तरीके और हथियार ( कविता )

मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 3

 

उसके पति ने कहा ,
सजावट की तरह रहो ,
कौन तुम्हें मदद करेगा ?
यह पुरुषों की दुनियाँ हैं.
सब के सब , कभी न कभी
ऐसे रिश्ते बनाते हैं.
अगर तुमने मेरी जिंदगी मॆं
ज्यादा टाँग अडाई ,
तब सब से कह दूँगा –
यह औरत पागल हैं.

उसने नज़रें उठाई और कहा-
सब के सब तुम्हारे जैसे नहीँ हैं.
तुम्हारे ये तरीके और हथियार पुराने हो गये ,
मुझ पर काम नहीँ करते.
हाँ , जो तुम जैसे हैं ,
वहीं तुम्हारा साथ देते हैं.

मैं नारी हूँ, रानी हूँ, शक्ति हूँ।
इसलिये शर्मिंदा होने का समय तुम्हारा हैं.
मेरा नहीँ.

आज़ के आधुनिक समय में अभी भी कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं , जो नारी को समानता का दर्ज़ा देने में विश्वाश नही रखते.

Source: तरीके और हथियार ( कविता )

चेहरा नहीं तो भाग्य तो सुन्दर होता (कविता)

मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 1

वह कभी आइने में अपना सुकुमार सलोना चेहरा देखती

कभी अपनी माँ को।

दिल में छाले, सजल नेत्र, कमसिन वयस, अल्पशिक्षित

कुछ माह की विवाहिता,

पति के चरित्रहिनता व बदमिजाजी से तंग,

वापस आई पिता ग़ृह, अपना घर मान कर।

माँ ने वितृषणा से कहा –

पति को तुम पसंद नहीं हो।

तुम्हारा चेहरा नहीं, कम से कम भाग्य तो सुन्दर होता।

वह हैरान थी, माँ तो विवाह के पहले से जानती थी

उसके ससुराल की कलकं-कथा,

अौर कहा था – घबराओ नहीं,

जल्दी हीं सुधर जायेगा।

“मेहंदी रंग लायेगी”

फिर आज़ यह उसके भाग्य अौर चेहरे की बात कहां से आई?

Source: चेहरा नहीं तो भाग्य तो सुन्दर होता (कविता)

सपने -कविता Dream

Where there is pain, the cure will come.
~ Rumi

जब छोटी थी, बङे-बङे सपने देखा करती, 

अब पहले की छोटी-छोटी बातें याद आती हैं।

खुशियों अौ गम के  खेल में यह समझ आया,

ये सब आती -जाती रहती है

 अौर

 कोई ना कोई सबक दे कर जाती हैं। 

 

​जला हुआ जंगल छुप कर रोता रहा…..

जला हुआ जंगल छुप कर रोता रहा तन्हाई में,

लकड़ी उसी की थी उस दियासलाई में।

 

 

Source: ​जला हुआ जंगल छुप कर रोता रहा…..

पहचान – कविता #JudgingPeople- poetry

मित्र आगमन पर नंगे पैर दौङ पङे कृष्ण,

ना कान्हा ने सुदामा  को आंका।

ना राम ने सबरी , हनुमान  को नापा।

हम किसी से मिलते हीं सबसे पहले,

एक- दूसरे को  भांपते है, आंकते है,

आलोचना -समालोचना करते हैं।

तभी सामने वाले का मोल तय करते हैं। 

रुप, रंग, अौकात …..

देख कर  लोगों को पहचानते हैं।

भूल जाते हैं , अगर  ऊपरवाला हमारा  मोल लगाने लगेगा,

तब हमारी पहचान क्या होगी ? हमारा मोल क्या होगा? 

Indispose,  Edition 172 –How do you feel when people judge you? Do you judge people as well? #JudgingPeople

image from internet.

Free- Quote

Take someone who doesn’t keep score,

who’s not looking to be richer, or afraid of losing,

who has not the slightest interest even

in his own personality: she/ he’s free.

