
Goodbyes are only for those
who love with their eyes,
Because for those who love
with heart and soul there is
no such thing as separation.
~~Rumi
#TopicByYourQuote

Goodbyes are only for those
who love with their eyes,
Because for those who love
with heart and soul there is
no such thing as separation.
~~Rumi
#TopicByYourQuote

आईने ने पूछा –
क्यों लिए फिरती हो मुझे साथ?
मैंने कहा –
यक़ीं है, कड़वे लोगों को बेहतरीन
ज़वाब दे ऊपरवाला थामे रहेगा मेरा हाथ।
पर भूल से भी अहंकार में ना डूब जाऊँ,
आईने में खुद को देख नज़रें झुकाऊँ,
इस कोशिश में कि मैं ख़ुद आईना बन जाऊँ।
अपने से अपनी होड़ लगाऊँ।
Interesting fact –
Stay true to yourself. As what brings
you a sense of happiness, purpose
and meaning in life is important.
इश्क़ है जागती रातें, उनींदी आँखें, गुनगुनाते गीत।
मुहब्बत है ख़्वाब, सितारे, चिराग़, चाँद
अँधेरी रातें, अधूरा चाँद, अधूरे किस्से।
इस इश्क़ को हीं कहते हैं बंदगी।
हम तो जी रहे हैं यही ज़िन्दगी।
तुम एक बार में लगे टूटने?
हँस कर पूछा चाँद ने।


चाँद हो आग़ोश में,
तो सितारों से उल्फ़त नहीं करते।
रौशन हो जहाँ आफ़ताब से,
तो जुगनुओं की रौशनी पर नहीं मरते।


गहरे सागर मंथन से अमृत मिला और गरल।
अपने अंदर के रौशनी-अंधकार समझ ऊपर उठना है,
अपनी भावनाओं-विकारों को देखना-समझना है,
तब दिल-औ-दिमाग़ का सागर मंथन है सबसे सरल।

ज़िंदगी मिली है जीने के लिए,
गिरने-उठने और दमकने के लिए।
सब हैं अलग-अलग पर ख़ास।
तारीफ़ कीजिए बनाने वाले की।
ग़लतियाँ कीजिए और सीखते रहें
नए-नए सबक़-ए-ज़िंदगी।
बदलाव है अहम हिस्सा, मज़ा लीजिए
बदलते सफ़र-ए-ज़िंदगी का।
Happy Psychology / Positive Psychology Fact-
Keep trying new things as life gets boring
when we stay within the limits of know
activities. In such a case, we start working in
an autopilot mode. Which is not good for
our mental health.

अनजानी चाह में,
ना दे बिसार जो है हाथ में।
कई धोखे…वहम भरी
आँख-मिचौली खेलती,
शोख़ ख्वाहिशें हम सब
उम्र भर रहते हैं तलाशते।
मिलने पर ग़र ना आए रास तो?
कहते हैं – हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी
कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन
फिर भी कम निकले।

कुछ लोग होते हैं
ख़ूबसूरत ख़ामोश किताब से।
दमकते सुनहरे अल्फ़ाज़ों में लिखे नाम से।
समय की बहती बयार जब छेड़-छाड कर
खोलती है जिस्म-ए-किताब,
वरक़ दर वरक़, पन्ने दर पन्ने .. …
ख़ुशियों औ ग़म-ए-ज़िंदगी की
खुल जाते है कई हिसाब।
हर एक लफ़्ज़, अल्फ़ाज़ औ
तहरीरे बोल उठतीं है,
गुफ़्तगू कर उठती है दास्तान-ए-ज़िंदगी।
Psychological fact- if we hold things tight
and hide them away . it will burst out
some day. bottled up emotions may affect
the mental health negatively too.

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