दीवारों की ज़ुबान

दीवारों ने कहा – तुम सबों के राज दर राज खुल चुके होते.

अगर कान के साथ-साथ ज़ुबान भी होती हमारी.

 

17 thoughts on “दीवारों की ज़ुबान

  1. बिल्कुल सही।
    दीवारों के कान होते हैं तो जुबाँ भी,
    वे भी बोलते हैं
    मगर हम अपनो की नही सुनते,
    उनकी क्या सुनेंगे।

    Liked by 1 person

Leave a reply to Madhusudan Cancel reply