साइकोडर्मैटोलॉजी का मतलब है दिमाग की परेशानी अौर त्वचा के बीच गहरा संबंध होता है। अक्सर मानसिक तनावों, चिंता आदि के कारण त्वचा की समस्याएँ – सोरायसिस, एक्जिमा, पित्ती, दाद, मुँहासे , त्वचा एलर्जी, कुछ प्रकार के दर्द, जलन और बालों का झड़ना आदि होता हैं।
यह साइकोसोमटिक क्षेत्र में एक नई खोज है। साइकोसोमटिक का मतलब है – मानसिक परेशानी के कारण शारीरिक बीमारी के लक्षण दिखना। यह मन और त्वचा के बीच या मानस और त्वचा के बीच का संबंध है। सरल शब्दों में कह सकते हैं – मन और त्वचा के बीच की परेशानियों को समझ कर मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सा तरीकों से त्वचा की परेशानियों का उपचार किया जा सकता है। इसका अर्थ है मन को खुश रख कर स्वस्थ त्वचा पा सकते हैं ।
रूमी की पंक्तियों आपको क्या कहतीं हैं? ज़रूर बतायें. आप सबों के विचार मेरे लिए बेहद मायने रखते हैं.
रूमी को मैंने कुछ साल पहले मायूसी के पलों में, गहराई से पढ़ना शुरू किया था. अब गीता, कबीर, रूमी, नानक और ढेरों संतों की बातों और विचारों में समानता पाया. इनकी पंक्तियाँ मुझे गहरा सुकून देतीं हैं.
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