Tag: life
Beautiful Bhigwan – A Bird Sanctuary
Bhagwan is located on the Pune-Solapur Highway(Maharastra) around 105 km from Pune on the backwaters of Ujani dam. Its famous for migratory birds such as Ducks, Herons, Egrets, Raptors and Waders along with flocks of hundreds of flamingos

Searching for Breakfast – Black Headed Ibis,

Asian Open Billed Stork and Black-winged Stilt in noon.

An evening in Bhigwan with seagulls……. lovely seabirds

beautiful long tailed, Green Bee Eater

Grey Heron ready to take a flight……..

I wish I could fly like a bird एक आजाद परिंदे की तरह……..
Image courtesy Chandni Sahay
धोखा और फरेब-कविता Deception- poetry
Kerala mangoes arrive early this year – growers expect them to be ready by the second week of March. ( News; indianexpress, Mon, Feb 13, 2017)
Research reveals that global warming is compelling birds into early migration. Migrating birds are arriving at their breeding grounds earlier as global temperatures rise.
धोखा और फरेब हमने किस- किस को सिखा दिया है?
प्राकृति को देखकर
लगता है क्या कभी हम भी ऐसे थे
पवित्र- पावन, सच्चे?
अब तो करवटें बदलते मौसम ने भी
रंग दिखाना शुरु कर दिया है
समय से पहले प्रवासी पंछी उड़कर आने जाने लगे हैं
फल – फूल भी मौसम से पहले खिलने फलने लगे हैं
क्या हमसे यह धोखा फरेब मौसम ने भी सीख लिया है?
Image courtesy Chandni Sahay.
मेरा ब्लॉग -नरेटिवे ट्रांसपोटेशन या परिवहन कल्पना My Blog-Narretive Transportation
About the name of my blog –
Narrative transportation theory proposes that when people lose themselves in a story or write-up, their attitudes and intentions change to reflect that story.
According to Psychology this theory can be used to explain the persuasive effect of what people read. Stories, poetry and write-ups may have a huge influence on the readers mind .
मेरे ब्लॉग के नाम के विषय में –
मेरे ब्लॉग का नाम नरेटिवे ट्रांसपोटेशनया परिवहन कल्पना है। यह नाम कुछ अलग सा है। इसलिए मैं इस बारे में कुछ बातें करना चाहूंगी। कभी-कभी हम किसी रचना को पढ़ कर उसमें डूब जाते हैं। उसमें खो जाते हैं। उस में कुछ अपना सा लगने लगता है। ऐसी कहानी या गाथा जो आप को अपने साथ बहा ले जाये। हमारा मन उसमें ङूब जाये । इस प्रभाव को कथा परिवहन अनुभव या नरेटिवे ट्रांसपोटेशन कहते हैं। यह एक मनोवैज्ञानिक सिद्धांत है।
मैं चाहती हूँ कि मेरी रचनाओं को पढ़ने वाले पाठक भी ऐसा महसूस करें। इसमें हीं मेरे लेखनी की सार्थकता है। शब्दों का ऐसा मायाजाल बुनना बहुत कठिन काम है। फिर भी मैं प्रयास करती रहती हूँ। अगर मेरा यह प्रयास थोड़ा भी पसंद आए। तब बताएं जरूर। यह मेरा हौसला बढ़ाएगा।
मौसम के साथ उङते प्रवासी परिंदे- कविता Migratory birds – Poem
Research reveals that global warming is compelling birds into early migration. Migrating birds are arriving at their breeding grounds earlier as global temperatures rise.

