्म घृणा यहां तक कि अवसाद की भावनाओं को कम कर सकती है।यानि तनाव से लङने के लिये नियमित खेलकूद व व्यायाम शक्तिशाली हथियार है।

* स्वस्थ आदतें
खेलकूद व व्यायाम से अच्छी भूख लगती है। जो हमें पौष्टिक भोजन, नाश्ता और पेय पदार्थों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करती है।साथ हीं वजन भी नियंत्रित करती हैं। इससे सोने की दिनचर्या में सुधार तथा फिटनेस आता है।

* शरीर और मन का कसरत
अध्ययनों से पता चलता है कि शारीरिक गतिविधियाँ सतर्कता और एकाग्रता में सुधार लाती हैं। यह तनाव कम कर शारीरिक ऊर्जा अौर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ातीं हैं। खेल, ध्यान आदि के समय लिये गये गहरे सांस एंडोर्फिन का उत्पादन कर सक्रिय और स्वस्थ महसूस कराती हैं।

अगर आपको खेल – खेल में शारीरिक और मानसिक पुरस्कार प्राप्त करना हैं, तब खेल अौर शारीरिक गतिविधियाँ उम्र अौर अपनी क्षमता के अनुसार बढ़ाएँ अौर स्वस्थ रहें।

मृत कल अौर अजन्मा कल – कविता ” Dead yesterday n unborn tomorrow” -Poem #celebrateTodayThisMoment


Indian Bloggers

“Dead yesterday n unborn tomorrow , why fret about them , if today be sweet.”

कहते हैं, बीती ताहि बिसार दे , आगे की सुधि ले..

 जो बीत गई सो बात गई!!

पर बीता इतिहास तो सबक देता है।

गर उसे बोझ ना बना लें हम,

आनेवाला दिन , क्या होगा कैसा होगा?

भविष्य के गर्भ में क्या छुपा है? कौन जाने?

भविष्यनिर्माण योजना ना बनायें?

यह सपना भी तो जरुरी है।

पर यह ख्याल, यह फलसफा भी बुरा नहीं-

“कल हो ना हो……

इस क्षण  को जी लें आज ”

भविष्य के दिवा स्वप्न ,

भूत के बोझ

मृत कल अौर अजन्मे कल की चिंता क्यों?

गर आज  मधुर, खुशनुमा हो…….

शब्दार्थ-

दिवा स्वप्न – day dreaming

बिसार – forget

भविष्यनिर्माण योजना- future planning

भूत- Past

Indispire Topic-

Regretting the past and worrying about the future will further flatten the time in which you are living and celebrate today and try to employ the most of it.Write a post on the celebration of Today ..This moment is the only truth. #CelebrateTodayThisMomen

image from internet.

भाषा बाधा नहीं, अभिव्यक्ति है – कविता #EnglishAttacks

Language is not a barrier but a medium of expression.


Indian Bloggers

भाषा बाधा नहीं, अभिव्यक्ति है।

वैश्विक होती दुनिया के सिमटने  से,

एक -दूसरे से बातचीत करने के लिये

एक  आम माध्यम तो चाहिये।

              कभी

एक समय था जब अँग्रजी राज में सूरज डूबता नहीं था।

तभी से उनकी भाषा ने भी  राज किया।

अँग्रेज  तो चले गये,

पर अगर आज भी हम उनकी भाषा की गुलामी

करते हैं , तब यह हमारी कमजोरी है।

  क्योंकि

भाषा कोई भी हो, चमक बोलनेवाले में होती है।

मातृभाषा से ज्यादा  मधुर कुछ भी नहीं ।

भाषा बाधा नहीं, अभिव्यक्ति है !!!!!

शब्दार्थ / word meaning

अभिव्यक्ति – medium of expression.

वैश्विक-global.

