ज़िंदगी के रंग -111

When Sun rises, the sky brightens and Venus fades away in the daytime sky. This is Venus the Morning Star

Rate this:

ज़िंदगी से हिसाब करना है

आहिस्ता- आहिस्ता…..

पहले दर्द में जीने का सबक़ तो सीख लें.

काली रात के बाद

सुबह के तारे का इंतज़ार है.

इंतज़ार है सुबह के तारे का ……

और उगते सूरज के साथ उसके खो जाने का ……

When Sun rises, the sky brightens and Venus fades away in the daytime sky. This is Venus the Morning Star.

.

बिखरती खुशबू

बिखरती खुशबू को समेटने

की चाहत देख सुगंध ने कहा –

हमारी तो फितरत हीं है बिखरना

हवा के झोंकों के साथ।

तुमने बिखर कर देखा है कभी क्या ?

इस दर्द में  भी आनंद है।

 

दर्द भरे दिल पर बोझ

दर्द भरे दिल पर पङे बोझ को जब उठाया

उसके तले दबे
बहुत से जाने पहचाने नाम नज़र आये।

जो शायद देखना चाहते थे….
तकलीफ देने से कितना दर्द होता है?

पर वे यह तो भूल गये कि
  चेहरे पर पङा नकाब भी तो सरक उनके असली चेहरे दिखा गया।

काल चक्र

जिंदगी के हसीन  पलों को

कितनी  भी बार कहो – थम जा !!

पर यह कब रुकता है?

पर दर्द भरे पलों का

बुलाअो या ना बुलाअो,

लगता है यह खिंचता हीं चला जा रहा है………

पता नहीं समय का खेल है या मन का?

पर इतना तो तय है –

वक्त बदलता रहता है………….

यह काल चक्र चलता रहता है।

जैसा भी समय हो,    बीत हीं जाता है ……….

 

 

 

दर्दे हाल

किसी का दर्दे हाल जानना है ,

तब
पास जाअो, करीब से देखो।

दूर से तो सब कुछ

सुहाना हीं सुहाना  दिखता है।

दर्द

 

सबसे गहरा दर्द तब महसूस होता है,

अपने आप को नकार कर

हर किसी को खुश रखने

की चाहत में हार जाअो।

हर पल मुस्कराता चेहरा

बहुत  खामोशी ……

अौर

हर पल मुस्कराता चेहरा…………

कभी गौर से देखो,

गर पढ़ सको………

तब दिखेगा,

यह तो  दर्द का आईना है।

जिंदगी के रंग- कविता 15

 जिंदगी ने बहुत से दर्द भरे सबक दिये, 

 उन्हें  पन्नों पर उतारते-उतारते ,

फिर से……………

इश्क हो गया  जिंदगी,  कलम  अौर कागज  से

आप   इन्हें जो चाहे कहें,

जिंदगी के रंग,  जिंदगी के फलसफे, तजुर्बे या कविता……….

 

जिंदगी के रंग- 13

किसी ने  ग़ालिब से पूछा – …..”कैसे हो?”   ग़ालिब ने हँस कर कहा –

 

जिंदगी में ग़म है……

      ग़म में दर्द  है………….

   दर्द में मज़ा है ………

अौर मज़े में हम हैं।

खुशियाँ और दर्द — कविता 

जिंदगी के बीते लम्हों ,

और हर तजुर्बे ने ,

बताया है.

खुशियाँ और मुस्कुराहटे ,

उतने अपने नहीँ होते ,

जितने दर्द और तकलीफ के,

निजी एकांत पल.