आँखों से छलकती ख़ुशियाँ जब,
पीछे छुपे ग़म को ढक लेतीं हैं ….
धूप-छांव, धुँध-धुआँ और
बे-वजह मुस्कुराहट भरी
रिश्वतों के पीछे.
कुछ पल जश्न मना लेते हैं…..

आँखों से छलकती ख़ुशियाँ जब,
पीछे छुपे ग़म को ढक लेतीं हैं ….
धूप-छांव, धुँध-धुआँ और
बे-वजह मुस्कुराहट भरी
रिश्वतों के पीछे.
कुछ पल जश्न मना लेते हैं…..

Nice to read
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Thank you Rupam
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बहुत खूब।👌👌
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शुक्रिया .
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सुंदर
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तहे दिल से शुक्रिया .
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