आम – common.

l

IndiSpire Topic –

Does speaking well in English add a sparkle to the personality of a person? If ‘yes’, then do you feel it is right? Share your views. #EnglishAttacks

संगीत की सृजनात्मक शक्ति #MusicDilSe

संगीत

ध्वनियाँ जब विशिष्ट लय में बँध जाती है, तब संगीत का रुप ले लेती हैं। संगीत वह जादू है, जो  मन-मस्तिष्क को स्पर्श कर उल्लसित करता है।  भारतेन्दु हरिश्चन्द्र  के अनुसार – संगीत की उत्पत्ति मानवीय संवेदनाअों  के साथ हुई। संगीत के माधुर्य की  अपनी एक भाषा  होती है। जो सभी भाषाअों से परे है। अर्थ मालुम हो या ना हो,  किसी भी भाषा का मधुर संगीत दिल को छु जाता है।

संगीत की उत्पत्ति

प्राचीन सभ्यताओं की मूर्तियों, मुद्राओं व भित्तिचित्रों से पता चलता  है कि  संगीत हजारों वर्ष पुरानी कला है।  संगीत की उत्पत्ति की  अनेक रोचक कथाएँ प्राचीन भारतीय शास्त्रों में मिलती हैं।  देवता, गन्धर्व, अप्सराएँ,  किन्नर वाद्य- गान के लिये जाने जातें हैं। गान्धर्व-कला में गीत सबसे प्रधान माना जाता है।  सारे विश्व में संगीत के लिए अलग-अलग शब्द हैं। यूनान मे म्यूज काव्य और संगीत की देवी मानी गयी है।   उन्हें “दि इन्सपायरिंग गॉडेस ऑफ साँग’ अर्थात् ‘गायन की प्रेरक देवी’ कहा गया है। इसी म्यूज  शब्द से म्युजिक व अन्य  साम्य   शब्दों की उत्पत्ति हुई  है। जैसे यूनानी भाषा में संगीत को मौसिकी,  लैटिन में मुसिका,   फ्रांसीसी में मुसीक,  पोर्तुगी में  मुसिका,  जर्मन में मूसिक, अंग्रेजी में म्यूजिक,  इब्रानी, अरबी और फारसी में  मोसीकी  कहते हैं।

संगीत की देवी सरस्वती

एक अद्भुत अौर विशेष बात यह है कि   यूनान की परम्परा में देवी म्यूज की अवधारणा, भारत की  सरस्वती देवी से बिलकुल मिलती-जुलती है।  देवी सरस्वती को भारतीय  संसकृति में साहित्य, संगीत, कला की देवी माना जाता है। देवी सरस्वती के एक हाथ में  वीणा होती है। यह  संगीत  कला की अभिव्यक्ति है।

संगीत अौर धर्म का गहरा सम्बंध –

संगीत मात्र मनोरंजन का साधन नहीं है। वरन यह मानसिक  शान्ति तथा आत्मिक स्वास्थ्य प्रदान करता है। यही कारण है कि संगीत लगभग हर धर्म से गहरे जुङा है। जो हमें जीवनभर हमारी मानसिक और भावनात्मक समस्याओं से लड़ने में मदद करता है। प्रत्येक धर्म अौर आध्यात्म   में भक्ति संगीत किसी ना किसी रुप में शामिल होता है जैसे – भजन, किर्तन,

संगीत का उपयोग

संगीत  भावुक अभिव्यक्ति मात्र   नहीं है। आजकल  वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं द्वारा संगीत की  विलक्षण बातों का  उपयोग शारीरिक  और मानसिक रोगों के निदान  के लिये  किया जा रहा  है।  अब संगीत उपचार भी एक चिकित्सा पद्धति बन गई है और उसका उपयोग सफलतापूर्वक  हो रहा है। दिलचस्प  बात है कि    वनस्पति और प्राणियों पर भी संगीत के   अच्छे परिक्षण   परिणाम  पाये गये  हैं।

I am writing this blog for #MusicDilSe Blogging Contest at  www.funkaar.in

http://www.funkaar.in

 

 

 

Image from internet.

Mystery Blogger Award –


Indian Bloggers

Thanks a lot for Mystery Blogger Award. It’s so nice to know that there are fellow bloggers who really appreciate and believe in my work.

I have been nominated by a very dedicated and talented blogger – Vishal. Thanks for thinking of me and nominating my name Vishal. I am sure you all will love his blog on –Vishal . I really appreciate my nomination and am grateful to have been thought of.