~ Rumi

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दूसरों को अपने ऊपर हावी ना होने दें- गैसलाइटिंग प्रभाव-2 #मनोविज्ञान, Gaslighting #Psychology

 यह एक प्रकार के ब्रेनवॉश का तरीका  है।, मूवी गैसलाइट (1 9 44) में, एक आदमी गैसलाइटिंग प्रभाव से अपनी पत्नी की ऐसी मनःस्थिती बना देता है, जब वह सोचने लगती है कि वह अपना दिमागी संतुलन खो रही है। इस शब्द की उत्पत्ति, 1 9 38 के एक नाटक और 1 9 44 के उपरोक्त फिल्म से हुई है।

हावी होने वालों के  तकनीक — 

गैसलाइटर को पहचानना अौर अपनी सुरक्षा करना जरुरी है। ये घटनाएं अभद्र भी हो सकती हैं ,ज्यादा भ्रमित करने के इरादे से दुर्व्यवहार अपमानजनक व्यवहार भी किये जाते हैं।  आमतौर पर इस तकनीकों का उपयोग दूसरों पर करते हैं :

*  वे ज़बरदस्त झूठ बङी सफाई से बोलते हैं, यह दूसरों को अस्थिर  करने के लिये करते हैं।

*   झूठ पकङाने पर भी इनकार करते हैं, भले ही आपके पास प्रमाण हो।

*  वे आपके प्रिय लोगों या प्रिय बातों का उपयोग परेशान करने के लिये करते हैं। जैसे वे जानते आपके बच्चे/ दोस्त आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं, और वे जानते हैं कि आपकी पहचान कितनी महत्वपूर्ण है। इसलिए ये उन पहली चीजों में से किसी एक पर  वे हमला करते हैं। वे आपके अस्तित्व की नींव पर हमला करते हैं।

* वे समय के साथ धीरे-धीरे आपकी जङें खोदते हैं। यह गैसलाईटर की खतरनाक बातों में से एक है- यह समय के साथ धीरे-धीरे किया जाता है। एक झूठ है, फिर दूसरा झूठ है, हर बार धोखेवाली टिप्पणी करते रहते है  और फिर यह बढ़ना शुरू हो जाता है। यहां तक ​​कि सबसे प्रतिभाशाली, सबसे अधिक आत्म-जागृत , समझदार लोगों को गैसलाईटिंग से चूसा जा सकता है- यह इतना प्रभावी है, कि उस व्यक्ति को यह नहीं पता चलता कि उसके साथ क्या हो रहा है।

* गैसलाइटर के कार्य उनके शब्दों से मेल नहीं खाते हैं।  ऐसे व्यक्ति पर ध्यान दें कि वे क्या कर रहे हैं इसके बजाय वे क्या कह रहे हैं। वे क्या कह रहे हैं उसका कुछ अर्थ नहीं; यह सिर्फ बातें बना रहे होते है। वे क्या कर रहे हैं यह समस्या पैदा करता है

*  वे आपको भ्रमित करने के लिए साकारात्मक व्यवहार करते हैं।  यह व्यक्ति जो आपकी जङ काट रहा है, आपको बता रहा था कि आपका कोई मूल्य नहीं है। अब, जब वे आप की प्रशंसा कर रहा हैं। आप सोचते हैं, “ठीक है, ये इतने बुरे नहीं हैं। पर यह आपको परेशान करने की एक चालाकी भरा उपाय है। ध्यान दें, किस बात के लिये आपकी प्रशंसा की गई थी; शायद इससे वह आपको कुछ क्षति पँहुचाना चाह रहा है।

*  वे जानते हैं कि भ्रम की स्थिति लोगों को कमजोर करती है, उसका फायदा उठाते हैं।  ऐसे लोग जानते हैं कि सब लोग जीवन में स्थिरता चाहते हैं और जीवन सामान्य रुप से जीना चाहते हैं। उनका लक्ष्य होता है आपके जीवन की इस सामान्यता व स्थिरता को उखाड़ फेंकना। जिससे आप लगातार संशय के प्रश्नात्मक हालात में रहें। इंसान की प्राकृतिक प्रवृत्ति होती है ऐसे व्यक्ति की अोर झुकना जो स्थिर स्थिती महसूस कराने में मदद करे – और गैसलाइटर हीं आपकी मदद करने वाला व्यक्ति बन आपको धोखा देता है।

*  वे दिखावा करते हैं अौर हावी होते हैं। अगर वे नशीली दवाओं के उपयोगकरते हैं या धोखेबाज हैं, फिर भी वे आप पर लगातार आरोप लगाते रहेगें। ऐसे में अक्सर आप खुद का बचाव करने की कोशिश शुरू करेगें, और गैसलाइटर के व्यवहार से विचलित हो जायेगें।

