चेहरा क्या है?
ईश्वर प्रदत उपहार….
हमारे उम्र अौर विचारों की छाया।
पर ये लफ्ज , ये बोली,
सच्चाई का आईना है
चेहरा क्या है?
ईश्वर प्रदत उपहार….
हमारे उम्र अौर विचारों की छाया।
पर ये लफ्ज , ये बोली,
सच्चाई का आईना है
समझौता, भोलापन, भरोसा हँस पङे।
बोले हमारे साथ रहने वाले का यही हश्र होता है
पर एक बात है!
हम जिंदगी का आईना अौर दुनिया की असलियत जरुर दिखा देतें हैं।
आईना भी इस नासमझी पर
खुद से माफी नहीं मागँने देता।
कि खुद को दर्द क्यों पहुँचाना?
जमाना बैठा है इस काम के लिये।
बहुत खामोशी ……
अौर
हर पल मुस्कराता चेहरा…………
कभी गौर से देखो,
गर पढ़ सको………
तब दिखेगा,
यह तो दर्द का आईना है।

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