WHAT IS MYSTERY BLOGGER AWARD?
“Mystery Blogger Award” is an award for amazing bloggers with ingenious posts. Their blog not only captivates; it inspires and motivates. They are one of the best out there, and they deserve every recognition they get. This award is also for bloggers who find fun and inspiration in blogging; and they do it with so much love and passion.

https://okotoenigma.wordpress.com
– Okoto Enigma

RULES

Put the award logo/image on your blog
List the rules.
Thank whoever nominated you and provide a link to their blog.
Mention the creator of the award and provide a link as well
Tell your readers 3 things about yourself
You have to nominate 10 – 20 people
Notify your nominees by commenting on their blog
Ask your nominees any 5 questions of your choice; with one weird or funny question (specify)
Share a link to your best post(s)

add the link of your favourite post-

Rekha

As the creator, I will follow every rule and nominate people so that other nominees can see how it’s done and so on. I won’t post the rules again because it’s written above; but every nominee have to post the rules (Copy and paste it on your blog instead. Do not change the rules). You also have to say what the award is about. If you have any question, feel free to ask. Here goes:

My nominations are –

Vivek Vatsal1

Masoom Jethwa

MinionSays

D P Dash

LavnikSwara

Karthik

rationalraj2000

Sunaina

Rakesh

uk8971

Anupriya

जितेन्द्र माथुर

kutukamus

krishnaagyani

All of you are amazing and one of a kind. I am glad to have crossed paths with each one of you.    All the best. Keep blogging and keep smiling.
Questions for you….

What is your worst experience of life?

What you like to eat in breakfast?

Which is your favorite colour?

What is your aim in your life?

What makes you happy and proud?

My Answers are-

What is your worst experience of life?

Saw a road accident.

What you like to eat in breakfast?

Anything fresh and testy.

Which is your favorite colour?

PINK

What is your aim in your life?

To be known as a good counsellor.

What makes you happy and proud?

My two daughters achievements.

3 things about me.

I love doing painting, but I am out of practice.

I am very bad singer.

I am very creative. I believe that everything can put to some use and wastage can be minimise.

I get a good response on my all posts,but Hard Work was very appreciated by you all

Thank you Friends of my Blog world.

Rekha

प्लास्टिक धन -कविता #Demonetization

Indian Bloggers

8 बजे तक के धन, 8:15 में बेकार कागज बन गये।

पर काले धन खत्म होने की बातों ने,

देशभक्ति की भावना भर दी।

      कुछ बचाये -छुपाये छुट्टे पैसे ले

बाजार गई।

बङी सस्ती सब्जियाँ अौर रोते किसान मिले।

मातम करती कामवालियों अौर

गोलगप्पे की जिद करती बिटिया से

नजरें बचाती, खाली एटीम अौर पर्स  देख

प्लास्टिक धन ले माॅल पहुचीँ।

उन्हीं सब्जियों को 5-10 गुणा मंहगा पाया।

क्यों नहीं देखते –

हमारा पैसा कहाँ है जाता?

कुछ समझ नहीं आता,

जो हो रहा है कितना सही या गलत है,

कोर्ट अौर नेताअों की सौ बातें सुन,

कुछ समझ नहीं आता।

 

 

शब्दार्थ –

प्लास्टिक धन- Plastic Money

 

Indispire -144

The Versatile Blogger Award. (II)


Indian Bloggers

Thanks a lot for   Versatile Blogger Award. It’s so nice to know that there are fellow bloggers who really appreciate and believe in my work.

I have been nominated by a very dedicated, lovely and beautiful  blogger –  Sweta Ojha.  Thanks for thinking of me and nominating my name Sweta. I am sure you all will love her blog  on –   Sweata . I really appreciate my nomination and am grateful to have been thought of.

RULES:

Thank the person who nominated you.
Share the award on your blog.
Share 7 random facts about you.
Tag 5 bloggers with less than 1000 followers.
Let them know that they have been nominated.
The seven random facts  about me are –

I love doing painting, but I am out of practice.

I am very bad singer.

I love to bake.

I am very creative.

I wish I could dance well.

I believe that   everything can put to some use and wastage can be minimise.

My nominations  are –

Kavita

Priyadarshini

Sunaina

Abhishek

Amit Misra

All of you are amazing and one of a kind. I am glad to have crossed paths with each one of you.

All the best. Keep blogging and keep smiling.