मौसम के साथ उङते रंग- बिरंगे परिंदे,
कुदरत के जादुई रंगों के साथ,
जहाँ का मौसम माकूल – माफिक हो
वहीं चल देते हैं।
हमारी तरह बंधनों से बंधे नहीं हैं।
ये बंधनों से ऊपर, घुमक्कड़ बंजारों से।
थके,-हारे, हजारों मीलों से उङ कर आते हैं।
हम आशियाना अौर समाज के बंधन से बंधे लोग
इन की प्राकृतिक जीवन को समझे बिना।
नैसर्गिक सृष्टि के नियम से छेङ-छाङ कर,
इन्हें तकलीफ पहुँचाते हैं।
शब्दार्थ- Word meaning
घुमक्कड़, बंजारा – gypsy
माकूल, माफिक – suitable
कुदरत,सृष्टि – nature,
सृष्टि – Creation
नैसर्गिक – Natural
प्रवासी – Migratory
Image from internet.
Images courtesy Chandni Sahay.
विज्ञान की नई खोज- किमेरा भ्रूण(chimera embryos -growing spare human organs in other animals)
Scientists Create First Human-Pig Chimeric Embryos – Researchers may one day overcome the problem of organ shortages for transplantation by growing spare human organs in other animals. A group led by scientists at the Salk Institute for Biological Studies has taken the first big step toward making this a reality (on January 26 , 2017 ) in Cell, they report having grown the first human-pig chimeric embryos.
हर साल दुनिया में हजारों लोगों की मृत्यु मानव अंगों की कमी की वजह से होती हैं। लगभग हर दस मिनट में एक न एक व्यक्ति अंग प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा सूची में जोड़ा जाता है और हर दिन, उस सूची में 22 लोगों को अंग की जरूरत पूरी नहीं होने से मर जाते हैं।
कैलिफोर्निया में सॉल्क इंस्टीट्यूट फोर बायलॉजिकल स्टडीज, अमेरिका के वैज्ञानिकों ने सुअरों के अंदर इंसानी अंग उगाने के प्रयोग किया हैं । 26 जनवरी, २०१७ को वैज्ञानिकों ने एक उल्लेखनीय घोषणा की । वे पहली बार सफल मानव पशु संकर बनाने में सफल हुए हैं। पहला मानव-सुअर संकर भ्रूण प्रयोगशाला में बनाया गया है। अभी प्रयोग शुरुआती दौर में है। पर वैज्ञानिकों विश्वास है कि एक दिन प्रयोगशाला में मानव अंग विकसित अौर प्रत्यारोपित किये जा सकगें।
इस प्रक्रिया के तहत मरीज के ही शरीर की मूल कोशिकाओं को सूअर के शरीर में विकसित किया जा सकेगा। एक बार अंगों के विकसित हो जाने पर उसे मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। ये अंग मरीज की अपनी कोशिकाओं से विकसित होने केी वजह से शरीर द्वारा स्वीकार किए जाने की ज्यादा संभावना रहेगी ।
Image from internet.
रेत के कण ( कविता ) #LessonOfLife
क्या रेत के कणों को देख कर क्या
यह समझ आता है कि कभी ये
किसी पर्वत की चोटी पर तने अकडे
महा भीमकाय चट्टान होंगे
या कभी
किसी विशाल चट्टान को देख कर मन
में यह ख्याल आता है कि समय की
मार इसे चूर-चूर कर रेत बना देगी?
नहीं न?
इतना अहंकार भी किस काम का?
तने रहो, खड़े रहो पर विनम्रता से।
क्योंकि यही जीवन चक्र है।
जो कभी शीर्ष पर ले जाता है और
अगले पल धूल-धूसरित कर देता है।
शब्दार्थ- Word meaning
रेत -Sand
कण-Particles
पर्वत की चोटी – the top of the mountain
भीमकाय चट्टान – giant rock
चूर-चूर – Shattered
अहंकार – narcissism , Ego, high-and-mighty
विनम्रता- politeness, humbleness
जीवन चक्र- Life Cycle
शीर्ष – Top
What is the best lesson that life has taught you so far? #LessonOfLife
Source: रेत के कण ( कविता )
जो गिनती में नहीं हैं-कविता
Pune civic polls: At 56, she waits to walk with pride, sporting blue ink on finger
Namira Shaikh, along with 43 other sex workers, will receive their voter identity cards on January 25, National Voters’ Day. ( News -The Indian Express ,PUNENewsLine Tuesday January 24, 2017)
उनका क्या जो गिनती में नहीं हैं,
पुत्री, पत्नी या वधु नहीं मात्र नगरवधु है।
पण्यै: क्रोता स्त्री ( रुपया देकर आत्मतुष्टि के लिए खरीदी गई नारी),
वेश्या, गणिका, वारवधू, लोकांगना, नर्तकी कह
शतकों से प्रेयशी – रक्षिता बन ,
मन बहलाती रही।
उस का प्रवेश निषिद्ध क्यों सभ्य समाज में ?
जीवन-मृत्यु में उसकी गिनती हीं नहीं।
चलो, उन्हें गिनने का, ऊपर उठाने का विचार तो आया।
शब्दार्थ – word meaning
वेश्या, गणिका, वारवधू, लोकांगना,रक्षिता,नगरवधू, पण्यै: क्रोता स्त्री- रुपया देकर आत्मतुष्टि के लिए खरीदी गई नारी -Prostitute.
शतकों – Centuries.
प्रवेश निषिद्ध -No entery.
सभ्य समाज -Civilised society.
Image courtesy – internet.
धुंध- जिंदगी के रंग- 11(कविता) A Tributes -poetry
Etah road accident: School bus collides with truck killing over 20 school kids, dozens injured.( 19th January, 2017)

राह चलते-चलते ,
सामने धुंध छा गया।
धुंधली राह में ङगर खो गया।
हँसते- खिलखिलाते नन्हें-मुन्ने भी
खो गये कोहरे की चादर में।
रह गये बिखरे नन्हें जूते, किताबें, स्कूल बैग…….
जाते हुए शिशिर अौर
आते हुए वसन्त ने पलाशों को खिला दिया।
जैसे ‘जंगल में आग’ लगा दिया।
पर ये फूल से नन्हें-मुन्ने समय से पहले मुरझा क्यों गये?
आग बनने से पहले, राख में खो गये।
रह गये ‘टेसू के आग’ से टीस दिलों में………
शब्दार्थ- Word meaning
जंगल की आग,टेसू, पलाश – flower known as flame-of-the-forest, bastard teak.
शिशिर -Winter Season
वसन्त – Spring Season
टीस – twinge, suffering, pain, misery, ache.
Images from Internet.
सपने – कविता #Dream – Poetry
सपने तो सपने है
कभी हँसाते , रूलाते , डराते , जगाते,
जाने अनजाने सपने .
फ़िर भी सपने तो सपने है.
पर बेहद अपने है.
हाँ , कभी कभी देर से सही
पूरे होते हुए भी देखा है इन्हे .
क्या आप विश्वास करेंगे ?
कभी किसी ने
अपने मौत की ख़बर और वजह
मुझे सपने में जो बताई
आँसू भरी आँखों से !
कुछ दिनो बाद उसे सच होते सुना……..
(यह मेरे जीवन की एक सच्ची घटना है. बड़ी जद्दोजहद और सोंच विचार के बाद कविता का रुप दे सकी हूँ. )
IndiSpire topic –
Have you ever seen an interesting or strange dream? Have any of such dreams come true? Do you try to figure out the meaning of your dreams?


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