*  वे लोगों को आपके विरुद्ध करने की कोशिश करते हैं।  गैसलाइटर हेरफेर करने में मास्टर होते हैं और कुछ लोगों को अपनी तरफ कर लेतें हैं – और वे इन लोगों को आपके खिलाफ इस्तेमाल करते हैं। वे ऐसी टिप्पणी करेंगे जैसे “यह व्यक्ति जानता है कि आप सही नहीं हैं” या “यह व्यक्ति जानता है कि आप बेकार हैं।” ध्यान रखें कि इसका मतलब यह नहीं है कि इन लोगों ने वास्तव में इन बातों को कहा है। एक गैसलाइटर निरंतर झूठ बोलता है। जब गैसलाईटर इस रणनीति का उपयोग करते है तब आप यह समझ नहीं पाते है कि आपको किस पर भरोसा करना या नहीं करना है – और यह आपको गैसलाईटर के पास ले जाता है और वह वास्तव में यही चाहते हैं: अलगाव उन्हें अधिक नियंत्रण प्रदान करता है

*  वे आपको या दूसरों को बताते हैं कि आप पागल हैं। यह गैसलाइटर के सबसे प्रभावी उपकरणों में से एक है, गैसलाइटर जानता है कि ऐसे में लोग तब आपका विश्वास नहीं करेंगे जब आप उन्हें बता दें कि गैसलाइटर अपमानजनक है या आउट-ऑफ-कंट्रोल है। यह एक मास्टर तकनीक है।

*  वे आपको बताते हैं कि हर कोई झूठा  है  सिवाय उनके । इस से आप को  दुविधा होगी कि आप को किस पर विश्वास करना चाहिये। कौन सच कह रहा है ?  यह भी एक हेरफेर तकनीक है। ऐसे में लोग “सही” सूचना के लिए गैसलाइटर की ओर मुड़ते हैं- जो फिर धोखा  देते  है।

जितना अधिक अधिक इन तकनीकों के बारे में समझते हैं, उतनी जल्दी आप उन्हें पहचान सकते हैं और गैसलाईटिंग  से बच सकते हैं।

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गूंज


हम अपने बोले शब्दों के गूजं अौर  मौन  के बीच  रहते हैं

हमारे अपने विचारों  से बनता है हमारी जिंदगी का आशियाना।

 

 

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दूसरों को अपने ऊपर हावी ना होने दें- गैसलाइटिंग प्रभाव-1 #मनोविज्ञान, Gaslighting #Psychology

Gaslighting is a form of manipulation that seeks to sow seeds of doubt in a targeted individual or members of a group, hoping to make targets question their own memory, perception, and sanity.

गैसलाइटिंग प्रभाव क्या है –
यह एक गलत अौर नाकारात्मक व्यवहार है। कुछ लोग दूसरे के दिल अौर दिमाग पर हावी हो कर, उन्हें अपने तरीके से चलाने की कोशिश करते हैं। ऐसे करीबी लोग हीं करते हैं। अगर लोगों के व्यवहार पर गौर करेंगें, तब आप अपने आसपास ऐसे लोगों को आसानी से पहचान सकते हैं। इसका प्रभावित व्यक्ति के व्यक्तित्व पर बुरा असर पङता है।

गैसलाइटिंग, हेराफेरी कर किसी को अपने तरीके से चलाने का तरीका है । ऐसे लोग लक्षित व्यक्ति या किसी समूह के लोगों में मन में संदेह के बीज बोने की कोशिश करतें हैं। लक्ष्य किये गये व्यक्ति की बातों को गलत ठहरने की कोशिश करते रहते हैं। उनके सामने उनकी याददाश्त, धारणा और विवेक पर सवाल उठाते रहते है। उनकी बातों को निरंतर अस्वीकार करना, गलत तरह से उसकी व्याख्या करना, विरोधाभास पैदा करना और झूठा ठहराना सामान्य तरीका हैं। अन्य लोगों के सामने भी उसके बारे में गलत बातें अौर धारणायें देते रहते हैं। ये सब बातें उस व्यक्ति को भ्रमित , अस्थिर व परेशान करता है और उसके आत्मविश्वास को तोङता हैं।

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मन

 

अगर मन की बातों को  पानी की तरह उङेला जा सकता,

तब मन का बोझ  बहाना कितना आसान होता।