उन लम्हों में

कमियाँ किसमें नहीं?

पर सबसे बड़ी कमी है वही,

ज़ेहन के अँधेरे को मानना सही।

कभी ख़ुद का आईना बन तो सही।

नेकनीयती से गौर कर कभी

अपनी सकारात्मक और नकारात्मक,

अच्छी और बुरी बातों की बही।

नज़रों के सामने से हटेगा कम-निगही।

अपनी होड़, अपनी स्पर्द्धा अपने आपसे कर,

ईमानदारी और प्यार से खुद का ऑडिट कर।

अच्छा-बुरा जो भी पाया उन लम्हों में

उसका हर दिन रियाज़ कर।

अर्थ- कम-निगही- short sighted

Positive Psychology- Self-acceptance is the

first step to self-mastery. Mastery of the

self comes from accepting all our flaws.

Talk To Yourself with empathy.

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