उन्मुक्त हवा-बयार बंधन में नहीं बँध सकती है।
दरिया में जहाज़ चलना हो,
तो मस्तूल या पाल को साधना होता है।
ख़ुशियाँ चाहिए तब,
नज़र आती दुनिया को नहीं
अपने नज़रिए को साधना होता है।

यह कविता आदरणीय मनोरमा जी अौर अनिल जी को समर्पित है. जो किसी कारणवश दूसरे शहर में शिफ्ट हो रहे हैं.
This poem is dedicated to respected Anil ji and Manorama ji on their farewell.
जीवन है इसलिए परेशनियाँ हैं.
जीवन का अर्थ है सीखना अौर आगे बढ़ना ।
हम सजीव हैं, इसलिए चुनौतियाँ हैं.
बदलते रहते जीवन की चुनौती है हर पल में हौसला बनाये रखना।
हम हैं, क्योंकि अपनों ने हमें ऐसा बनाया.
अतः जीवन सार है अौरों की मदद करना।
दुःख है, इसलिए ख़ुशियों का मोल है.
जीवन का रहस्य है खुश रहना।
प्यार है इसलिए जीवन का अस्तित्व है.
अतः जीवन का सौंदर्य प्रेम है।
जिंदगी में हर रिश्ते एक दूसरे से
मुकाबला,आज़माइशें या
बराबरी करने के लिये नहीं होते हैं।
कुछ रिश्ते एक- दूसरे के हौसले इज़ाफ़ा करने अौर
कमियों को पूरा करने के लिये भी होते हैं।।
तभी ये रिश्तों को दरख्तों के जड़ों की तरह थामे रखते हैं।
हम कभी क़ैद होते है ख्वाबों, ख्वाहिशों , ख्यालों, अरमानों में।
कभी होते हैं अपने मन अौर यादों के क़ैद में।
हमारी रूह शरीर में क़ैद होती है।
क्या हम आजाद हैं?
या पूरी जिंदगी ही क़ैद की कहानी है?
जब जिंदगी से कोई आजाद होता है,
किसी और को यादों की कैद दे जाता है.
सीखना चाह रहे हैं कैद में रहकर आजाद होना।
काँच के चश्मे में कैद आँखों के आँसू ..अश्कों की तरह.
The pleasure that is in sorrow is sweeter than the pleasure of pleasure itself.
~~Percy Bysshe Shelley
एक बंद दरवाजे को दस्तक देते ,
अंधेरें, एकांत में बैठ,
जीवन को मनन करते
कुछ हंसी कुछ दर्द
कुछ मधुर कुछ दुखद गीत
बन जाती है अनश्वर य़ादें।

बिगड़ी बातों को बनाना ,
नाराज़गी को संभालना,
तभी होता हैं जब
बिगाड़ने या नाराज़ होने वाला चाहे .
यह छोटी पर गूढ़ बात
बड़ी देर से समझ आई….
कि एक हाथ से ताली नहीं बजती.
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